क्या करें जब बच्चे उल्टा जवाब देने लगें?

बच्चों को उल्टा जवाब देने से रोकें- पेरेंटिंग रीसोर्सिज़ बाइ ज़ेनपेरेंट

आपका बच्चा जब बोलना शुरू करता है और डगमग कदम बढ़ाता है तौ माँ-बाप उसपर ढेर सारा प्यार लुटाते हैं। पर जब इसी प्यार के बदले में बच्चा आगे चल कर, आपका कहा न मानकर, बिगड़ जाए और उल्टा-सीधा जवाब देना शुरू कर दे तब आप क्या करें?

बच्चे का कोई भी व्यवहार अचानक से नहीं बनता, इसलिए अपनी परिस्थिति देख कर, बच्चे के दुर्व्यवहार का कारण खोजें और उसका हल निकालें ।

1. बच्चों की बढ़ती उम्र भी एक कारण है : आपका बच्चा धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है और स्वतंत्रता प्रिय भी। अपनी आज़ादी दिखाने के लिए भी बच्चे उल्टा जवाब देने लगते हैं, उन्हें माँ-बाप की दखलंदाज़ी पसंद नहीं आती । बच्चा हर काम अपने तरीके से करने की कोशिश करता है और टोकने पर उल्टा जवाब देने लग जाता है। ऐसी स्थिती में आप यह स्पष्ट करें कि घर में कई निर्णय आपके माने जाएँगें और बच्चों को उसे निबाहना होगा । अनुशासन का पाठ बचपन से ही लागू करें और यदि अपने हर निर्णय का कारण आप नहीं समझा पाएँ तो कुछ समय ज़रूर निकालें कि यह क्योँ ज़रूरी है । बच्चों के साथ बातचीत करते रहना ज़रूरी है ।

बुरा बच्चा- पेरेंटिंग रीसोर्सिज़ बाइ ज़ेनपेरेंट

2. ज़्यादा लाड-दुलार भी सही नहीं : बच्चों को प्यार करना ज़रूरी है पर अति हर चीज़ की बुरी होती है। लाड-दुलार में बच्चों को उल्टा जवाब देने की आदत को नज़रअंदाज़ ना करें । इस समय उन्हें अनुशासित करें और उन्हें बताएँ कि बड़ो को उल्टा जवाब देना ठीक नहीं। इससे उने घर, स्कूल या खेल मैदान में भी परेशानी आ सकती है|

बच्चे को टोकें और बताएँ कि बड़ो को उल्टा जवाब देना और तर्क कुतर्क करना ठीक नहीं है |

3. माँ-बाप की अपेक्षाओं पर खरा न उतरना : कई बार माँ-बाप बच्चे की प्रतिभा विकसित करने की कोशिश में, उसपर अपनी आशाएं अनजाने में थोपने लग जाते हैं। बच्चे परेशान होकर उल्टा जवाब देने लगता है और आपसे निर्णय लेने की क्षमता छीनने की कोशिश करता है। बच्चा माँ-बाप की अपेक्षा पूरी नहीं कर पता और चिड़चिड़ेपन और झुंझलाहट पर उतर आता है। दूसरे बच्चोंसे उसकी तुलना न करें। आपका बच्चा अपनी कमज़ोरी छिपाने के लिए उल्टा जवाब देगा। इसलिये यह न करें। एक छोटे से बच्चे को भी अहम् पर चोट लगने पर, वह बुरा महसूस कर, उल्टा जवाब दे सकता है|

बुरा बच्चा सुधार सकता है- पेरेंटिंग रीसोर्सिज़ बाइ ज़ेनपेरेंट

4. बहुत ज़्यादा डांट-फटकार ना करें : एक बच्चे का मन बहुत कोमल होता है। बहुत ज़्यादा डांट भी बच्चे को उथंड बना देती है और बच्चे का चंचल मन, तैश या बेचैनी में आकर, उसे उल्टा जवाब देने पर मजबूर कर देता है। अगर आप बच्चे को विश्वास दिलायें कि आपका हर निर्णय उसके भले के लिए है तौ बच्चा धीरे-धीरे स्वयं आपकी बात मानने लगेगा। बहुत ज़्यादा डाँटने या झुंझलाकर हाथ उठाने से बात बिगड़ जाती है। अगर कभी बहुत गुस्सा आए तौ उस समय शांत हो जाएँ और बाद में बच्चे को प्यार से समझाएं।

5. स्वयं का उदाहरण सामने रखें : याद रखें, आप जो बोलते हो उससे ज़्यादा बच्चों पर उस व्यवहार का असर पड़ता है। अगर आप खुद बात-बात पर उतेजित होकर या रूखा बरताव दिखाते हो तो बच्चा आपका ही अनुकरण करेगा। परिवार में मिठास का वातावरण बनाएँ रखें ताकि बच्चा भी शांत स्वाभाव को अपनाए|

कैसे बच्चों को उल्टा ज्वाब देने से रोकें- पेरेंटिंग रीसोर्सिज़ बाइ ज़ेनपेरेंट

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इमेज सोर्स : गूगल इमएजिज़

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