हर पेरेंट्स को पता होनी चाहिए सरकार की इन 3 बेहतरीन योजनाओं के बारे में

हर पेरेंट्स की यह चाहत होती है कि उनके बच्चे पढ़ाई में सबसे अव्वल स्थान पर आएं और इसके लिए वह उसे सबसे अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। लेकिन, उनके इस सपने के बीच उनकी आर्थिक स्थिति आ जाती है जो उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न करती हैं। लेकिन, अब आपको अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे जगह में पढ़ाने से कोई नहीं रोक सकता है, क्योंकि भारत सरकार ने कुछ ऐसी योजनाओं को लागू किया है जिससे कि आप अपने बच्चे उनकी मंजिल तक पहुंचा सकते हैं।

1. सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को हर कदम पर आगे देखना है जिसके लिए सरकार ने उनकी पढ़ाई और शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस योजना के अंतर्गत बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवाया जा सकता है।

इसके लिए लड़की की सही उम्र क्या है ?

सुकन्या समृद्धि खाता योजना के लिए आपकी बेटी की उम्र 10 वर्ष से कम होनी चाहिए। हालाँकि, सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत आप अपने अभी-अभी पैदा हुए नवाजत का भी अकाउंट खुलवा सकते हैं।

इसे खुलाने में कितना ब्याज मिलेगा ?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) की तुलना में ज्‍यादा ब्‍याज मिलेगा बल्कि, यह माता-पिता की टैक्‍स प्‍लानिंग में भी मददगार होता है। आप अपनी 10 साल तक की बेटी के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। इस पर वर्तमान में 8.1 फीसदी सालाना का ब्‍याज मिल रहा है जो पीपीएफ के मुकाबले अधिक है।   

सुकन्‍या समृद्धि योजना के क्या लाभ हैं ?

  • पीएफ से अधिक ब्‍याज का मिलना

  • इसमें जमा की जाने वाली राशि पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कटौती का लाभ मिलता है।

  • ब्‍याज के अलावा, मैच्‍योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्‍स फ्री होती है।

सुकन्या समृद्धि योजना के नियम क्या हैं ?

भारत सरकार के द्वारा दिया गया सुकन्या समृद्धि योजना एक छोटा सा सेविंग बैंक अकाउंट है। जिसके अंतर्गत बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ जैसे अभियान पर बल दिया गया है। हालाँकि, इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित बातें हैं जो आपको ध्यान में रखना होगा, वह निम्न हैं-

पैसे जमा कराने की लिमिट

इस योजना अकाउंट में आप अपनी बेटी के नाम से एक साल में 1 हजार से लेकर 1 लाख पचास हजार रुपए तक जमा करा सकते हैं।

पैसे निकालने का समय  

यह पैसा अकाउंट खुलने के 14 साल तक ही जमा करवाना होगा और यह खाता बेटी के 21 साल की होने पर ही मैच्योर होगा। हालाँकि, आप योजना के नियमों के अंतर्गत बेटी के 18 साल के होने पर आधा पैसा निकाल सकते हैं।  

खाता बंद होने का समय

यह खाता लड़की के 21 साल होने के बाद बंद हो जाएगा और इसके पैसे उसके माता-पिता को दिया जायेगा। इसके अलावा, अगर आप अपनी बेटी की शादी 18 से 21 साल के बीच करते हैं तब यह खाता शादी होते ही बंद कर दिया जाएगा।

2. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (सामान्य भविष्य निधि)

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) योजना पैसे को निवेश करने का एक अच्छा विकल्प है, जो ईईई फीचर के लिए लोकप्रिय है। क्योंकि, यदि आप एक लंबे समय के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं तो कोई भी वित्तीय सलाहकार आपको पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) में निवेश करने की सलाह जरूर देगा। इस योजना में आप हर साल 500 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं।  

टर्म और कंडीशन

  • जिस व्यक्ति की उम्र 18 साल से कम है उनकी ओर से भारतीय निवासी या उनके पेरेंट्स पीपीएफ खाता खोल सकते हैं।

  • पूरे साल में कम से कम 500 रुपये जमा कराना आवश्यक है जबकि एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम राशि जमा कराने की सीमा 1.5 लाख रुपये हैं।

  • यह 15 वर्षों के लिए लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट है।

  • जब आपके पीपीएफ की समयावधि 15 साल पूरी हो जाए तो आप इसे अगले 5 साल के लिए और आगे भी बढ़ा सकते हैं।   

  • इस योजना में आप अधिकतम 12 किस्तों में ही निवेश कर सकते हैं।  

3. म्यूचुअल फंड्स और टर्म प्लान में निवेश

म्यूचुअल फंड स्कीम निवेशकों से पैसा इकट्ठा कर एक साथ शेयर खरीदती व बेचती है। हालाँकि, जब बहुत से निवेशक मिल कर एक फण्ड में निवेश करते हैं तो फण्ड को बराबर बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है जिसे इकाई या यूनिट कहते हैं। साथ ही, म्यूचुअल फंड मे एक फंड प्रबंधक होता है जो फंड के निवेशों को निर्धारित करता है और लाभ और हानि का हिसाब रखता है।

म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजना में इंडेक्स फंड, डायवर्सिफाइड फंड, लार्ज-कैप फंड, मिड-कैप स्कीम और कर-बचाव योजना (टैक्स सेविंग स्कीम) जैसे बहुत से विकल्प उपलब्ध होते हैं। निवेशक निवेश के उद्देश्यों और लक्ष्य पर सही बैठने वाली योजना चुन सकते हैं।

यदि किसी विशेष सेक्टर या इकनॉमी के किसी एक सेगमेंट में निवेश को लेकर नहीं रहना चाहते तो डायवर्सिफाइड स्कीम का विकल्प उपलब्ध होता है।

बैलेंस्ड फंड को हाइब्रिड फंड कहते हैं। यह कॉमन स्टॉक, प्रैफर्ड स्टॉक, बांड और अल्पावधि बांड होता है। यह फंड लाभादायक होते हैं, क्योंकि इनमें जोखिम कारक भी कम हो जाता है और बहुत हद तक पूंजी की सुरक्षा निश्चित होती है।

विविध पोर्टफोलियो में एक व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) म्यूचुअल फंड निवेश का एक आसान तरीका है।

एसआईपी एक बेहतर वित्तीय सेवा प्रदान करते हैं जब पेरेंट्स फाइनेंसियल डिसिप्लिन को

बनाए रखते हैं। म्यूचुअल फंड में 5000 का मासिक निवेश 18% सालाना लाभ से लगभग 1 9 .5 लाख रूपये प्राप्त कर सकते हैं जो कि 12% वार्षिक रिटर्न के तौर पर होता है। सही एसआईपी का निवेश निवेशक के जोखिम की आशंका के आधार पर किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी जैसे विकल्प को चुनें जो आपके मौत के बाद बच्चे की भविष्य की वित्तीय जरूरतों को कवर करता है। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि इसकी अवधि बीमा बच्चे के सभी प्रमुख खर्चों जैसे कि शिक्षा, शादी और आजीविका को कवर करता हो।

Feature Image Source: marielatv.com

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