शिशु में मीजल्स (चेचक) के कारण और उससे बचने के उपाय

सबसे पहले तो  मीजल्स के बारे में जानना बहुत जरूरी है कि यह क्या है और किस वजह से फैलता है। इसके अलावा, लोग इसके नाम को लेकर भी दुविधा में रहते हैं, लेकिन आपको बता दें कि कुछ लोग इसे मीजल्स, चेचक या फिर खसरा के नाम से भी जानते हैं। 

कैसे फैलता है चेचक?

यह एक संक्रामक रोग है, जिसका वायरस आपके नाक और गले के बलगम में रहता है, जो संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से फैलता है। यह जुकाम और बुखार के साथ शुरु होता है। दो दिन के बाद दाद दिखाई देते हैं। खसरे की वजह से ब्रोंकाइटिस, फेफड़ो का संक्रमण, कान का संक्रमण और बच्चों में कण्ठ रोग भी हो सकता है। हालाँकि, इसका वायरस हवा में दो से तीन घंटे तक रहता है। जिन लोगों में यदि इस तरह के वायरस होते हैं और आपका शिशु इनके संपर्क में आता है तब इस तरह की समस्या हो सकती है। 

इसकी रोकथाम के लिए कौन से टीके लगाए जाने चाहिए ?

एम.एम.आर. का टीका आप अपने बच्चों को लगवा सकते हैं। इस टीके से न केवल मीजल्स की समस्या से राहत मिलती है बल्कि मम्प्स, रुबेला के खिलाफ भी शिशु को सुरक्षा मिलती हैं।  

शिशु में इसके लक्षण क्या हैं ?

किसी भी व्यक्ति में इसका सबसे पहला लक्षण पूरे शरीर में लाल चकत्ते या दाने के रूप में उत्पन्न होता है। हालंकि, खसरे के पहले लक्षण फ्लू जैसे दिखाई देते हैं जैसे-

– शरीर पर लाल रंग के दाने निकलना

– खांसी होना

– उल्टी होना

– तेज़ बुखार

– शिशु का दूध न पीना 

– नाकों से पानी का निकलना 

– मांसपेशियों में दर्द

– मुंह में छाले 

इसके अलावा, खसरे के लाल चकत्ते माथे पर शुरू होता है और धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलने लगता है। जो कि 3-5 दिनों के बाद खुद ब खुद ठीक हो जाता है। 

बच्चों में मीजल्स (चेचक) के इलाज़ 

आमतौर पर इसका कोई सटीक इलाज नहीं होता है क्योंकि, हफ्ते भर में यह खुद ब खुद खत्म हो जाता है। लेकिन, शिशु में इसके लक्षणों जैसे कि बुखार, दर्द आदि को कम किया जा सकता है। इसके लिए कुछ दवा दी जा सकती है लेकिन, कोई भी दवा डॉक्टर के सलाह के बिना न दें। 

खसरे के दौरान बच्चे की देखभाल कैसे करें ?

स्तनपान कराएं 

यदि आपका बच्चा 6 महीने से कम का है तब आप उसे समय-समय पर स्तनपान कराती रहें। क्योंकि, मां का दूध बच्चे के लिए किसी दवा से कम नहीं है। मां के दूध में वह सारे तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चे के लिए जरूरी होते हैं। यह बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ने का काम करता है। ऐसे में, मां का दूध बच्चों को खसरा जैसी बीमारियों से भी बचाता है। 

आराम करने दें 

शिशु को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए आप उन्हें आराम करने दें। इससे यह बहुत जल्दी ठीक होगा। 

डीहाइड्रेशन से बचाएं 

बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें, यदि आपका बच्चा 6 महीने से अधिक उम्र का है तब आप उसे बहुत सारे तरल पदार्थ जैसे पानी, फलों का रस, माँ का दूध आदि देती रहें इससे शरीर में ताकत बनी रहेगी। 

दवाएं 

डॉक्टर की मदद से आप बुखार और दर्द को कम करने के लिए पेरासिटामोल या आईबुप्रोफेन दें सकती हैं। 

इन सब के अलावा, आसपास के माहौल को साफ-सुथरा रखें ताकि, बच्चे को संक्रमण से दूर रखा जा सके। इसके अलावा, हमेशा डॉक्टर के संपर्क में रहें ताकि शिशु को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके।  

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

Feature Image Source: myupchar.com

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