जब बच्चों  में हो जकड़न

सांस लेने में बच्चे को दिक्कत हो रही है। ऐसा कई बच्चों को सर्दी के दौरान होता है। कई बार नाक जाम हो जाती है और उनको सांस लेने में परेशानी होती है।  इसके अलावा वो सो भी नहीं पाते। बच्चे पूरी रात सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न की वजह से रोते रहते हैं।

सीने में जकड़न के लक्षण

  • सांस लेने में दिक्कत
  • खांसी आती है
  • हल्का या तेज बुखार
  • खाने से परहेज करते हैं बच्चे
  • चिड़चिड़ापन आना
  • सोने में दिक्कत

नहीं होगी ऐसी दिक्कत

बच्चों में ऐसी दिक्कत कभी नही होगी अगर हम थोड़ा सा सर्तक हो जाएं। उनको सर्दी जुकाम और सीने की जड़कन से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाने की जरूरत है। इसके अलावा अगर बच्चे को ये समस्या जाए तो साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

ऐसे बचाएं इस बीमारी से

  • बच्चे को साफ-सफाई और कफ एटिकेट सिखाएं। इससे वो खुद को इन बीमारियों से बचाने में सक्षम होगा।
  • – झींकते हुए नाक पर रूमाल रखें ताकि वैक्टिरिया बच्चे तक न पहुंचे
  • – कोशिश करें कि बच्चे को पेपर टाॅवल दें। अक्सर बच्चों को सूती रूमाल दिया जाता है।ष्
  • – एक बार इस्तेमाल होने के बाद टिशू पेपर या पेपर टाॅवल को हटा दें।
  • -अगर पेपर टाॅवल और काॅटन का रूमाल नही है। ऐसे में अपने शोल्डर पर झींके न की हथेली में।
  • -जुकाम होने के बाद हाथ को लगातार साफ करते रहें। 

खाने पीने पर ध्यान

सर्दी में खाने पीने पर भी ध्यान रखना जरूरी है। इस मौसम में उन चीजों को खाने का हिस्सा बनाएं। जिससे शरीर को गर्मी मिल सके। 

  1. 1- सर्दी में लहसुन, अदरक और प्याज़ का इस्तेमाल बढ़ा देना चाहिए। इनमें एंटी  इंफलामेंटरी प्राॅपर्टी होती है।
  2. 2- बच्चे डाइट में चिकन सूप का शामिल करें और जो लोग शाकाहारी हैं। वह बच्चों के लिए वेजीटेबल सूप बनाएं। उसमें गाजर और बीटरूट को शामिल करें।
  3. 3-सर्दी में बच्चे बडे़ हर कोई पानी पीने से कतराते हैं। ऐसे में बच्चे को गुनागुना पानी पीने को दें। शरीर को हायडेªट रखना जरूरी है। इसलिए जूस और पानी भरपूर मात्रा में लें।
  4. 4-कोशिश करें की सर्दी में बच्चा घर पर ही रहे। इससे उसे ये बीमारियां जल्दी नही होगी। 

नोट- इस बात का ख्याल रखें कि सर्दी से बच्चे को निज़ात दिलाने के लिए दवा का इस्तेमाल कम से कम करें। ऐसा नही है कि दवा से ये बीमारी सही हो जाएगी। क्षणिक राहत के बाद इससे और दिक्कतें बढ़ सकती हैं। दवा देने के पहले डाॅक्टर की सलाह जरूर लें । इसके अलावा इन बीमारियों से निपटने के लिए कई सारी होम रेमडी है। उसे अपनाकर आप और बच्चा दोनों ही स्वस्थ रहेंगे। 

 

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