नवजात के गर्भनाल की देखभाल करते समय इन 5 गलतियों को करने से जरूर बचें

जन्म के बाद अक्सर आपने देखा होगा कि नवजात शिशु के गर्भनाल जिसे अम्बिलिकल स्टंप भी कहते हैं वह नाभी के पास जुड़ा होता है। हालाँकि, जन्म के बाद डॉक्टर उस जगह पर एक चिमटी लगाकर उसे काट देते हैं। जन्म के बाद इस गर्भनाल का विशेष तौर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। क्योंकि, इस जगह पर संक्रमण होने की संभावना सबसे अधिक होती है। 

कितने दिनों में गर्भनाल गिरते हैं ?

आमतौर पर शिशु का गर्भनाल करीब ढ़ाई सेंटीमीटर लंबा होता है, जो दो हफ़्तों के अंदर सूख कर निकल जाते हैं। लेकिन इसे पूरी तरीके से सूखने में कम से कम एक महीने लग जाते हैं। इसके लिए डॉक्टर एक नीली जैसी दवा देते हैं जिसे रुई की मदद से नाभी के ऊपर लगाया जाता है। हालाँकि, इस दौरान माँ को बहुत देखभाल की जरूरत होती है। क्योंकि, थोड़ी सी लापरवाही से इसमें संक्रमण होने का खतरा रहता है। 

किस तरह के लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से मिलें ?

जब आपको शिशु के नाभिनाल में इस तरह के लक्षण नज़र दिखाई तब आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है, जिनमें निम्न शामिल हैं-

– जब शिशु के गर्भनाल के आसपास सूजन के साथ लालिमा हो। 

– जब उस जगह से मवाद या खून निकल रहा हो। 

– गर्भनाल के आस-पास छूने बाहर से शिशु रो रहा हो। 

– जब शिशु को लगातार बुखार आ रहा हो, तब इस तरह की स्थिति में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

नवजात के गर्भनाल की देखभाल कैसे करें ?

उस जगह को सूखा रखें 

ध्यान रहे कि जब आप शिशु को नहला रही हों तब उस जगह पर पानी नहीं डलने चाहिए। क्योंकि, इससे घाव जल्दी सूखने के बजाए और बढ़ सकती हैं।  

संक्रमण से बचा कर रखें 

गर्भनाल के ऊपर डॉक्टर द्वारा दी गई दवा को अच्छे से और समय पर लगाएं। इसके अलावा, जब भी आप उस जगह को छूएं तब अपने हांथों को अच्छे से साफ कर लें। 

स्पंज स्नान है जरूरी 

शुरुआत के कुछ हफ्ते आप अपने शिशु को स्पंज बाथ करा सकती हैं, इससे उस जगह पर पानी जाने का खतरा नहीं रहता है। हालाँकि, डॉक्टर भी गर्भनाल के टूटकर गिरने तक शिशु को स्पंज स्नान कराने की सलाह देते हैं। 

कपड़ों का ध्यान रखें 

इस समय शिशु के लिए कपड़े का चुनाव सोच-समझ कर करें, क्योंकि फैंसी या तंग कपड़ों से शिशु असहज महसूस कर सकते हैं। इसलिए, उन्हें हमेशा लूज़ कपड़े पहनाएं। 

घर के बने डायपर 

बाहर के डायपर अक्सर पेट को दबा कर रखते हैं ऐसे में कोशिश करें कि घर के बने सूती के डाइपर का इस्तेमाल करें। क्योंकि, उस जगह का जितना लूज और खुला होगा उतनी ही जल्दी यह सुखेगा। 

इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखें कि यदि शिशु का गर्भनाल खुद से दो हफ़्तों के बाद टूटकर न गिर जाए तब आप डॉक्टर के पास जा सकती हैं। 

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Feature Image Source: kknews.cc

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