पेरेंट्स बच्चों को  कुछ बातें नहीं बताते, जो उनको बतानी चाहिए

 

आज का समय बदल गया है। अब पेरेंट्स और बच्चों का रिश्ता अच्छे दोस्त की तरह एक .दूसरे से घुल. मिल कर रहते हैं। फिर भी कहीं न कहीं उनमें भारतीय रूढ़िवाद की परम्परा उनके आदतों में आज भी शामिल है। पेरेंट्स को चाहिए कि जब बच्चों से बात करें एतो ये बातें उनको जरूर बतानी चाहिए।

 

1.अच्छे स्पर्श  और गन्दे स्पर्श के बारे में बात करना रू. माता .पिता बच्चों को इन टॉपिक के बारे में बात करने में थोड़ा हिचकिताते हैं। ऐसे में  पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों से इन बातों पर खुल कर बात करें। ताकि बच्चे अच्छे और बुरे टच के बारे में अवेयर रहैं ए और पेरेंट्स को इन बातों

के बारे में बता सकें। जिससे वो बाहर के लोगों के शिकार होने से  बच सकेंगे।

 

2 .मना करना रू.पेरेंट्स अक्सर बच्चों की बात न में टाल देते हैं। जिससे उनको टीचर्स या उनके  आस .पास के लोग एदोस्त आदि के सवालों का जबाब देने बहुत कठिनाई होती है।ऐसे में पेरेंट्स को भी बच्चों की बात को सुननी चाहिए ताकि बच्चे आपका न में जबाब ना दे सकें।

 

3 .आस.पास के लोगों का रेस्पेक्ट करें  रू.कई बार ऐसा होता है कि बच्चे टीचर्स एफ्रेंड्स और अपने बड़ो का सम्मान करने बुरा व्वहार करते हैं।पेरेंट्स बच्चों को सम्मान करने की बात को बताने में जल्द बाजी न करें।उनको प्यार से सम्मान पूर्वक समझाए। ताकि बच्चे अपने आस .पास लोगों की

रेस्पेक्ट कर सकेंगे। जैसे .ड्राइवर्स एनौकर एवेटर्स एभिखारी और सहायकों का आदर कर सकेंगे।जिससे कोई भी अपमानित नहीं होगा।

 

4 .बच्चे वही खाये जो अपने उनको सर्व करें रू.आज .कल पेरेंट्स की ज़्यादा शिकायत होती है एकि उनके बच्चे खाने में न. नुकर बहुत करते हैं। जो उनके स्वास्थ के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं होता है।बच्चे जब माता .पिता के साथ खाना शुरू करते हैं एतो पेरेंट्स उनके साथ सख़्ती से पेश न आये। बच्चों के लिए अगर स्पेशल खाना नहीं  बना है। बच्चों को चाहिए कि आपने उनको जो खाने में सर्व किया है वो पूरा खाना फिनिश करें। पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों को खाने का रेस्पेक्ट करना सिखाये और घर के सभी लोग जो  खा रहें हैं वो भी उन खाने की चीजों को आराम से खा लें।

 

5 .घर के काम करना रू.पेरेंट्स बच्चों को उनके यंग ऐज  में घर के काम करने की सीख दें। ताकि वो खुद से अपने काम कर सकेंगे। जिससे बच्चे हर चीजों को अपने सही स्थान पर रखेंगे जैसे .बैग एशूएखाने की प्लेट्स आदि चीजों को यूज़ करने के बाद उचित जगह पर  वापस रखेंगे। अपने बिस्तर साफ रखनाएपानी की बोतल भरना एआदि आदतों को खुद में अच्छे से  शामिल कर सकेंगे। जिससे बच्चे अपने जिंदगी को स्वतंत्रता पूर्वक जी सकेंगे।

 

6 .समय का सम्मान करना रू.माता.पिता बच्चों को समय और उनके प्रति ईमानदार होना सिखाये। पेरेंट्स इस बात पर ज़्यादा सख़्ती न बरतें बल्कि वो  बच्चों को सही रास्ते पर चलने और प्रतिबधताओ को अपने समय के गतिविधियों को ध्यान में रख हर काम करें।

 

7 .पैसे के बारे बात करना रू.पेरेंट्स बच्चों से अक्सर पैसों के बारे में बात नहीं करते हैं। ये उनका  बिज़नेस नहीं  हैएकि इसके बारे में बच्चों से बात की जाए। बच्चे छोटे से ही बड़े होते हैं और उनको फाइनेंस के बारे जानकारी हो।बच्चों को वित्तीय स्थिति के बारे अवेयर रहना चाहिए। भले ही वो आपको वित्तीय मदद नहीं कर सकते लेकिन आपको अपने विचारों से कुछ मदद कर सकते हैं।

 

8 .सेक्स और रिप्रोडक्शन के बारे हो ज्ञान रू.पेरेंट्स  बच्चों को सेक्स प्रजनन के बारे में बात करने थोड़ी दिक्कत होती है। खास कर भारतीय माता .पिता इन टॉपिक पर बात  नहीं कर पाते हैं। जिससे आज .कल बच्चे अपने दोस्त या इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करते हैं। पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों के शरीर में होने वाले विकास और यौन विकास एवं सेक्स प्रजनन के बारे में खुद से बताये।

 

9 .  मनोदशा का हो  ज्ञान रू.बच्चे अक्सर डिप्रेशन की अवस्था में आ जाते हैं एजब उनको किसी बात की निराशा का सामना करना होता हैं। माता .पिता बच्चो को सही ट्रैक पर लेने की कोशिश करनी चाहिए ताकि बच्चे जीवन में आने वाले चुनौतियों का सामना खुद से बिना किसी टेंशन से  सकेंगे।  गलत रास्ते से भटकने से बच सकेंगे। जिसके लिए पेरेंट्स का बच्चों के साथ बात .चीत करते रहनी चाहिए जो ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।

 

10 .गलतियों और हार को एक्सेप्ट करना रू.हर इंसान से गलतियाँ होती हैं। सबके दिन बुरे होते हैं। पेरेंट्स बच्चों को उनसे हुई गलितयो को मानने की आदत होनी चाहिए नाकि अपने किये हुए गलती को दूसरे के ऊपर आरोप लगाये या उस स्थिति को दोषी माने। जिससे बच्चे अपने जिम्मेदारियों को खुद से समझ सकेंगे।

 

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