हिमालया में छुपा है माँ का प्यार

 प्रेगनेंसी किसी भी औरत के जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास होता है, खासकर जब आप आपने गर्भ में शिशु की पहली हलचल महसूस करती हैं। ऐसे में, गर्भ में होने वाली इन पहली और छोटी हलचलों का अहसास होना अधिकांश गर्भवती महिलाओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होता है।

हालाँकि, इन सब के साथ ही प्रेगनेंसी में महिलाओं को सबसे ज्यादा अगर किसी चीज़ की जरूरत होती है तो वह है आराम की। क्योंकि, प्रेगनेंसी के बाद महिलाएं अक्‍सर काम करना या तो बंद कर देती हैं या‍ फिर कम कर देती हैं। ऐसे में, घरवाले भी प्रेगनेंसी के बाद आराम करने की सलाह देते हैं। लेकिन, महिलाओं को यह आराम उनके मायके में नसीब होता है, और महिलाओं को इसका अंदाज़ा तब लगता है, जब वह प्रेगनेंसी के लास्ट ट्राइमेस्टर में अपनी माँ के घर जाती हैं। तो ऐसा लगता है मानों जन्नत में आ गयी हों। क्योंकि वह कुकिंग, क्लीनिंग या घर के कामों से कोसों दूर एक पैम्पर्ड बच्चों की तरह लाड़ प्यार में पल रही होती हैं। इतना ही नहीं, आपकी माँ एक छोटे बच्चे की तरह आपका ख्याल रखती हैं। आपके कपड़े धोने, खाने से लेकर उठने-बैठने तक का ख्याल रखती हैं, क्योंकि वह आपके चेहरे पर कोई सिकन नहीं देखना चाहती हैं, जो आप चाहती हैं वह सब कुछ आपको मिलता है। आपका जब मन करता है सोने का सो जाती हैं, लेट से उठना या फिर देर रात तक टीवी देखना जैसी कई चीजें हैं जो आप अपनी माँ के घर खुल कर करती हैं जो और कहीं मुमकिन नहीं है।  

 

हालाँकि, जैसे ही बच्चे का जन्म होता है, आपका ऐशों-आराम सब खत्म हो जाता है। क्योंकि, बच्चे के जन्म के बाद आपकी दूसरी दुनिया शुरू हो जाती है। बच्चों के साथ रात में जागने से लेकर उसे चुप कराने जैसी सारी चीजें आप खुद करती हैं। इन सब को हैंडल करते समय मानों ऐसा लगता है कि हमने अपना एमनियोटिक संरक्षण खो दिया है, और हम फिर से दुबारा पैदा हुए हैं। हालाँकि, बच्चे के रोने के बाद उसे कब दूध पिलाना है, उसे कैसे सुलाना है जैसी कई चीजें हैं जो आप अपनी माँ से सीखती हैं। इतना ही नहीं उन्हें यह भी पता होता है कि आपको प्रेगनेंसी के बाद क्या खाना चाहिए जिससे कि आपकी खोई हुई एनर्जी वापस आ जाए। वह आपको काले तिल के बिज़ को रोस्ट करके गुड़ के साथ दोपहर में खिलाती हैं। इसके अलावा आपके इम्मयूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के लिए लहसुन को फ्राई कर चावल में मिक्स करके आपको खिलाती हैं। जब, आपके निप्पल में ब्रेस्टफीडिंग कराने से दर्द होता है तब आपकी माँ उसपर तुलसी को क्रस्ड करके लगाती हैं। इसके अलावा वह आपके लिए एक मालिशवाली को भी रखती हैं, ताकि आपके थके शरीर को फिर से सही किया जा सके।   

 

लेकिन, जब आप मायके से अपने घर जाती हैं, तब आपका सारा ऐशो-आराम भी पीछे छूट जाता है। तब आप सोचने पर मजबूर हो जाती हैं कि आपने एक से डेढ़ महीने तक

क्या सीखा। हालाँकि, यह सच है कि आप अपने बच्चे के देखभाल को लेकर ज्यादा सजग और परिचित हो जाती हैं कि उसका ख्याल कैसे रखना है। भले ही आप काम वाली बाई से थोड़ा-बहुत मदद लेती हैं और अपने कामों को खुद मैनेज करती हैं। इन सब कामों को करते समय आप अपनी माँ को सबसे ज्यादा मिस करती हैं, लेकिन यहाँ आपको याद करने वाला आपका पति होता है। हालाँकि, यह सच है कि आपकी माँ आपके साथ मालिशवाली को साथ नहीं भेज सकती हैं, लेकिन, हिमालया टोनिंग मसाज तेल के जरिए आप अपने शरीर के दर्द को दूर कर सकती हैं। क्योंकि, यह न केवल आपको अपने माँ से जोड़ कर रखता है, बल्कि आप अंदर से भी अच्छा फील करती हैं कि ये सब आप अपने बलबूते पर कर रही हैं। इसके अलावा जब आपके निप्पल पर घाव होने पर माँ तुलसी लगाती थी, लेकिन हिमालया के जरिए निप्पल की देखभाल किया जा सकता है। क्योंकि, हिमालया केयर में मक्खन के गुण होने के कारण यह निप्पल को हाइड्रेट्स, पोषण से भरपूर और कोमल बनाए रखता है।  

 

हालाँकि, धीरे-धीरे आपको इन सब की आदत हो जाती है कि कैसे अपने बच्चे का केयर करना है। चाहे वह बच्चे के दांत आने से लेकर उसके दूध छुड़ाने तक को आप अकेले हैंडल करती हैं। क्योंकि, मदरकेयर बच्चे की देखभाल के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। अब आप एक बेटी के साथ-साथ एक माँ भी हो।

 

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