खुश हो जाएं महिलाएं क्योंकि प्राकृतिक गर्भनिरोधक के फायदे ही फायदे हैं

वह महिलाएं जो अपने बच्चे के जन्म के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होती हैं, यानि कि साफ शब्दों में कहें तो यह एक प्रकार से सोच-समझकर अपनाया जाने वाला गर्भनिरोधक तरीका है। ताकि अनचाहे गर्भ से छुटकारा मिल सके। हालाँकि, ज्यादातर महिलाएं अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए बाजार में मिलने वाले गर्भनिरोधक का प्रयोग करती हैं। लेकिन, क्या आप जानती हैं कि इससे ज्यादा फायदा आपके लिए प्राकृतिक रूप से अपनाए गए गर्भनिरोधक से होता है।

आमतौर पर महिलाएं, गर्भनिरोधक के लिए सबसे अच्‍छा और बेहतर तरीका गर्भनिरोध गोलियों को मानती हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता है कि इसका असर कितना खतरनाक होता है। क्योंकि, इस तरह की दवाएं आपके हार्मोन को प्रभावित करती है और तो और कभी-कभी यह इनफर्टिलिटी को भी बढ़ावा देती हैं। इतना ही नहीं, अगर सही समय पर इसका प्रयोग न किया जाए तो यह असर नहीं करती है। इसलिए यौन संबंध बनाने के 72 घंटे के अंदर इन दवाओं का सेवन किया जाना चाहिए। ऐसे में, प्राकृतिक गर्भनिरोधक को जन्‍म नियंत्रण के लिए सबसे अच्छा तरीका माना गया है।

प्राकृतिक गर्भनिरोधक के क्या फायदे हैं ?

एक शोध में यह बात सामने आई है कि अन्‍य गर्भनिरोधक की तुलना में प्राकृतिक गर्भनिरोधक अधिक प्रभावी और सुरक्षित होता है, इसका महिलाओं पर बुरा असर नहीं पड़ता है। ऐसे में, निचे कुछ ऐसे प्राकृतिक गर्भनिरोधक के फायदे बताए जा रहे हैं जिसे हर हाल में महिला को पता होनी चाहिए, जिनमें निम्न शामिल है-

इनफर्टिलिटी का खतरा नहीं

यह बिल्कुल सच है कि प्राकृतिक गर्भनिरोधक का प्रयोग करने से महिलाओं के शरीर में किसी तरह की कोई खास परेशानी नहीं होती है। क्योंकि, जब आप गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करती हैं तब आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे कि आपका मासिक चक्र भी प्रभावित होता है। ऐसे में, प्राकृतिक गर्भनिरोधक का प्रयोग करने से इनफर्टिलिटी का खतरा नहीं होता है।

सेक्स में रूचि

यह बिल्कुल सच है कि जो महिलाएं प्राकृतिक गर्भनिरोधक का प्रयोग करती हैं उनकी यौन क्षमता प्रभावित नहीं होती है और वह खुल कर अपने सेक्स को एन्जॉय करती हैं। लेकिन, जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करती हैं उनमें सेक्स को लेकर कम रूचि देखी गई है, ऐसा इसलिए क्योंकि यह दवा सीधे तौर पर आपके हार्मोन को असंतुलित कर देती है।

स्वास्थ्य ठीक रहता है

वह महिलाएं जो अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए दवाओं का सेवन करती हैं उनके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। खासतौर से, चक्कर, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी भूख न लगना आदि जैसी समस्‍या देखने को मिलती है। इसलिए, अगर आप इन सब समस्या से निजात पाना चाहती हैं तो आपके लिए प्राकृतिक गर्भनिरोधक एक बेहतर विकल्प है।

स्तन कैंसर से बचाव

एक शोध में यह बात सामने आई हैं कि उन महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षण अधिक देखे गए हैं जो गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करती हैं। वहीं उन महिलाओं में इसके मामले न के बराबर देखे गए हैं जो प्राकृतिक गर्भनिरोधक का प्रयोग करती हैं। ऐसे में, यह तरीका आपके हेल्थ को भी प्रभावित नहीं करता है।

प्राकृतिक गर्भनिरोधक के क्या तरीके हैं ?

प्राकृतिक गर्भनिरोधक के सबसे प्रभावी तरीके निम्न हैं-

  • ओव्‍यूलेशन पीरी‍यड का ध्यान रखें- प्रा‍कृतिक गर्भनिरोधक का प्रयोग करना बहुत ही आसान है, इसके लिए सिर्फ आपको अपने ओव्‍यूलेशन पीरी‍यड का ध्यान रखना होगा। यानि कि आपको अपने पीरियड्स के 10 से लेकर 15 या 17 दिनों के बीच सेक्स नहीं करना चाहिए। क्योंकि, इस समय आप सबसे अधिक फर्टाइल की स्थिति में होती हैं। इसके अलावा आप कभी भी सेक्स कर सकती हैं।

  • स्पर्म को अंदर न जाने दें- इसे विदड्रॉल तकनीक भी कहते हैं, इस समय आपके पार्टनर अपने लिंग को योनि से बाहर निकाल लेते हैं और स्पर्म को अंदर नहीं जाने देते हैं। क्योंकि अधिकतर इसी समय लोग गलती कर बैठते हैं जो कि गर्भधारण का कारण बन जाता है।

  • लेक्टोशनल इनफर्टिलिटी- इसका मतलब यह है कि कोई भी महिला तब तक गर्भवती नहीं हो सकती जब तक वह अपने बच्चे को स्तनपान कराती है। यह सही है बच्चे को जन्म देने के बाद अगर महिला स्तनपान नही कराती तो जल्दी आव्युलेट नहीं होती है। लेकिन जो महिला स्तनपान कराती है वह डिलीवरी के 10 से 12 सप्ताह के अन्दर ही ओव्युलेट होने लगती है। ले‍किन कई बार स्तनपान कराने के दौरान भी कई महिलाएं गर्भवती हो जाती है।

मॉर्डर्न मोना- मदर लाइफस्टाइल! एक दैनिक कॉलम, जहाँ महिलाओं से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है।  जैसे- स्वास्थ्य, फैशन, फिटनेस, बच्चों का रख-रखाव, मनोरंजन, सेक्स आदि की जानकारी के लिए आप अपने सवाल इस ईमेल https://zenparent.in/communityपर भेज सकते हैं।

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