इन 4 तरीकों से पता करें कि आपके बच्चे की शक्ल किससे मिलती है

अक्सर आपने देखा होगा कि शिशु के पैदा होते ही लोग यह कहना शुरू कर देते हैं कि बच्चे की शक्ल माँ के ऊपर है तो आँखे पापा के ऊपर गई। इस तरह की एक नहीं  बल्कि हर लोग हर तरह की बातें करते हैं। लेकिन, इन सब बातों से दूर आप खुद इन तरीकों से पता कर सकते हैं कि आपका बच्चा किस के ऊपर गया है। ऐसे में निचे कुछ बातें बताई जा रही हैं जिसे ध्यान में रख कर आप इसे पता करा सकते हैं-

शिशु का रंग

आमतौर पर, ऐसा कुछ नहीं होता है, क्योंकि कुछ हद तक शिशु का हेल्दी और उसका रंग आपके खान-पान पर निर्भर करता है। लेकिन, कुछ मामलों में, यदि आपके हसबैंड का रंग थोड़ा डार्क है और आपका रंग फेयर है तब वह माँ के रंग पर जाएगा। खासकर, यदि यह आपका पहला बच्चा है तब। लेकिन, इन मामलों में भी शिशु का रंग बहुत हद तक जिन के ऊपर निर्भर करता है।

शिशु के आँखों का रंग

ऐसा नहीं है कि आप और आपके हसबैंड की आँखों का रंग एक जैसा है तब आपके बच्चे का रंग भी वैसा ही होगा। हालाँकि, कुछ मामलों में यह संभव है कि यदि पेरेंट्स की आँखों का रंग भूरा है तो बच्चे की आँखें ब्लू हो सकती हैं। इसके विपरीत यदि आप और आपके पति की आँखें ब्लू है तब आपके बच्चे के आँखों का रंग ब्राउन हो सकता है। हालाँकि, एक शोध में यह बात सामने आई है कि भूरे रंग की आँखें बहुत हद तक बायलोजिकल क्लास पर निर्भर करता है, लेकिन आंखों का रंग वास्तव में जीन के द्वारा निर्धारित किया जाता है।

शिशु की लंबाई

यह बिल्कुल सच है कि शिशु की लंबाई बहुत हद तक पेरेंट्स की लंबाई पर निर्भर करती है। ऐसे में, यदि पेरेंट्स में से एक की लंबाई कम है और एक की अधिक तब हो सकता है कि आपके बच्चे की लंबाई एक सामान्य हाइट का हो। लेकिन यदि लड़का है तो वह दो इंच बड़ा और लड़की है तो दो इंच कम हो सकती है। हालाँकि, सही मायने में देखें तब

हाइट की अपनी एक अलग पालीजेनिक विशेषता होती है, क्योंकि इसमें कोई भी जीन अकेले कार्य नहीं करता है। बल्कि, आपके बच्चे की लंबाई को कम करने का एक सबसे बड़ा कारण है, पर्यावरणीय कारक और शिशु को उचित पोषण न मिल पाना भी आपके बच्चे की संभावित हाइट को कम करने का काम करता है।  

बच्चे का वजन

यह बिल्कुल सच है कि आपने किसी-किसी फैमली में यह देखा होगा कि सारे लोग एक वजन और कद-काठी के होते हैं। यदि पेरेंट्स का वजन बहुत अधिक होता है तब बच्चे भी अपने पेरेंट्स का वजन लेते हैं। वहीं कुछ मामले में आपने यह भी देखा होगा कि जिनके पेरेंट्स बहुत मोटे होते हैं उनके बच्चे जन्म के समय काफी दुबले होते हैं, और जिनके पेरेंट्स दुबले होते हैं उनके बच्चे मोटे-ताज़े होते हैं। लेकिन, देखा जाए तो आपके बच्चे का वजन न केवल आपके जिन पर निर्भर करता है बल्कि आपके उचित खान-पान और हेल्दी लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है।

सामान्य विशेषताएं

कुछ लोगों का यह मानना होता कि यदि आप और आपके हसबैंड या फिर कहें कि आपके फैमली में काफी स्मार्ट लोग हैं तब क्या आपका बच्चा स्मार्ट होगा। तो इसमें, कुछ सोचने की बात नहीं है क्योंकि, आपके बच्चे भी स्मार्ट होंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि बच्चे स्मार्ट माँ के गर्भ में नहीं होते हैं बल्कि आपके बीच रह कर आपकी अच्छी आदतों को सीख कर स्मार्ट होते हैं। क्योंकि, यदि आपलोग का दिमाग शार्प है तब आप अपने बच्चों को हर समय पर कुछ अच्छी बातें सिखाने की कोशिश करते हैं फिर चाहे वह डाइनिंग टेबल मैनर्स हो या फिर बड़ों के साथ कैसे बात की जाती इन साडी चीज़ों को आप खुद से उन्हें सीखा सकते हैं।

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