नवजात की सुरक्षित हो फीडिंग

माँ का दूध शिशु के लिए पोषण के लिए सबसे अच्छा होता हैं। स्तनपान कराने से शिशु एवं माँ दोनों के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा हैं। माँ के दूध से बच्चे को विटामिन डी मिलता हैं।जो माँ अपने शिशु को स्तनपान किसी कारण से नहीं करा पाती हैं तो वो सोचती हैं उनके बच्चे से उनका बंधन अच्छा नहीं होगा।माँ के प्यार में बच्चे के लिए हमेशा सच्चाई होती हैं।माँ और बच्चे का रिश्ता हमेशा प्रेम का होता हैं चाहे वो बोतल से फीड करें या ब्रेस्ट फीड करें।जिसके लिए माँ को मानसिक तनाव नहीं लेना चाहिए। ऐसे में अगर कोई माँ बच्चे को अपना स्तनपान नहीं कराना चाहती तो एक बार डॉक्टर के परामर्श जरूर ले लें ,कि अपने छोटे से बच्चे को मार्केट से फ्रेश दूध (गाय) का दूध कितनी मात्रा में कब -कब पिलायें। कभी -कभी ऐसा भी होता है कुछ माँ को दूध ही नहीं होता है जब बच्चा पैदा होता हैं तो उनका बिल्कुल निराश नहीं होना चाहिए कि बच्चा अपनी माँ का बिना स्तनपान किये कैसे पलेगा और बड़ा होगा। जिसके लिए आप माएं डॉक्टर के द्वारा बताये गए मिल्क पाउडर को गुनगुने पानी में पानी में पतला घोल पिला सकती हैं।

 

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सावधानियां :

 

बच्चे को जो माएं बोतल से फीड करा रही हैं उनके प्रति कुछ अधिक सावधान रहने की जरूरत होती हैं। जैसे बोतल को स्टेरॉलिसिंग (sterilising) करें ताकि जो भी कीटाणु हो नष्ट हो जाये।

  • बच्चे को कितनी मात्रा में दूध देना है इसका भी ध्यान दें।
  • बच्चे को दिन -रात में कब -कब मिल्क फीड करना हैं इसका भी विशेष ध्यान रहें।
  • बच्चे के बोतल साफ़ करके ही फीड करें।
  • बोतल की कैप और बोतल को अच्छी तरह से गुनगुने पानी में पकने दें ध्यान रहे बोतल न ख़राब हो जाये ज़्यादा गरम पानी से।

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नोट :

कभी -कभी कुछ माएं अपने किसी उपचार के लिए दवाएं लेती हैं, अगर उस दवा से अगर बच्चे कोई बुरा प्रभाव पड़ सकता हैं तो उन्हें शिशु को ब्रैस्ट फीड नहीं करना चाहिए ताकि शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने से बच सके। जिसके लिए अपने चिकित्सक की सलाह से बच्चे के कौन -सा मिल्क पाउडर अच्छा है स्वास्थ्य के लिए उसे बोतल से पिला सकती हैं। जिससे बच्चे का पोषण तत्व मिल सकें।

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