जब स्कूल में घुस आया तेंदुआ

बच्चों को स्कूल पेरेंटस इसलिए भेजते हैं कि उनको अच्छी तालिम हासिल हो सके। इसके अलावा उनको सुरक्षित माहौल भी मिल सके। इसके लिए पेरेंटस हर मुमकिन कोशिश करते हैं। इसके लिए अच्छी खासी जेब भी ढीली करते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या सच में स्कूल इतना महफूज है। हम यहां बात कर रहें हैं बैंग्लोर के वेब्ग्योर इंटरनेशल स्कूल की, जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। रविवार को स्कूल परिसर में अचानक से तेंदुआ घुस आता है। वह पूरे स्कूल और क्लास रूम में भ्रमण करता है। दो लोग घायल होते हैं। करीब दस से 15 घंटे कड़ी मेहनत के बाद तेंदुए को पकड़ा गया ।

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यहां ये कहना गलत कतई नहीं होगा  िक अक्सर इस स्कूल के किसी न किसी ब्रांच की खबर मीडिया के हाथ लग ही जाती है। सीसीटीवी में कैद फुटज इस बात की गवाही दे रहा है कि आखिर आपके बच्चे कितना महफूज हैं। ऐसा नहीं है कि इतनी फीस कम है मगर सुरक्षा न के बराबर है। सोचने के बात तो ये है कि अगर तेंदुआ तो ये महज एक दिन की बात नहीं है। सुरक्षा और संरक्षा के नियमों को ताख पर रखकर स्कूल का निर्माण तो करा दिया गया। बच्चों का दाखिला भी कर लिया गया मगर बच्चों को सुरक्षा के नाम पर क्या मिल रहा है वो तो सबके सामने है। दरअसल ये स्कूल शहर से काफी दूर है। जहां पर जंगली जानवर का आना जाना आम है। व्हाइटफिल्ड के आसपास का कुछ एरिया ऐसा है जो जंगल से घिरा हुआ है। जिसे काटकर नयी इमारतें और आॅफिस का निर्माण हो रहा है। ऐसे में जाहिर के ये जानवर लोगों को नजर आएंगे। क्या ये कहना काफी है यहां या इसके लिए स्कूल प्रशासन को पहले से ही मुस्तैद रहना चाहिए। जाहिर सी बात है जब स्कूल शुरू हो चुका है और नन्हें बच्चे वहां  पढ़ने आ रहे हैं तो उनकी सुरक्षा के सारे इंतेजाम भी होने चाहिए। एक बार सिर्फ इस बात को सोच कर देखिए की अगर ये तेंदुआ रविवार की जगह शनिवार ये सोमवार को आता तो क्या होता? इस बारे में सोच कर ही रोंगटे हिल जा रहे हैं कि कितने लोगों की गोद उजड़ गयी होती।

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सुरक्षा के इंतेजाम

टीवी न्यूज और वीडियों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बाउंडरी भी इतनी बड़ी नहीं है कि जंगली जानवर न आ सके। इतना नहीं इसी स्कूल में कुछ साल पहले एक मासूस बच्चे का बलात्कार भी हुआ था। स्कूल की उस शाखा में भी कई सारे कैमरे लगे थे मगर इस हादसे की किसी को भनक भी नहीं लगी। ये प्रशासन की लापरवाही नही ंतो और क्या है? फिलहाल तेंदुआ को पकड़ा गया है मगर चिंता का विषय ये कि लापरवाही करने वाले स्कूल प्रबंधन पर कोई सवाल उठाएगा या यूंह ी उनकी मनमानी चलती रहेगी।

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