क्या आप जानती हैं कि आपके पीरियड्स का डेट क्यों इतना आगे-पीछे होता है ?

अक्सर आपने महिलाओं के मुंह से सुना होगा कि मेरा पीरियड्स तो इस बार 10 दिन पहले या बाद में आया। ऐसे में, मासिक धर्म की इस अनियमितता को लेकर महिलाओं या किशोरियों में एक चिंता का विषय बन जाता है। लेकिन, क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि आखिर क्यों पीरियड्स के साइकिल में इतना बदलाव होता है। ऐसे में, आज हम आपको इससे संबंधित कुछ ऐसी ही बाते बताने के लिए जा रहे हैं जिससे आप यह जान सकती हैं कि आपका पीरियड्स का डेट किस कारण इतना ब्रेक होता है।

पीरियड्स का सबसे बड़ा दुश्मन तनाव

इसमें कोई शक नहीं है कि जब आप तनाव की स्थिति में होती हैं तब वह न सिर्फ आपके बॉडी को प्रभावित करता है बल्कि यह आपके पीरियड्स पर भी बुरा असर डालता है। ऐसे में, यदि देखा जाए तो हम यह कह सकते हैं कि तनाव आपके पीरियड्स साइकिल को पूरी तरह से बदल देता है। यदि आपको यकीन नहीं है तब आपने खुद में कभी देखा होगा कि जब भी आप किसी एग्जाम के लिए, डॉक्टर या फिर इंटरव्यू के लिए जाती हैं तब आपके पेट में दर्द, बार-बार यूरिन पास करने का मन, उल्टी, घबराहट और जो सबसे बड़ी बात होती है वह पॉटी का लगना। तो आपको शायद पता होगा कि इस तरह की समस्या सिर्फ और सिर्फ तनाव क कारण उत्पन्न होती है।     

इसलिए, स्ट्रेस के कारण महिलाओं का रिप्रोडक्टिव सिस्टम भी प्रभावित होता है। जिसके कारण कभी-कभी तनाव महिलाओं के लिए अनियमित पीरियड्स और न आने का कारण बनता है। इतना ही नहीं, जैसे-जैसे आपके शरीर में तनाव का स्तर बढ़ता है, वैसे-वैसे एक समय ऐसा भी आता है जब आपका मासिक धर्म अस्थायी रूप से बंद भी हो सकता है।

हालाँकि, जैसे ही आपमें इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो तब आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि, इसके लिए डॉक्टर आपके हार्मोन लेवल, प्रेगनेंसी, सिस्ट, ट्यूमर आदि की जाँच कर सही तरीके से उपचार कर सकेंगे।

कैसे तनाव पीरियड्स को प्रभावित करता है ?

आमतौर पर, तनाव हाइपोथेलेमस के फंक्शन को प्रभावित करता है, जो कि पिट्यूटरी ग्रंथि को नियंत्रित करता है। ऐसे में, बॉडी की मास्टर ग्रंथि आपके थायरॉयड, एड्रेनल ग्लैंड और अंडाशय को नियंत्रित करता है। ऐसे में, आपका हार्मोन प्रभावित होता है।

तनाव और हार्मोन का क्या संबंध है ?

जैसा कि ऊपर भी कहा जा चुका है कि तनाव आपके ओवेरियन डिसफंक्शन को प्रभावित करता है और यह आपके बॉडी में एस्ट्रोजेन का उत्पादन करता है। जिससे कि आपको न केवल पीरियड्स से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं बल्कि, ओव्यूलेशन, या अन्य प्रजनन जैसी परेशानी हो सकती हैं। आमतौर पर, एस्ट्रोजेन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो गर्भाशय की परत को बनाने में मदद करता है और आपके शरीर को गर्भावस्था के लिए तैयार करता है। ऐसे में, यदि आपका ओवरी सही से काम नहीं कर रहा है तब यह आपके मासिक चक्र को प्रभावित कर सकता है।

पीरियड्स को प्रभावित करने वाले अन्य कारक-

इसके अलावा, भी कई ऐसे कारण हैं जो पीरियड्स के समय को आगे-पीछे कर देता है, जिनमें निम्न शामिल हैं-

  • तनाव के बाद जो सबसे बड़ा कारण है वह है बर्थ कंट्रोल पिल्‍स जो आपके मासिक धर्म को अनियमित करने के लिए जाना जाता है।

  • बहुत अधिक शराब का सेवन भी आपके एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के लेवल को बिगाड़ देता है जिससे कि इस तरह की समस्या उत्पन्न होती है।

  • गर्भाशय में सिस्‍ट भी मासिक धर्म चक्र पर असर डालता है।

  • गलत आहार का सेवन भी आपके पीरियड्स को प्रभावित करने का अकम बखूबी करता है।

हालाँकि, ऐसे में आपको यह कोशिश करनी चाहिए कि आप जितना हो सके तनाव मुक्त रहें और साथ ही खुश रहने की कोशिश करें। क्योंकि, यह आपके पीरियड्स को सामान्य रखने में आपकी काफी मदद करेगा।

मॉर्डर्न मोना- मदर लाइफस्टाइल! एक दैनिक कॉलम, जहाँ महिलाओं से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है।  जैसे- स्वास्थ्य, फैशन, फिटनेस, बच्चों का रख-रखाव, मनोरंजन, सेक्स आदि की जानकारी के लिए आप अपने सवाल इस ईमेल https://zenparent.in/communityपर भेज सकते हैं।

Feature Image Source: bd24live.com

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