नर्सिंग देखभाल- जन्म की प्रक्रिया का एक आवश्यक तत्व

कुछ महीने पहले, मैंने एक महिला के मैटरनिटी बैग में बहुत ही सुंदर फोटो सीरीज को देखा, जो बेहद आकर्षक था, देख कर मानों ऐसा लग रहा था जैसे माँ दुनिया के सबसे कीमती सामान को अपने साथ लेकर जा रही हो। हालाँकि, वहीं अगर बात फर्स्ट वर्ल्ड (यूनाइटेड स्टेट) में रहने वाली महिलाओं की करें तो वह अपने साथ महंगे एक्सेसरीज को पहले कैरी करती हैं, जबकि थर्ड वर्ल्ड नेशन (वेस्टर्न यूरोपियन) की महिलाएं अपने साथ जरूरी सामान को प्राथमिकता पहले देती हैं। ऐसे में मुझे अचानक से यह सोाचने पर मजबूर कर दिया कि एक माँ के लिए बच्चे की जन्म की प्रक्रिया कितना मायने रखती हैं, क्योंकि हर महिला एक बच्चे के जन्म के बारे में पहले सोाचती है।

प्रेगनेंसी के दौरान, जब आप हॉस्पिटल में होती हैं तो ऐसे में बच्चे की देखभाल करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। यदि आपकी प्रेगनेंसी और जन्म की प्रक्रिया बिना किसी समस्या और जटिलता के होती है, तो आप उन भाग्यशाली लोगों में से एक हैं, जिनका प्रसव के बाद देखभाल नाममात्र के बराबर  होता है। लेकिन, वह महिलाएं जिनका प्रसव बहुत ही कठिनाई से हुआ हो, उन्हें खास देखभाल की जरूरत होती है, खासकर अस्पातल के शुरूआती दिनों में होती हैं।

शायद यही वजह है कि, मैटर्निटी हॉस्पिटल में नर्सिंग केयर की जरूरत शीर्ष पायदान पर होनी चाहिए। अमला लुइस, जो कि क्लाउड-नाइन (ओल्ड एयरपोर्ट रोड, बैंगलोर) में एक नर्सिंग कॉर्डिनेटर हैं, उनका कहना है कि मैटर्निटी हॉस्पिटल के सेट-अप में नर्स की एक महत्व्पूर्ण भूमिका होती है। साथ ही इन्होंने यह भी कहा की  “ एक बार जब स्त्री रोग विशेषज्ञ अपना काम कर देती हैं, उसके बाद सारी जिम्मेदारी नर्सों के हाथों में आ जाती हैं, जैसे- स्तनपान से लेकर उनके हेल्थ केयर तक के लिए उन्हें ट्रेन करती हैं, जब तक कि वह घर जाने के लिए पूरी तरीके से तैयार न हो जाएँ”।

साथ ही क्लाउड-नाइन, की अमला ने यह भी कहा कि यहाँ के स्टाफ इतने अच्छे तरीके से महिलाओं को प्रशिक्षित करते हैं कि वह डिलवरी के बाद बहुत ही सहज तरीके से रहती हैं। “ पोस्ट डिलीवरी के बाद का समय बहुत ही कठिन होता है, क्योंकि  प्रसव के दौरान आपका शरीर एक कठिन परिस्थितयों से गुजरता है, चाहे आपका प्रसव एक वेजाइनल बर्थ (योनि से प्रसव) से हुआ हो या सी-सेक्शन से। क्योंकि, इस समय महिलाओं को एक खास देखभाल की जरूरत होती है ”।

क्लॉउड नाइन हॉस्पीटल, जिसमें तकरीबन 200 डिलीवरी हर महीने होती हैं, और खुशी की बात यह है कि जिसमें बहुत ही कम मृत्यु दर देखने को मिलती है। “ लगभग आधे से अधिक लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि कैसे गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखना चाहिए और उन्हें कैसे अच्छा फील कराया जाना चाहिए। ऐसे में इसे आरामदायक और चिंता मुक्त बनाने के लिए नर्सिंग देखभाल और नर्सिंग स्टाफ को भी विशेस तौर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, मैं चार साल से क्लाउड-नाइन में हूँ, जिसमें मैंने एक साल में दो बच्चों से अधिक की मृत्यु होते नहीं देखा है, जो कि एक बहुत बड़ी बात है। यह हमारे डॉक्टरों और नर्सों के लिए एक टेस्टामेंट है, जिसके जरिए माँ और बच्चे के लाइफ को सेफ और हेल्दी रखा जा सके”। साथ ही उन्होंने न्यासा का उदाहरण भी दिया, जो सिर्फ 24 हफ़्तों और पांच दिनों के भीतर पैदा हुई थी, जिसका वजन महज 580 ग्राम था, और आज के समय में वह 2 साल की हसंती-खेलती बच्ची हमलोग के बीच मौजूद है।

अमला ने इसके साथ ही एक ऐसे कपल की कहानी सुनाई जो तीन बच्चों से प्रेगनेंट थी, और जिसका प्रसव समय से पहले हुआ था। “ मल्टीपल प्रेगनेंसी में, बच्चे का कम वजन सबसे असुरक्षित माना जाता है। यह बच्चे जो कि हाल ही में पैदा हुए थे, इन सब के वजन एक किलोग्राम से कम था, ऐसे में इन बच्चों को घर जाने से पहले एनआईसीयू में रखा गया था। हालाँकि, पेरेंट्स को इन जटिलताओं की उम्मीद नहीं थी, उनलोगों को सामान्य डिलीवरी की उम्मीद थी। लेकिन, जब बच्चों को एक महीने के लिए एनआईसीयू में रखा गया तब बिल कुछ ज्यादा ही था। हालाँकि, उनलोगों की फाइनेंसियल कंडीशन सही न होने के कारण उनकी फीस माफ़ की गयी, जो कि अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल में मुमकिन नहीं था,” साथ ही अमला ने कहा कि जहाँ हॉस्पिटल को पैसा बनाने के लिए माना जाता है, लेकिन यह सही मायने में अनसुना है।

यह सारे हॉस्पिटल से अलग है, आमला लुइस का कहना है कि मेरे बच्चों के बाद नर्सिंग देखभाल का अनुभव किसी खास पल से कम है, जिसमें एक ब्रेस्फीडिंग भी शामिल है, कि जब कोई महिला अपने बच्चे की सही फीडिंग की जानकारी लेने के लिए उनके पास आती हैं। ऐसे में इन बच्चों के पेरेंट्स को, फीडिंग के लिए खास तौर पर शिक्षा दी जाती है। क्योंकि फीडिंग बच्चे के सही विकास का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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