इन 7 तरीकों से करें शिशु में मालिश की शुरुआत

Published On  September 23, 2016 By
शिशु में मालिश की शुरुआत करने का खास तरीका | Shishu mein malish karne ka khas tareeka

शिशुओं की मालिश करने की परंपरा बहुत पुरानी है, और यह आपके शिशु के लिए कई मायनों में फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि, मालिश से ही हड्डियों और मांशपेशियों को मजबूती मिलती है। इतना ही नहीं, शिशु की रोजाना मालिश करने से, आप अपने बच्चे के और करीब आ सकती हैं, और अपने प्यार को जाहिर कर सकती हैं।

 

हालाँकि, मालिश शिशु को शांत करने और उसे आरामदायक रखने में काफी मदद करता है। लेकिन, जब भी आप शिशु की मालिश कर रहें हैं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि वह सही तरीके से किया जा रहा हो। क्योंकि, गलत तरीके से किया गया मालिश आपके शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में, मालिश करने से पहले उसके नियमों के बारे में जरूर जान लें, जिनमें निम्न शामिल हैं-

 

मालिश की शुरुआत पैरों से करें

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शिशु की मालिश की शुरुआत उसके पैरों से करनी चाहिए। ऐसे में, तेल की कुछ बूंदें अपने हाथ में लें और दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ कर फिर मालिश करें। आप पैरों और जांघों को हल्के-हल्के हाथों से मसाज करें, इससे बच्चे की थकान मिटती है।

 

तलवे की मालिश

Mother gently massaging her child's feet 

पैरों के बाद बच्चे के तलवे की मालिश करें, आप चाहें तो दोनों तलवे को जोड़कर मालिश कर सकते हैं। इससे बच्चे को बहुत सुकून मिलता है।  

 

पीठ की मालिश

Cute baby lying on white blanket on stomach hands massaging his back. Isolated over white background. 

शिशु की पीठ की मालिश करने के लिए उसे पेट के बल लिटा दें, उसके बाद दोनों हाथों से गोल-गोल या चौड़ाई में घुमाएं। और इसी अंदाज में शिशु के हिप से ऊपर पीठ की तरफ जाएं और फिर कंधों तक मालिश करें। ध्यान रखें कि शिशु की रीढ़ की हड्डी न दबने पाए।

 

हाथ की मालिश

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हाथ की मालिश भी टांगों की तरह ही करें। ऐसे में, हाथों पर तेल मलते हुए नीचे कलाई तक आएं। फिर उसकी कलाई को धीरे से दोनों दिशाओं में घुमाएं।

 

उंगलियों की मालिश

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शिशु के पैरों की उंगलियां एक-एक करके अपने एक हाथ में लें और दूसरे हाथों से मालिश करें। यह प्रक्रिया हाथों की उंगलियों के लिए भी दोहराएं। लेकिन, इस बात का जरूर ध्यान रखें कि शिशु की उंगलियों के जोड़ों को चटकाने का प्रयास न करें, इससे उसे दर्द या चोट पहुंच सकती है।

 

छाती और पेट की मालिश

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शिशु की छाती और पेट पर घड़ी की सुई की दिशा में गोलाकार में मालिश करें। इसके अलावा, शिशु के पेट पर हल्के दबाव के साथ की गई गोलाकार मालिश उसके पाचन तंत्र में सुधार ला सकती है।

 

सर की मालिश

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सबसे कठिन होता है नवजात शिशु के सिर की मालिश करना, क्योंकि वह बहुत कोमल होती है। शुरुआती छह हफ्तों में शिशु के सिर की मालिश करते हुए इस पर कोई दबाव न डालें। बस हल्के से थपथपाते हुए तेल उसके सिर पर सभी जगह लगा दें। लेकिन, ध्यान रखें कि शिशु के फॉन्टानेल पर दबाव न पड़े।

 

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