कैसे प्रेगनेंसी में लिया गया आहार बच्चे के स्वाद को प्रभावित करता है?

कितनी दिलचस्प बात है, कि जैसे ही आप प्रेगनेंट होती हैं आपका टेस्ट चेंज हो जाता है। अचानक से आप मीठे चीज़ों को नापसंद करने लगती हैं, और आपमें कुछ खास खट्टा खाने की इक्षा होने लगती है जैसे- अचार, इमली या कच्चे आम की कैरी के रूप में। प्रेगनेंसी के दौरान इसे फूड क्रेविंग के नाम से जानते हैं, हालाँकि इस प्रकार की क्रेविंग विटामिंस और मिनरल्‍स की कमी के कारण होती है।

सामान्यतौर, पर फ़ूड क्रेविंग नॉर्मल माना जाता है।  लेकिन क्या सच में यह आपके लिए नॉर्मल है, यह तभी संभव है जब आपका बच्चा पूरी तरह से इससे प्रभावित हो, तभी आप अपने खाने की इस इक्षा को सामान्य मान सकती हैं। हालाँकि, कुछ खाने-पीने की चीजे भ्रूण के स्वास्थ्‍य पर बुरा और हानिकारक प्रभाव भी डाल सकती है, ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान ऐसा आहार लेना चाहिए जो सभी पोषक तत्‍वों से भरपूर हो।

प्रेगनेंसी के लगभग 21 हफ्तों में, भ्रूण के अंदर स्वाद विकसित होने लगता है। ऐसे में, शिशु हर वह एक स्वाद का अनुभव करता है, जिसे आप अपने आहार के जरिए लेती हैं। हालाँकि, बच्चे को खाने का टेस्ट एमनियोटिक द्रव के माध्यम से मिलता है, और जन्म के बाद यह स्वाद दूध के जरिए प्राप्त होता है।

हालाँकि, बच्चे एक दिन में एमनियोटिक द्रव के जरिए, लगभग 200 से 760 मिलीलीटर तक के जायके का स्वाद लेते हैं, जिसमें नमकीन, मीठा, खट्टा और कड़वा आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं आपका एमनियोटिक द्रव और ब्रैस्ट मिल्क की स्मेल आपके पिछले आहार की तरह होता है, जिसको आपने पहले खाया हो। यह सच है कि, प्रेगनेंसी में लिया गया आहार आपके बच्चे के जन्मजात तालू को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शोध के जरिए यह बात सामने आई है कि, वह गर्भवती महिलाएं जो अपने आहार में, जिन चीज़ों का सेवन सबसे अधिक करती हैं, वह बच्चे के भविष्य में उनका पसंदीदा आहार बन जाता है। यदि प्रेगनेंसी के दौरान, महिलाएं फल और सब्जियों का बहुत अधिक सेवन करती हैं, उनके बच्चे इन चीज़ों का सेवन अपने कम उम्र से ही करने लगते हैं।

जन्म के बाद यदि आपके बच्चे खाने को लेकर बहुत ज्यादा चूज़ी हैं, तो ऐसे में इसका सारा दोष आपके गर्भावस्था के समय लिए गए आहार को दिया जाता है। क्योंकि, ऐसा हो सकता है कि बच्चे गर्भ में इन खाद्य पदार्थों के टेस्ट को कभी अनुभव ही नहीं किया हो।

क्योंकि, एक्सपेरिमेंट में यह बातें सामने आई हैं कि, बच्चे उन्हीं टेस्ट को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं जो उनकी माँ प्रेगनेंसी के दौरान या बाद में अपने आहार में शामिल करती हैं। इसका मतलब यह है कि, जब भ्रूण बार-बार एक ही स्वाद के संपर्क में होता है, तब वही स्वाद बच्चे के जन्मजात तालू को प्रभावित करता है।

ऐसे में आपके लिए यह बहुत जरूरी है कि प्रेगनेंसी के दौरान अपने आहार में परिवर्त्तन करें, क्योंकि आने वाले दिनों में यह आपके बच्चे के स्वाद की वरीयताओं को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में स्वस्थ भ्रूण के विकास के लिए अपने आहार में उन पोषक तत्व को शामिल करें जो आपके बच्चे के विकास के लिए  सहायक हो।

आप किसी भी तरह के सुझाव को हमारे साथ साझा कर सकते हैं, इसके लिए आप अपने सुझाव को कमेंट सेक्शन में लिखें।

यह आर्टिकल क्लाउड नाइन से लिया गया है|

https://zenparent.in/parenting/can-pregnancy-diet-influence-your-babys-future-taste

 

loader