कैसे बढ़ाएं अपनी मैटरनिटी की छुट्टी को

वैसे तो कई सारे ऐसे ऑर्गनाइजेशन हैं जिनमें करीब चार सप्ताह की मैटरनिटी लीव मिलती है। वहीं कई ऐसे संस्थान और राज्य हैं ,जहां पर इस दौरान छुट्टी की समस्या भी आती है। नयी प्राइवेट कंपनियों  में  दिक्कत ज्यादा है। डॉक्टर की मानें तो नयी मां को बच्चे के साथ कम से कम 12 सप्ताह बीताना चाहिए ताकि उनकी बॉन्डिंग अच्छी हो सके। यह वो दौर होता है जब बच्चे को फीडिंग और स्पेशल केयर की जरूर होती है।  तो कैसे क्या किया जाए कि छुट्टी लंबी मिले और नुकसान भी न हो।

क्या कहता है कानून

1961 के मैटरनिटी बेनिफिट के अनुसार मां को डिलवरी के छह वीक पहले और बच्चा होने के छह वीक बाद की छुटटी मिलती है। कुल मिलाकर 12 सप्ताह तक आपकी छुटटी होती है। कई ऐसी भी कंपनी हैं जो छह महीने की छुटटी भी देती हैं। इसके अलावा अबॉर्शन और मिस कैरेज के लिए भी छह सप्ताह की छुटटी मिलती है।

कैसे करें क्लेम

इसके लिए अपने एचआर डिर्पाटमेंट को लिखित में देना होगा कि आप इस दौरान काम करने में असमर्थ हैं। इसके अलावा उनको मैटरनिटी लीव और बाकी बेनिफीट के बारे में  लिखित में पूछें। इसके लिए ईमेल किया जा सकता है।

 

दूसरे फायदों की लें जानकारी

कई कंपनी ऐसी हैं जो कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस भी देती हैं। इस बारे में जानकारी हासिल करें कि आपका हेल्थ इंश्योरेंस क्या है। ये सारी जानकारी आपको एचआर के माध्यम से ही मिलेगी। इसके अलावा आप एक महीने की सिक लीव भी ले सकती हैं। इसके लिए आपको ऑफिस में मेडिकल पू्रफ देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं लॉ के मुताबिक डिलेवरी के 10 सप्ताह पहले आपको ज्यादा देर खड़े रहने और ज्यादा थकाने वाले काम करने की भी मनाही है।

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