टीवी देखने की लत को ऐसे छुड़ाये

 

बच्चे आज -कल टीवी के काफी शौकीन हो गए हैं। स्कूल से घर वापस आते ही सबसे पहले अपना फेवरेट कार्टून या उनको जो शो पसंद है उसे लगा कर देखना शुरू कर देते हैं, और घर में उनके और कोई एक्टिविटी नहीं दिखाई देता। सिवाय टीवी के। जैसे -कि किताब पड़ना ,क्रिएटिंग एक्टिविटी का होना आदि आदतें बहुत पीछे छोड़ कर टीवी शो में मस्त हो जाते है। बिना किसी बात की  परवाह किये हुए। बच्चे का पहली ख्वाहिश किताब पढ़ने के बजाय,कि वो टीवी देखे।कभी -कभी ऐसा होता है की पड़ोस के घर में बच्चे टीवी देख रहे है उनकेघर से  बैक ग्राउंड की आवाज बाहर आती हैं। जिसे हम निरंतर प्रयास करते है कि बच्चे कौन -सा  शो अत्यधिक देख रहें हैं।  जैसे- मोटापा ,या ख़ुफ़िया आदि हानिकर आदि विषयों पर चर्चा को देखते हैं।आइये जानते है कुछ सुझाव जिससे बच्चे के टीवी देखने में रोक लगाया जा सके –

1 -रोक लगाना :-पेरेंट्स बच्चे के लिए सबसे अच्छा तरीका ये है टीवी के कनेक्शन को काट कर कहीं प्लग या रिमोट को छिपा दें। या माता -पिता बच्चों के टीवी देखने में कुछ इस तरीके से रोक लगा सकते हैं। जैसे हफ्ते में कुछ दिन टीवी देखने के दें जैसे सोमवार से शुक्रवार टीवी खुद न देखें और बच्चों को न देखने दें इसके लिए पेरेंट्स को क़ुरबानी अपने सीरियल्स देनी पड़ेगी। फिर अगर पेरेंट्स को टीवी देखना ही है,तो बच्चे के अनुपस्थिति टीवी देख कर प्लग निकाल कर कहीं छुपा सकते हैं ताकि बच्चे टीवी नहीं देख पाएंगे।

2 -साथ देना :- पेरेंट्स बच्चे को टीवी देखने से क्या-क्या  नुकसान होता है। जैसी बातें जरूर बताये की अगर वो हर वक़्त टीवी ही देखंेगे तो कुछ और नहीं सीख पाएंगे जैसे -किताबे पढ़ना ,कॉमिक्स पढ़ना ,क्राफ्ट एक्टीविटी  आदि। पेरेंट्स बच्चों में इन आदतों को  शामिल करा सकते है, बालकनी साफ करना और साईकिल वाश करना मम्मी के साथ किचन में हाथ बटाना आदि आदतों को करने में शामिल करना चाहिए। अगर बच्चा आपके दिए हुए टास्क को पूरा नहीं कर पाता हैं तो उसे बाहर घूमाने के लिए जाये। जिससे बच्चे अपने एक्टिविटी को दिखा सकते है जो उनकी आदत में नहीं था।

3 -समय निर्धारित करना :- पेरेंट्स बच्चे के टीवी देखने के लिए उनको कितने समय कितने मिनट तक टीवी देख सकते हैं। इस बात को जरूर बच्चों को बतानी चाहिए। अक्सर बच्चे स्कूल से वापस आते ही टीवी देखना शुरू कर देते हैं। अगर पेरेंट्स घर के कामों में व्यस्त है और उन  ध्यान नहीं दे पाये तो घंटो अपना फेवरेट्स चैनल लगा कर टीवी देखते रहते हैं। उनको खाने -पीने की कोई परवाह नहीं होती है। जिसके लिए बच्चों को समय फिक्स कर देना चाहिए कि कितने मिनट टीवी देखने। इससे बच्चे की पढाई भी नुकसान नहीं होगी।

4 -प्रे रिकॉर्ड शो देखना :- पेरेंट्स बच्चे के लिए कुछ ऐसे प्रोग्राम है जिनको बच्चे के अच्छे आदत के लिए रिकॉर्ड करके उनको देखने के लिए दे देना चाहिए हाँ ये जरूर ध्यान रहे कि समय तक वो टीवी देख सकते हैं। पेरेंट्स बच्चे के साथ कुछ ऐसे धारावाहिक भी देख सकते हैं जिससे बच्चों को ज्ञान मिल सके जैसे :-रामायण ,महाभारत,श्रीकृष्णा आदि धार्मिक टीवी शो बच्चे के साथ में देख सकते हैं और बच्चे को एक अच्छा सन्देश भी मिलेगा।

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6-टीवी के अलाव इन चीजो पर ध्यान बटाना :- पेरेंट्स बच्चों के टीवी शो से ध्यान बटाने  म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स का आदत डलवानी चाहिए जैसे -पियानो ,गिटार,तबला ,वॉयलिन आदि  कैसे किस स्वर में ध्वनि निकाले  सीख देनी चाहिए। साथ ही जब बच्चा  इंस्ट्रूमनेट का प्रयोग करने के लिए बैठे तो पेरेंट्स कुछ न कुछ गीत गुनगुनाये ताकि बच्चा आपके गीत की ध्वनि को बजा सके और टीवी से दूर भी रहेगा। जिसके साथ वो अच्छा गुण भी सीख लेगा।

 

5 -एडल्ट बच्चों के टीवी देखने पर निगरानी करना :-  ज़्यादातर घरों में बड़े -बूढ़े धार्मिक धारावाहिक देखते हैं। उनका सीरियल एक के बाद एक आता रहता है और दिन से शाम  तक अपना समय टीवी शो देख कर व्यतीत करते हैं। ऐसे में किशोर बच्चों को टीवी शो जो उनके पसंद का नहीं देखने को मिल पाता  हैं।  क्योंकि जब  हमारे बड़े लोग टीवी देख रहे होते हैं तो हम उनके टीवी शो टाइम पर अपने पसंद का शो नहीं देख पाते हैं। जिसके लिए पेरेंट्स बच्चे को उनको एक छोटी टीवी दिला सकते है उनके कमरे में जो वो आराम से देख सकें। लेकिन थोड़ी सी परेशानी पेरेंट्स को उठानी पड़ेगी की आपका बच्चा छोटा हो या बड़ा टीवी पर कौन सा शो या कितने समय से देख रहा है। ऐसा तो नहीं पढ़ने के समय पर टीवी ऑन है बच्चा सिर्फ टीवी ही देख रहा पढाई नहीं कर रहा। पेरेंट्स बच्चे के टीवी समय निर्धारित जरूर करें ताकि आपका बच्चा थोड़ा इंटरटेनमेंट करके और पूरा ध्यान अपना पढाई पर दें।

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