जन्म के दो दिन तक नवाजत शिशु में रखें इन बातों का ध्यान

जन्म के बाद नवजात की देखभाल बहुत ही संभल कर और अच्छे तरीके से की जानी चाहिए। क्योंकि, इन दिनों आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपके शिशु के लिए अच्छा साबित नहीं होगा। इस समय शिशु सब से ज्यादा संक्रमण के शिकार होते हैं। इसलिए, कुछ ऐसी बातें हैं जिसका हर माँ को ध्यान रखना चाहिए, जो निम्न हैं-

शरीर की सफाई

जैसे ही नवजात माँ के गर्भ से निकले उसे तुरन्त बाद साफ कपड़े से बच्चे का सिर, आँख, नाक, मुँह, पीठ पोछना चाहिए। यह प्रक्रिया जन्म के 5 मिनट के अंदर की जानी चाहिए।

गर्म कपड़े में लपेटे

जन्म के तुरंत बाद जैसे ही आप शिशु को कपड़े से पोछती हैं ठीक उसके ठीक बाद किसी गर्म कपड़े में लपेटें। क्योंकि, जब वह माँ के पेट से निकलता है तब उसे बहुत अधिक ठंड लगती है। ऐसे में, बच्चे को गर्म रखना जरूरी है क्योंकि इससे शरीर को बढ़ने में मदद मिलती है।

माँ से जुड़ाव

जैसे ही आपको पता चलता है कि आप माँ बनने वाली हैं वैसे ही आपको अपने बच्चे के लिए एक जुड़ाव और प्यार महसूस होता है। ऐसे में शिशु के जन्म के बाद माँ का शिशु के साथ जुड़ाव बहुत अहम माना जाना है। इस समय मां का अपने बच्चे को गोद में लेना जरुरी होता है। ऐसा करने से मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव बनता है।

स्तनपान

नवजात शिशु के लिए माँ का गाढ़ा पीला  दूध अमृत के सामना होता है। ऐसे में माँ बच्चे को 6 महीने तक स्तनपान कराना अतिआवश्यक है। जिससे बच्चे को हर बीमारियों से लड़ने में शक्ति मिल सके। स्तनपान कराने से बच्चे को अचछे नींद आती है और बच्चा आराम से सो भी जाता है। जब बच्चा नींद पूरी करने के उठता है तो अगर माँ ब्रेस्ट फीड करा देती है ,तो शांति पूर्वक खेलने या फिर अपने मस्त हो जाता है। जैसा की विशेषज्ञों का भी कहना है कि शिशु को ब्रेस्ट फीड अवश्य करायें। जिसके लिए हर माँ को शिशु को ब्रेस्ट फीड जरूर कराना चाहिए।

स्नान

पहले सप्ताह के दौरान, आपको बहुत ध्यान से अपने बच्चे को एक स्पंज स्नान देना चाहिए। एक बार गर्भनाल निकल जाए तो, आप नियमित रूप से एक सप्ताह में दो से तीन बार अपने बच्चे का स्नान शुरू कर सकते हैं।

साफ-सफाई का ध्यान रखें

अपने बच्चे को पकड़ने से पहले अपने हाथों को धो लें और साफ़ कर लें। नवजात शिशु संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अभी इतनी मजबूत नहीं होती । सुनिश्चित करें कि आपके हाथ या फिर उन लोगों के हाथ जो आपके बच्चे को पकड़ते हैं बच्चे से संपर्क बनाने से पहले साफ हों।

गर्भनाल की देखभाल करें

आपके बच्चे की गर्भनाल स्टंप उसके जीवन के पहले दो हफ्तों के भीतर गिर जानी चाहिए । उसका रंग सूखने पर पीले-हरे से भूरा और काला होगा और वह खुद से ही गिर जायेगी। उसके गिरने से पहले उसकी देखभाल करना महत्वपूर्ण है ताकि संक्रमण से बचा जा सके।

इन सब के अलावा, अगर आपको लगता है कि शिशु का रंग बदल रहा है या शिशु पीला पड़ रहा है तब आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें ताकि समय रहते शिशु का इलाज किया जा सके।

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