इन 5 दवाओं के सेवन से हो सकती है यह सेक्स समस्या

कुछ लोगों की सेक्सुअल लाइफ उतनी हेल्दी नहीं होती है जितनी की होनी चाहिए। हालाँकि, लोगों को इसके सही कारण का पता नहीं चल पाता है, और इसके लिए लोग एक दूसरे को दोषी ठहराते हैं। लेकिन, एक दूसरे में कमियां निकालने से पहले कुछ चीज़ों की जाँच परख की जानी चाहिए, क्योंकि कुछ चीज़ें ऐसी भी हैं जो आपके सेक्स लाइफ को ख़राब कर देती हैं, जिनमें एक है दवाओं का सेवन। जी हाँ, कुछ तरह की दवाएं ऐसी होती हैं जिसके कुछ साइड-इफेक्ट्स होते हैं और ये साइड-इफेक्ट आपकी लव लाइफ को प्रभावित करता है।

कैसे दवाएं सेक्स लाइफ को प्रभावित करती हैं ?

आमतौर पर, सेक्स के लिए ज़रूरी हार्मोंस, न्यूरोट्रान्समीटर्स जो कि आपके ज़रूरतों व संदेशों को मस्तिष्क तक पहुंचाने का काम करता है। ऐसे में, ये दवाएं सेक्स क्रिया को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। वहीं टेस्टोस्टेरॉन हार्मोंस रक्त धमनियों के ज़रिए उत्तेजना उत्पन्न करने का काम करते हैं। ऐसे में ये दवाएं हार्मोंस के स्तर में बदलाव लाकर, सेक्स की क्षमता और सेक्स में रुचि को भी कम कर देती हैं। एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं मस्तिष्क में केमिकल्स के स्तर को बढ़ा देती हैं, जिससे कि सेक्स क्रिया प्रभावित होती है.

ऐसे में, आज हम आपको कुछ ऐसे दवाओं के बारे में बताने जा रहें हैं जिसका सेवन आपके लिए घातक हो सकता है, जिनमें निम्न शामिल हैं-

हार्मोन संबंधी दवाएं

कुछ लोग अपने हार्मोन को नियंत्रित रखने के लिए हार्मोन संबंधी दवाओं का सेवन करती हैं, जो उनके सेक्स लाइफ को प्रभावित करता है। खासकर, एंटी एंड्रोजोन दवादयां जैसे सायप्रोटेरॉन और किटोकोनॉजाल शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन में कमी लाती है। इससे पुरूष नपुंसकता का शिकार हो जाते हैं। अनावश्यक थायरॉक्सीन दवाइयों के इस्तेमाल से सेक्स की इच्छा कम हो जाती है। एस्ट्रोजन की अधिक मात्रा लेने से सेक्स में कमी, कम मात्रा में स्पर्म का निर्माण आदि जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

दर्दनिवारक दवाएं

कुछ पेनकिलर्स भी सेक्स की इच्छा में कमी लाती है। क्योंकि, इस तरह की दवाओं के सेवन से सेक्स क्षमता प्रभावित होती हैं। इसलिए, अगर आप इस तरह की दवा का सेवन करती भी हैं तो अपने डॉक्टर की मदद से करें।

गर्भनिरोधक दवाएं

यह बिल्कुल सच है कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करती हैं, उनके हार्मोन में असंतुलन देखने को मिलता है। क्योंकि, कॉन्ट्रासेप्टिप पिल्स लेने से एण्ड्रोजन नामक हार्मोन्स कम मात्रा में उत्पन्न होते हैं। एण्ड्रोजन में टेस्टोस्टेरोन भी शामिल हैं, जो कि पुरुष और महिला दोनों में सेक्स इच्छा या लिबिडो बनाते हैं। यह इंटरकोर्स के दौरान मिलने वाले प्लेजर को कम करने का काम करता है।

एंटी डिप्रेशन की दवाएं

लगातार एंटी डिप्रेशन दवाएं के सेवन से भी सेक्स क्षमता में कमी आती है। वहीं नींद के लिए ली जाने वाली दवाइयां जैसे, वेलियम, डॉयजापाम, कॉम्पोज आदि से भी कामेच्छा में गिरावट आती है। इतना ही नहीं, एक शोध में यह बात सामने आई हैं कि जो एंटीडिपेंटेंट्स की दवाइयां खाते हैं, उनका लिबिडो कम होता है। ऐसा टेस्टोस्टेरोन के कम उत्पादन की वजह से होता है।

एस्पिरिन

कुछ लोग बात-बात पर एस्पिरिन की गोलियां खा लेती हैं, जो न केवल सेहत के लिए बुरा होता है, बल्कि यह आपके सेक्स ड्राइव को ख़राब कर सकती हैं। इतना ही नहीं, यह आपके हार्मोन को भी प्रभावित कर सकती हैं और आपकी यौन इच्छा को कम कर सकती हैं।

ऐसे में, किसी भी दवा का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। खासकर, जब भी आप किसी दवा का लंबे समय तक सेवन कर रहे हैं या करने जा रहे हैं, तो इनके साइड इफेक्ट्स के बारे में डॉक्टर से जरूर डिस्कस करें।  

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