रियो ओलंपिक में इन 5 महिलाओं का दबदबा

Published On  August 19, 2016 By

इस बार रियो ओलंपिक में भारत की ओर से महिला एथिलिट्स ने कमाल कर दिखाया है। भारत की बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु रियो ओलंपिक में इतिहास रचने के करीब पहुंच गई हैं। पीवी सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे गेम में हराकर रियो ओलंपिक की बैडमिंटन प्रतियोगिता के विमेंस सिंग्लस के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने के साथ ही कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया।  

पीवी सिंधु

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हालाँकि, सिंधु की आँखें गोल्ड मेडल की तरफ है, साथ ही उनका कहना है कि मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है और मैं इसके लिए अपनी जान लगा दूंगी। क्योंकि, दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिन मॉरिन से सिंधु की खिताबी टक्कर होगी। ऐसे में, परिवार समेत पूरा देश उनके जीत के लिये दुआ कर रहा है।

साक्षी मलिक

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वहीं दूसरी तरफ अगर बात करें भारत की महिला फ्रीस्टाइल पहलवान साक्षी मलिक की तो उन्होंने, रियो ओलम्पिक में भारत को कांस्य पदक दिलाया है। कांस्य पदक जितने के बाद भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि यह उनके 12 सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। हालांकि, भारत के लंबे ओलंपिक इतिहास में साक्षी मलिक भारत की केवल चौथी महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक पदक जीता है। वो भी उस राज्य से जिसे रूढ़िवादी और पुरुष प्रधान समाज के लिए जाना जाता है, क्योंकि हरियाणा में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या बहुत कम है।

दीपा करमाकर

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रियो ओलंपिक के वॉल्ट फाइनल में चौथे स्थान पर रहकर इतिहास रचने वाली महिला जिम्नास्ट दीपा करमाकर रातों-रात स्टार हो गई। यह सच है कि दीपा करमाकर हार कर भी जीत गईं, खासकर ऐसे खेल में जहां भारत की उपस्थिति दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती थी। हालाँकि, दीपा चौथी पायदान तक पहुंचने में कामयाब रहीं। जाहिर तौर पर दीपा चौथी पायदान के लिए नहीं लड़ रही थीं, लेकिन फिर भी उनकी ये हार किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

दरअसल, इस हार के बावजूद दीपा ने जिम्नास्टिक के फाइनल में पहुंच कर एक इतिहास रच दिया है क्‍योंकि ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बन गई हैं। उनका रियो ओलंपिक का सफर इसीलिए भी अहम है क्‍योंकि वो कई उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श के तौर पर सामने आई हैं। इतना ही नहीं इन्हें इस साल खेल रत्न पुरस्कार देने की सिफारिश की जा रही है।

गोल्फर अदिति

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भारतीय गोल्फर अदिति अशोक रियो ओलिंपिक की महिला एकल गोल्फ स्पर्धा में अच्छी शुरूआत करते हुए पहले दौर के बाद संयुक्त 7वें स्थान पर चल रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह अोलिंपिक के इस इवेंट में भारत की तरफ से खेलने वाली पहली महिला गोल्फर हैं। बेंगलुरु की रहने वाली अदिति ने इसी साल पेशेवर गोल्फ में कदम रखा। वे पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा ले रही हैं।  

टिंटु लुका

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भारतीय महिला धाविका टिंटु लुका रियो ओलम्पिक में भले ही छठे स्थान पर रहीं हों, लेकिन महियालों के लिए एक मिशाल कायम की हैं। आपको बता दें कि टिंटु लुका ओलंपिक में भारत की सबसे सफल महिला धावक दिग्गज पी. टी. ऊषा की शिष्या हैं।

 

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