स्लो लर्नर बच्चों को इन 5 तरीकों से बनाएं स्मार्ट

Published On  July 27, 2016 By

हर पेरेंट्स का एक ही सपना होता है कि उनका बच्चा जिंदगी के सबसे बड़े मुकाम पर पहुंचें। लेकिन बच्चों के दिमागी विकास में उनके पेरेंट्स का बहुत बड़ा हाथ  होता है। क्योंकि, बच्चों के लिए घर ही उनका पहला स्कूल होता है, जहाँ वह जिंदगी की सारी चीज़ें सीखते हैं।

हालाँकि, यह सच है कि हर बच्चा एक-सा नहीं होता है, क्योंकि हर बच्चे की अपनी फीजिकल और मेंटल ग्रोथ होती है और वह उसी के अनुसार बढ़ता है। ऐसे में बच्चों के स्लो लर्नर होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें एक कारण यह भी हो सकता है कि उस विषय में आपके बच्चे की रूचि न हो, या फिर उसे उन चीजों का पोषण नहीं मिल पा रहा हो जिससे उसकी स्मरण शक्त‍ि बेहतर हो।

अगर आपके बच्चे को भी ये तकलीफ है तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप कुछ तरकीबों के जरिए उनकी यादास्त को बढ़ा सकते हैं, जो निम्न हैं-

  • पौष्टिक आहार- बच्चों के दिमागी विकास के लिए  पौष्टिक आहार की बहुत जरूरत होती है। बच्चों के खाने में हरी सब्जियां, फल, दूध, मेवे, अंडे आदि जैसे खाद्य पदार्थ दें। इसके अलावा, बच्चों को जंक फूड का सेवन कम से कम कम करने दें। इतना ही नहीं, हर रोज सुबह बच्चों को भीगे हुए बादाम की दो तीन गरियां खिलाएं, इससे दिमाग के साथ-साथ याद्दाशत में वृद्धि होगी।
  • मछली- बच्चों के दिमाग को तेज़ करने के लिए उनके आहार में मछली को जरूर शामिल करें। क्योंकि, वसा से भरपूर मछली में विटामिन डी और ओमेगा-3 की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो दिमाग को भूलने की बीमारी से बचाता है। ऐसे में, सारडाइन, साल्‍मन और टूना मछली में पोषक तत्व सबसे ज्‍यादा पाया जाता है।
  • दिमागी खेल– बच्चों के दिमागी विकास और उन्हें बुद्धिमान बनाने के लिए जरूरी है कि बच्चों के साथ छोटे-छोटे दिमागी खेल खेले । पहले उन्हें खेल का तरीका बताएं फिर उनके साथ बच्चा बनकर ही खेलें और गलती होने पर उन्हें अवश्य बताएं। जिससे कि वह उस गलती को दोबारा करने से बचेंगे। इन खेल की मदद से उनका दिमाग तो तेज होगा ही साथ उन्हें मजा भी आएगा।
  • मिसिंग नंबर्स गेम- यह उन बच्चों के लिए अच्छा है, जिन्हें गिनती आती है। अपने बच्चे को 1 से 20 तक की गिनती में यदि कोई अंक बीच-बीच में छोड़ दें, और उसे उन मिसिंग नंबर के बारे में जानने को कहें। इससे उनके मनोरंजन के साथ दिमागी विकास भी होगा। क्योंकि यह एक दिमाग बढ़ाने बेस्ट तरीका है।
  • ब्रैस्ट फीडिंग- मां का दूध बच्चे के दिमागी विकास के लिए बहुत जरूरी है। नवजात के लिए मां के दूध से अच्छा कोई भी आहार नहीं होता है। इतना ही नहीं, स्तनपान से बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है वहीं यह बच्चों के दिमागी विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। एक रिसर्च के मुताबिक यह बात सामने आयी है कि स्तनपान करने वाले बच्चे ज्यादा स्वस्थ और बुद्धिमान होते हैं।

 

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