कुत्ते पालने से बच्चों में अस्थमा होने का कम खतरा 

भारतीय समाज में लोगों के घरों में गाय ,भैंस पालने का प्रचलन तो बहुत समय से चलता आ रहा है।गाँव में सभी के घरों में गाय ,भैंस से एक अच्छा जीविका साधन है , लेकिन शहरी लोगों की सोच ग्रामीण लोगों की सोच से भिन्न है । शहर के लोग कुत्ता या बिल्ली पालने के ज़्यादा शौकीन होते हैं। ज़्यादातर लोगों की यह सोच होती है, कि अगर घर में कुत्ता पालते हैं, तो कुत्तों से उनके बच्‍चों को एलर्जी और अस्‍थमा होने का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन अब आपकी इस सोच को शोधकर्ताओं ने गलत स‍ाबित कर दिया है।शोधकर्ताओं का मानना है कि पालतू कुत्तों से अस्थमा (दमा) एलर्जी एवं चर्मरोग जैसी बीमारियां होने का डर कम होता है।वैज्ञानिको का दावा है, कि अगर घर में कुत्ता है तो उससे अस्थमा एवं एलर्जी होने का खतरा काफी हद तक कम होता है। खासकर बच्चों को यदि दमा और एलर्जी से दूर रखना है, तो घर में एक कुत्ता अवश्य पालना चाहिए। ताकि बच्चों में अस्थमा कुछ हद बचाया जा सके। जिससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। डॉ. के अनुसार बच्चों में होने वाले अस्थमा के वायरस को पालतू कुत्ते दूर रखते है।क्योंकि पालतू कुत्ते शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते है। पालतू कुत्ते सम्पर्क से अस्थमा इलाज़ के बेहतरीन साधन भी सकता हैं।पालतू कुत्तों में इंडाफिस नामक लाभदायक तत्व होता है।इन्हें स्पर्श करने से वात्सल्य का संचार होता है और बच्चों को अधिक खुशी होती है।बच्चे कुत्ते के साथ आराम से खेलतेकूदते भी रहते हैं।

1डिप्रेशन से निजात :- घर में कुत्ते पालने से बच्चे से लेकर बड़ेबुजुर्ग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते हैं। यह रोगी के इम्यून सिस्टम की क्षमता को बढ़ाती है। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार दमा के रोगी कम बोलने वाले होते हैं,जिससे अक्‍सर डिप्रेशन में रहते हैं। इसे दूर करने के लिए कुत्ते के साथ खेलना या वॉक पर जाना अच्छा हो सकता है।

2कुत्ते और बच्चे का एक साथ होना :-अगर आप घर में कुत्‍ता पालने के शौकीन हैं ,तो यह आपके बच्चे के स्वास्थ के बहुत कामगार साबित हो सकता है। बच्चा भी कुत्ते के साथ आराम से खेलेगा और अस्थमा अटैक भी बचा रहेगा।वैसे बच्चों को पेट्स से ज़्यादा ही लगाव होता है,और जब बात हो बीमारी के इलाज़ में काम आ सके तो क्यों न घर में पालतू जानवर पाल लें। जल्द ही एक शोध में यह पाया गया है , कि जिन घरों में कुत्‍ते पले होते हैं,वहां बच्‍चों में अस्‍थमा होने का खतरा कुछ प्रतिशत तक कम होता है।

3बाहर वाक पर जाना :-लोगों का अच्छा टाइम पास कुत्तों के साथ बाहर वाक पर जाने से हो जाता है। जिससे उनको बाहर फ्रेश एयर और सुबह की अच्छी धूप भी मिल जाती है। जिससे आप अपने कुत्ते के साथ पार्क में या फील्ड में कोई प्ले भी कर सकते है ,और अच्छा भी महसूस कर सकते हैं।

4घर के रखवाली में खास भूमिका का होना :-कुत्ते पालने से आपको हर तरफ से फायदा ही फायदा होता है, एक तो आपके घर की रखवाली भी पूरी ईमानदारी से करते हैं। घर के हर सुख दुःख में आपके साथ होते हैं। बेजुबान होने के बावज़ूद आपके फीलिंस और pain को समझते हैं।

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