रंगीन खिलौने जिनसे बढेगा बच्चों का दिमाग 

क्या आपको पता है कि कलर से आपके बच्चे का दिमागी विकास हो सकता है। एक रिसर्च के बाद ऐसी डिवाइस का निर्माण किया गया है। इसका नाम है लुकिंग चैंबर है जिसमें एक बाॅक्स में कई सारे इमेज होते हैं। बच्चे को क्रिब में सुलाने के बाद वो चैंबर पर नजर रखता है। इस दौरान एक आॅजरबर हर बच्चे की आंख पर नजर रखता है कि कौन सा बच्चा कितनी देर तक इमेज को देख रहा था।[caption id="attachment_87012" align="aligncenter" width="300"]Untitled design (7) ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ देखें[/caption]  इस रिसर्च में छह अलग तरह के पिक्चर लगे थे। इनमें तीन ब्लैक एंड व्हाइट था। इसके अलावा कुछ चेहरे, सरकल और न्यूजपेपर प्रिंट भी था। इसके अलावा तीन साॅलिड कलर जैसे लाल, पीला और सफेद भी था। शोधकर्ताओं ने पाया कि बच्चों ने ब्लैक एंड व्हाइट इमेज पर ज्यादा समय दिया।[caption id="attachment_86987" align="aligncenter" width="300"]Untitled design (7) ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ देखें[/caption]इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे नवजात की नजर इतनी तेज नहीं होती है। इसलिए बाकी चीजें धुंधली दिख सकती हैं। साॅलिड कलर में बच्चों को दिक्कत होती है। इसलिए उनका ध्यान ज्यादा समय तक ब्लैक एंड व्हाइट और पोलका डाॅट, पट्टियां पर ध्यान देते हैं। अक्सर हम देखते हैं कि बच्चे दादी-दादी को बडे़ ध्यान से देखते हैं। हमें ऐसा लगता है कि ये किसी लगाव की वजह से दरअसल ऐसा नहीं होता है। इसके पीछे वजह ये होती है की बुजुर्ग का चश्मा और उनके ब्लैक एंड व्हाइट कपडे़ उसे आकर्षित करते हैं। इसके बाद बच्चे को कोने के बारे में जानने में भी समय लगता है।बच्चा जब घुटने के बल चलते हैं अक्सर दीवार पर सिर मार लेते हैं।   बच्चे जब घूमना शुरू करता है भड़कीले रंग के खिलौनों से काफी राहत मिलती है। बच्चे को अगर खिलौना देना है तो ये सबसे बेहतर होगा। शुरुआती महीनों में ब्लैक एंड व्हाइट और उसके बाद जब वो करीब साल भर का हो तो भड़कीले रंग के खिलौने दिए जा सकते हैं।[caption id="attachment_87011" align="aligncenter" width="300"]Untitled design (6) ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ देखें[/caption]  
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