क्या आपके बच्चे शांत रहकर पढ़ाई करते हैं?

हर पैरेंट्स यह चाहते हैं कि उनका बच्चा सबसे बेस्ट हो। लेकिन, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है, क्योंकि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं वैसे-वैसे वह शरारती होते जाते हैं। खासकर यदि बच्चे की पढ़ाई की बात करें वह भी शांति से तो यह बिल्कुल भी पॉसिबल नहीं है। शायद यही कारण है कि पैरंट्स बच्चों के बिहेवियर और परफॉर्मेंस से खुश नहीं होते हैं, और बात-बात पर बच्चों पर चिल्लाना शुरू कर देते हैं।

हालाँकि, पैरेंट्स चाहें तो बखूबी अपने बच्चों को हैंडल कर सकती हैं। इसके लिए सबसे जरूरी चीज़ें यह है कि आप वजह जानने की कोशिश करें कि वह पढ़ने से क्यों बच रहा है? इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जैसे कि उसका आईक्यू लेवल कम हो सकता है, उसे चीज़ें समझ में नहीं आ रही हों या फिर उसका ध्यान कहीं और हो।

यहाँ कुछ ऐसे तरीके हैं जिसके जरिए आपके बच्चे शांति से पढ़ाई कर सकते हैं, जो निचे दिए जा रहे हैं-

  • पढ़ाई में खुद को शामिल करें- अगर आप चाहती है कि आपका बच्चा शांत रहकर अच्छे से पढ़ाई करे तो उसके लिए आप खुद को पढ़ाई में शामिल करें। उससे पूछें कि आज क्लास में क्या हुआ, क्या तुम सीखे हो, ये सारी चीज़ें तुम मुझे सिखाओ क्योंकि, ये चीज़ें तुझे अच्छी तरह आती हैं। ऐसा करने से वह खुश होकर आपको सिखाएगा और साथ ही साथ खुद भी सीखेगा।   
  • छुट्टी डिस्कस करें- यदि आपका बच्चा स्कूल जाने लगे तो उसके साथ बैठकर डिस्कस करें कि कितने दिन स्कूल जाना है, कितनी देर पढ़ाई करनी है, कब खेलना है आदि। ऐसा करने से बच्चे को क्लियर होगा कि उसे कितने देर तक पढ़ाई करनी है। जिससे कि उतनी देर वह मन लगाकर पढ़ाई करेगा।
  • शांति से समझाएं- अगर बच्चे शांति से पढ़ाई नहीं कर रहे हैं, तो ऐसे में कोई भी बात प्यार से समझाएं। गुस्से या जबरदस्ती में समझाने की गलती न करें क्योंकि, इससे बच्चा जिद्दी हो सकता है।
  • जबरदस्ती पढ़ने के लिए न कहें-  जिस वक्त आपका बच्चा नहीं पढ़ना चाहता है, उस वक़्त उसे पढ़ने के लिए मजबूर न करें, वरना वह जिद्दी और बदमाश हो सकता है। उसे प्यार से थोड़ी देर बाद पढ़ने के लिए कहें।
  • फ्रेंड्स के साथ पढ़ाएं- कभी-कभी उसके फ्रेंड्स को घर पर बुलाएँ और उन दोनों को साथ पढ़ने बिठाएँ। ऐसा करने से बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा।
  • गिफ्ट या इनाम दें- अपने बच्चे से कहें कि यदि वह शांति से इतनी देर बैठ कर पढ़ाई करता है, तो आप उसे उसका पसंदीदा गिफ्ट देंगी। ऐसा करने से बच्चे को प्रोत्साहन मिलेगा। लेकिन ध्यान रहें आप इसे आदत ना बनाने दें। वरना बच्चा सिर्फ गिफ्ट पाने के लिए आपकी बात मानेगा।

हालंकि, पैरेंट्स प्यार और सूझबूझ के जरिए अपने बच्चों को अच्छे से हैंडल कर सकते हैं, क्योंकि बच्चे भी प्यार की भाषा जानते हैं।  

मॉर्डर्न मोना- मदर लाइफस्टाइल!एक दैनिक कॉलम, जहाँ महिलाओं से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है।  जैसे- स्वास्थ्य, फैशन, फिटनेस, बच्चों का रख-रखाव, मनोरंजन, सेक्स आदि की जानकारी के लिए आप अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

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