कैसे पता लगाया जाए जब बच्चों को कुछ बात परेशान करे?

Published On  May 13, 2015 By

आज बच्चे डिप्रेशन और दुख से घिरे हुएँ हैं| ऐसे में माँ-बाप कैसे उनकी इस समस्या का समाधान करें?

दुखी बच्चों- पेरेंटिंग रीसोर्सिस बाइ ज़ेनपेरेंट

हम सोचते हैं कि बड़ों को ही परेशानियाँ होती हैं| लेकिन नन्हें बच्चों को भी कोई दुविधा या तकलीफ़ से दुख पहुँच सकता है| और वे इतने भोले और मासूम होते हैं कि इस मुश्किल को ज़ाहिर नही कर पाते|

उनके हाव-भाव से उनकी परेशानी का पता लगाया जा सकता है| इन कुछ संकेतों से माता-पिता ये जान पाएँगें कि उनके बच्चों की परेशानी की असल वजह क्या है|

1. खान-पान और नींद में कमी: यदि आपका बच्चा अचानक खाना-पीना छोड़ दे और ऐसा तब भी हो जब वह तंदुरुस्त हो तो ये समझ जाना चाहिए कि वह किसी बात को लेकर चिंतित हैं| ऐसे में बच्चों के लिए उनके मनपसंद और स्वादिष्ट पकवान बनायें और खुशी से उनके साथ बैठ कर अच्छे खाने का आनंद उठायें| आपका बच्चा भी अपनी तकलीफ़ आपसे बातों-बातों में व्यक्त करेगा| ज़्यादा से ज़्यादा उनके साथ रहें (यदि वह अकेले सोता है तो उन्हें अकेला ना छोड़ें)|

उदास बच्चा- पेरेंटिंग रीसोर्सिस बाइ ज़ेनपेरेंट

2. बेवजह उदासीनता और चिड़चिड़ापन व्यक्त करना: बच्चे अधिकतर खुश-दिल होते हैं| और यदि अचानक उनके इस खुश-मिजाज़ बरताव में कुछ बदलाव दिखे तो ज़रूर वे किसी बात को लेकर दुखी हैं| याद रहें के ऐसे वक्त आप स्वयं संयम बरकरार रखें क्योंकि आपका वापस क्रोधित होना आपके बच्चे को और परेशानी में ला सकता है|

3. स्वाभाविक तनाव दिखाना: अक्सर बच्चे चुप-चुप हो जाते हैं, अगर उन्हें किसी सोच ने जकड़ा हुआ है| ऐसे में उनको हसाने की कोशिश करें और उनका ध्यान अच्छी चीज़ों में लगायें| उनके साथ खेलें या उनको उनकी मनपसंद जगह पर लें जायें|

अकुशल बच्चा- पेरेंटिंग रीसोर्सिस बाइ ज़ेनपेरेंट

4. अक्रियात्मक अकुशलता: स्कूल में अचानक अंकों में गिराव आना और आपके बच्चे का पढ़ाई में मन पहले से कम लगना ये बताता है कि उसे किसी बात से कोई गहरी ठेस पहुँची है| ऐसे में प्यार से बच्चे के साथ बात करें और समझने की कोशिश करें कि उसे किस दिक्कत के कारण पढ़ने में रूचि नही हो रही|

5. आपसे अचानक दूरी रखना: कई बार बच्चे अपने दुख में इतना डूब जाते हैं कि वे एकांत में रहने लग जाते हैं| ऐसे में हम माँ-बाप ही उनको इस दुख के चंगुल से निकाल सकते हैं| प्यार और सहनशीलता से अपने बच्चों के दुख की जड़ तक पहुँचा जा सकता है|

6. उनकी चुप्पी को परखें: याद रहे कि कभी भी बच्चों की चुप्पी या व्यवहार में बरताव उसे मन ही मन कमज़ोर और दुखी कर सकता है| इस मुश्क़िल का हल तुरंत निकालें क्योंकि आगे चल कर ऐसा दुख आपके बच्चे के मानसिक और स्वास्थ्यिक संतुलन को हानि पहुँचा सकता है|

सांत्वना लेता बच्चा- पेरेंटिंग रीसोर्सिस बाइ ज़ेनपेरेंट

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