हौसला बनाए रखने से ही होगा वजन कम : वैष्णवी प्रसाद

वो तस्वीर आप देख रहे हैं। इसके लिए वैष्णवी प्रसाद को 17 महीने लगे। सुनने में अटपटा लग सकता है मगर सच है कि वैष्णनी में मात्र 18 महीने के प्रोग्राम में 40 किलो वजन कम कर लिया। इसके लिए कड़ी मेहनत और लगन के साथ ही खुद को मोटिवेट भी रखना पड़ा।

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यूं हुई शुरुआत

हर किसी के पास कुछ ऐसी कहानी होती है। जो उसे आगे लाती है। मेरे लिए भी कुछ ऐसा ही था। सात साल तक इलाज की वजह में वेट लाॅस की ओर ध्यान नहीं दे सकती थी। इस वजह से मेरा वजन लगातार बढ़ता चला गया। मगर डायटिंग और वर्कआउट काम नहीं कर रहा था। इलाज के दौरान मैं अवसाद में चली गयी। फिर एक दिन पता चला कि डाॅक्टर ने बोला अब और दवा खाने की जरूरत नहीं है। उसी दिन से मैंने सोच लिया की वजन कम करना है।

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कुछ ऐसा रहा प्लान

यहां मैं वो फोटो नहीं शेयर करना चाहती कि आप पहले और बाद जैसा अंदाजा लगाकर अपनी उम्मीदें बनाएं। यहां मेरा सिर्फ एक ही मकसद है कि आप खुद को मोटिवेट करें और फिट रहें। मैंने रनिंग, स्वीमिंग और योगा सब को मिक्स किया। यहां एक और बात बताना जरूरी है कि एक्सर्साइज से बोर होना विकल्प कतई नहीं है। इसके अलावा मुझे ये नहीं समझ आता लोग ये क्यों कहती हैं कि उन्होंने डायटिंग की है। डायटिंग को लाइफ स्टाइल को बदलने के लिए होना चाहिए। इसके लिए मैंने अपने वर्कआउट पर ध्यान दिया और खाने पर फोकस किया। मैंने 6 से 7 सात हिस्से में अपने खाने को डिवाइड किया जो मैं तीन बार में खाती थी। इससे पेट ज्यादा भरा रहता है और भूख नहीं लगती है।

छोटे छोटे मिल लेने पर पाचन क्रिया भी सही रहती है। आप दूसरे की कहानी और उनकी तरीकों से प्रेरित हो सकते हैं मगर उनको काॅपी करना गलत है। इस बात का पता लगाना ज्यादा जरूरी है कि आपके और आपके शरीर के क्या सही है।

चुनौतियां

खुद को हर रोज तैयार करना किसी चुनौती से कम नही है। इसके साथ ही वर्कआउट, आॅफिस और पर्सनल लाइफ को भी संभालना होता है। इसके लिए वह कहती हैं उनके आॅफिस ने भी उनकी काफी मदद की ताकि वो अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें। इसके लिए अलावा कैलोरी पर भी ध्यान रखा। इसके लिए ध्यान देने वाली बात ये है कि 300 कैलोरी की एक चाॅकलेट खाना सही है या एक प्लेट फ्राइड सब्जी। ये तो आपको सोचना होगा।

इसके अलावा सोशल मीडिया को भी अपना दोस्त बनाया। इससे काफी मदद मिली। अपनी शुरूआत किसी न किसी से शेयर करना जरूरी है। इससे आप लगातार मोटिवेटेड रहेंगे।

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सबसे आखिरी बात

यहां मैं कोई सलाह नहीं देना चाहूंगी क्योंकि हर किसी का बाॅडी शेप और टाइप अलग होता है। सबसे खास है कि आप हर उम्र में स्वस्थ रहें। इसके अलावा मैं ये भी सोचती हूं की 40 होते होते पता नहीं कैसी कैसी दिक्कतें मुझे हो। हो सकता कि कोई आॅर्थो की समस्या हो या हार्ट की तो उस वक्त मैं दोस्तों के साथ टैकिंग नहीं सकूंगी। तो इस समय ही मैं इंज्वाय कर रही हूं। अपने वजन के बारे में कहती हैं शायद कुछ और किलो मैं कम कर लेती मगर जो भी है उसमें खुश हूं।

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