नवजात शिशु के बीमार पड़ने पर कब करें डॉक्टर से संपर्क?

Published On  July 7, 2016 By

वह महिलाएं जो पहली बार माँ बनने जा रही हैं, उन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। क्योंकि, थोड़ी सी लापरवाही आपके बच्चे के लिए घातक हो सकती है। खास कर उन शिशु के लिए जिन्हें साँस लेने में तकलीफ हो रही हो या जो प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी कोई समस्या के साथ पैदा हुआ हो, ऐसे शिशुओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। हालाँकि, इसमें चिंता की कोई बात नहीं है, बच्चे का बीमार होना आम बात है। लेकिन, यहाँ पर कुछ चीज़ें बताई जा रही हैं जिसके जरिए आप यह तय कर सकें कि शिशु को डॉक्टर के पास ले जाने की जरूरत है या नहीं, जो नीचे दिए  जा रहे हैं-

  • जब आपका शिशु 12 घंटे से अधिक दस्त से पीड़ित हो, और इसके साथ ही उसमें बार-बार उल्टी, बुखार और शरीर में रशेस जैसे लक्षण दिखाई दें, तो ऐसे में तुरंत  डॉक्टर से संपर्क करें।

  • अपने नवजात शिशु को उस वक़्त डॉक्टर के पास लेकर जाएँ, जब शिशु तीन महीने से कम उम्र का हो और उसे लगातार 100 डिग्री फेरनहाइट या उससे अधिक बुखार हो रहा हो। इसके अलावा यदि आपके बच्चे की उम्र तीन महीने से अधिक हो और वह 102 डिग्री फेरनहाइट या उससे अधिक बुखार से तप रहा हो, साथ ही शरीर पर लाल दाने निकल रहे हों, तो ऐसे में समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें।

  • यदि आपके शिशु किसी कारण से जल गए हो, चाहे वह सन बर्न ही क्यों न हो तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करें।

  • यदि आपके बच्चे सामान्य की तुलना में अधिक रो रहा हो, और साथ ही उसके रोने में कराहने की आवाज आ रही हो तो ऐसे में बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएँ। इसके अलावा, यदि आपके शिशु को खांसी हो रही हो, वह भी अजीब से आवाज के साथ, और साँस लेने में घरघराहट महसूस हो रहा हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि, यह क्रुप के लक्षण हो सकते हैं, हालाँकि, यह बहुत कम मामलों में पाया जाता है। फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिब का टीका लगवाएं। लेकिन, डॉक्टर की सलाह से ही हिब टीकाकरण लगवाएं।

  • यदि आपके शिशु को मल पास करते समय हल्का ब्लड निकल रहा हो, या उल्टी हो रही हो तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करें। हालाँकि, इसमें घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन फिर भी डॉक्टर से एक बार संपर्क कर लेनी चाहिए, ताकि इस बात का पता चल सके कि यह किस कारण से हो रहा है।

  • यदि आपका शिशु पिछले आठ घंटे से दूध का एक बूंद न लिया हो, इसके अलावा यदि वह पिछले 24 घंटे के अंतराल में अपने सामान्य राशि की तुलना में आधा से भी कम दूध पिया हो, तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि, हो सकता ही कि उस समय आपका बेबी थोड़ा मूडी और चिड़चिड़ा हो गया हो।

  • यदि आपके बच्चे का सर का तालु (फोंटनेल) नीचे की ओर धस गया हो, या फिर अन्य लक्षणों के साथ-साथ सुखें होंठ, गहरे पीले रंग का यूरिन और बुखार हो तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।  क्योंकि, ये सारे लक्षण डिहाइड्रेशन के हो सकते हैं।

  • यदि आपके नवजात शिशु की आंखें, गुलाबी, चिपचिपी हो गई हों या उससे पानी निकल रहा हो। तो यह आँखों में संक्रमण का एक संकेत हो सकता है, जिसे कजंक्टिवाइटिस के रूप में जानते हैं। जो कि बहुत ही संक्रामक होता है, और इसमें जल्द से जल्द इलाज की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा यदि बच्चे को 24 घंटे से कान, नाक, नाभि या गुप्तांग में से किसी भी जगह से डिस्चार्ज हो रहा हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

इसके अलावा, ऊपर दिए गए सुझावों के वाबजूद अपने बच्चे  का ध्यान अपनी सूझबूझ और अपने सहज ज्ञान से करें। साथ ही यदि आपको लगता है कि आपके शिशु के साथ कुछ गलत हो रहा है तो ऐसे में डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि, यह आपका मार्गदर्शन करने के लिए सही व्यक्ति हैं।

यह पोस्ट क्लाउड नाइन से लिया गया है..