इन 5 तरीकों से बने अपने बच्चों के सुपर मॉम

आज के समय में जहाँ महिलाएं एक ओर मां की भूमिका निभाती हैं, तो वहीं दूसरी ओर ऑफिस भी संभालती हैं। क्योंकि, आज के समय में महिलाओं का वर्किंग होना बच्चे की अच्छी परवरिश में मददगार होता है। हालाँकि, आज के समय में महिलाओं का वर्किंग होने के पीछे कई कारण हैं, जिसमें एक है परिवारों की आर्थिक जरूरतें। तो दूसरी ओर आज के समय कई महिलाएं घर में बैठ कर अपना वक़्त जाया नहीं करना चाहती हैं।

हालाँकि, इन सब में जो सबसे महत्वपूर्ण है, वह है ऑफिस के साथ-साथ बच्चों की जिम्मेदारी को संभालना। लेकिन, आजकल की स्मार्ट मॉम वर्किंग होने के साथ-साथ बच्चों पर भी बखूबी ध्यान दे रही हैं। फिर भी उन्हें ऑफिस के साथ बच्चों की जिम्मेदारी निभाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ बेस्ट पैरेंटिंग टिप्स बता रहें हैं, जिसके जरिये आपको अपने ऑफिस और बच्चों के बीच तालमेल बिठाने में काफी मदद मिलेगी, जो निम्न है-

  • कामों में तालमेल बिठाएं- ज्यादातर वर्किंग महिलाओं को बच्चों और ऑफिस के कामों में तालमेल बिठाने में काफी मुश्किल होती है। अगर वो अपने बच्चों पर ज्यादा ध्यान देती हैं तो ऑफिस का काम छूट जाता है, और ऑफिस के काम पर ध्यान देती हैं तो बच्चों की जिम्मेदारियां सही से नहीं निभा पाती है। ऐसे में महिलाओं को सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि कौन सा काम आपके लिए कब महत्वपूर्ण है। इन तरीकों से इसे मैनेज किया जा सकता है।
  • खुद तय करें- सामान्यतौर पर महिलाएं दो वजहों से कामकाजी बनती हैं, एक तो घर की परेशानियां या फिर दूसरा करियर के प्रति लगाव। लेकिन, उन्हें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि उनके लिए फैमली ज्यादा मायने रखती है। ऐसे में यह तय करना आपको है कि आप काम के साथ-साथ बच्चे की जिम्मेदारी निभाने लायक हैं या नहीं।  
  • ऑफिस का चुनाव सोच कर करें- वर्किंग वुमन जॉब करने से पहले अपने ऑफिस का चुनाव सोच-समझ कर करें। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑफिस के साथ-साथ बच्चे का ध्यान रखना भी जरूरी है। ऐसे में आपका ऑफिस ऐसा हो जहां एक मां के तौर पर आपकी जिम्मेदारी के प्रति भी संवेदनशीलता बरती जाती हो। तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता, आप आराम से दोनों के बीच संतुलन बना सकती है।
  • योजना बनाएं- कामकाजी महिलाओं को अपने बच्चे और ऑफिस के बीच काम को सुचारू रूप से करने के लिए प्लानिंग करनी बहुत जरूरी है। क्योंकि, उन्हें अपने हर काम को योजना के साथ प्लान करना चाहिए। जिससे कि आपका समय बर्बाद न हो और साथ ही आप पर किसी प्रकार का दवाब भी ना बने।
  • बच्चों के टच में रहें- अक्सर देखा जाता है कि जिस बच्चे के माता-पिता दोनों वर्किंग होते हैं उन बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगाव खत्म हो जाता है। जिससे कि उनके नंबर कम आने लगते हैं और साथ ही स्कूल में परफॉरमेंस भी ख़राब होने लगता है।  ऐसे में पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि बच्चे पर पढ़ाई के लिए मानसिक दवाब बनाने की बजाए उससे ज्यादा से ज्यादा बातचीत करें। बच्चों से खुलकर उनके दोस्तों, पढ़ाई, डेली रूटीन और स्कूल के बारे में बात करें।

 

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