कैसे ट्रैवेल करते-करते मलिनी बनी एक अच्छी माँ ?

मलिनी गौरीशंकर किसी नाम का मोहताज़ नहीं हैं, यह एक उद्यमी (एंटरप्रेन्योर), वॉयसओवर कलाकार, रेडियो जॉकी, क्रिएटिव राइटर के साथ-साथ यह एक बहुत ही अच्छी माँ भी हैं। इतना ही नहीं यह पेशे से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियर भी हैं। लेकिन, इतने सारे क्षेत्रों में नाम होने के वाबजूद इनका एक सपना है और वह है ट्रेवल इंडस्ट्री। जिसका सबसे बड़ा परिणाम है एफ 5 एस्केप्स (F5 Escapes), जो कि एक 

ट्रैवल कंपनी है। जो महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और मजेदार छुट्टियों का आयोजन करती है।

एफ 5 एस्केप्स का जन्म  

इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियर होने के वाबजूद इनमें ट्रैवेल को लेकर एक जूनून था। लेकिन, महिलाओं के लिए अकेले यात्रा करना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं था। हालाँकि मलिनी ने लोगों की अवधारणा और मानसिकता को बदलने के लिए काफी काम किया, ताकि वह समाज में एक नई सोच कायम कर सकें। जिसके उपरांत एफ 5 एस्केप का जन्म हुआ।

कितना कठिन था घर और बाहर के कामों में संतुलन बिठाना ?

एक एंटरप्रेन्योर, वॉयसओवर कलाकार और क्रिएटिव राइटर होने के साथ -साथ माँ की भूमिका निभाना कोई आसान काम नहीं था। लेकिन मालिनी ने सभी को बहुत ही खूबसूरती से हैंडल किया। इतना ही नहीं इनके दिन की शुरुआत 5 बजे से शुरू होताी है, वह भी एक बहुत बड़ी मुस्कान के साथ। लेकिन, हर माँ की तरह इनका भी दिन एक जैसा नहीं होता है, फिर भी वह आसानी से मैनेज करती हैं।

बेटे के साथ ट्रैवेल करना

ट्रैवेल के बारे में इन्होंने कहा कि मैंने बहुत यात्राएं की हैं। इतना ही उन्होंने यह भी कहा कि मेरे इस ट्रैवेल में मेरा बेटा भी शामिल होता था, यहां तक की उसके कुछ क्लासेस भी मिस होते थे। एक माँ के रूप में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बच्चे यात्रा के दौरान एक अच्छे व्यक्ति बन सकते हैं। क्योंकि, ट्रैवेल उन्हें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और विनम्र जैसे गुणों को सिखाते हैं।   

साथ ही उन्होंने कहा कि “अपने बच्चों को थोड़ा लूज़ रखना चाहिए। मेरा बेटा जब 2 साल का था, तब से मैं यात्रा कर रही हूँ, और मैं इन चीज़ों को अच्छे से जानती हूँ। ”

सिंगल पेरेंट के रूप में चुनौतियाँ

मलिनी का मानना है कि सिंगल पैरेंट ने उन्हें काफी मजबूत बना दिया है, जहाँ वह हर मुश्किलों का सामना आसानी से कर सकती हैं।  

महिला उद्यमी के रूप में चुनौतियाँ

लिंग रूढ़िबद्धता बहुत ही दुख की बात, जो कि आज भी हमारे देश में प्रचलित है। हालाँकि, यह इन बातों को हँसते हुए कहती हैं और इन्होंने कहा कि यह किसी भी रूप में मेरे काम को प्रभावित नहीं करता है।

“पुरुषों को व्यापार में और अधिक गंभीरता से लिया जाता है, लेकिन इसका केवल उन्मूलन किया जा सकता है। क्योंकि, आज के समय में महिलाएं इस क्षेत्र में काफी पैर फैला चुकी हैं।”

क्या आपका बेटा नारीवादी है ?

यह एक महिला उद्यमी होने के साथ-साथ अपने 10 वर्ष के बेटे की माँ हैं जो पहले से ही अपने बेटे को नारीवाद के सूक्ष्म पहलुओं को सिखाते आ रही हैं। हालाँकि, देखा जाए तो अक्सर पुरुषों को मजबूत और शक्तिशाली जैसे शब्दों के साथ जोड़ा जाता है, जबकि महिलाओं को कमजोर और नरम जैसे शब्दों के साथ संबोधित किया जाता है। हालांकि, मालिनी के माता-पिता के पास दोनों का सही मिश्रण है, और उनका मानना ​​है कि यह एक नारीवादी बेटा तैयार करने का रहस्य है।

माँ के रूप में आप अपने बच्चों को क्या सलाह देना चाहेंगे ?

अंत में मलिनी ने कहा कि “अपने बेटों को अधिक संवेदनशील बनाने की कोशिश करें। क्योंकि, भावनात्मक बुद्धि शुरूआती शिक्षा से बहुत ज्यादा मायने रखती है। ”

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Anmol Tum : Real parents’ journeys from all walks of life, Brought to you by Teddyy’s Diapers. Made for Indian Moms

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