घर पर नवरात्रि पूजा कैसे करें और इसके क्या फायदे हैं ?

नवरात्रि यानि कि दुर्गा पूजा हिंदू धर्म के लोगों का एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है, जिसमें लोग नौ दिन तक माँ दुर्गा के विभिन्न शक्तियों की पूजा करते हैं। हालाँकि, नवरात्रि शब्द संस्कृत के दो शब्दों का एक संयोजन है: नव (अर्थात् नौ) और रात्रि (जिसका अर्थ रात) होता है। इस पर्व को लोग बुराई के ऊपर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हैं। ऐसे में, भारत के विभिन्न हिस्सों के लोग इस त्योहार को बहुत ही धूम-धाम से मनाते हैं और देवी माँ से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अपने घरों में नवरात्रि की पूजा करते हैं।

कब नवरात्रि की पूजा की जाती है?

कुछ हिंदू पवित्र ग्रंथों के अनुसार, एक वर्ष में चार अलग-अलग बिंदुओं पर नवरात्री की पूजा की जाती है। हालांकि, नवरात्री पूजा करने के लिए सबसे अच्छा समय शरद ऋतु के मौसम को माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, नवरात्रि अश्विन महीने में की जाती है। कुछ कैलेंडर के अनुसार यह सितंबर या अक्टूबर के महीने में भी होता है।

क्यों नौ दिन और नौ रात पूजा की जाती है ?

हम सभी जानते हैं कि नवरात्र की पूजा माँ दुर्गा के 9 शक्तियों की पूजा करने के लिए जाना जाता है। जिसमें, प्रत्येक दिन, देवी माँ के एक अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है। इस नौ दिन, माँ दुर्गा का सच्चे मन से आह्वान किया जाता है ताकि माँ से आने वाले जिंदगी की सफलता और मंगल कामना के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया जा सके।

नवरात्र पूजा की विधि

घर में नवरात्री की पूजा करने के लिए, कुछ विशेष नियमों और अनुष्ठानों का पालन करना पड़ता है। ऐसे में, निचे नवरात्रि पूजा की विधि का वर्णन किया जा रहा है, जो निम्न हैं-

– अपने घर के एक पवित्र क्षेत्र में माँ दुर्गा की एक मूर्ति रखें।

– अब आप माँ की मूर्ति के ऊपर उनके पसंदीदा फूलों की माला पहनाएं।

– इसके बाद हल्दी, सिंदूर, लाल फूल, बेलपत्र और पीले चावल चढ़ाएं।

– अब आप किसी साफ बर्तन में अच्छे जगह की मिट्टी को डालें।

– उस मिट्टी से भरे बर्तन में जौ के बीज डालें।

– अब आप कलश स्थापना करें।

– उस कलश में साफ और अच्छे जगह से लिए हुए पानी डालें।

– अब उस कलश में सिक्के, कशेली और उसके ऊपर आम के पत्ते यानि की छोटी सी टहनी डाल दें। कर एक मिट्टी के प्लेट से ढँक दें। अब इस प्लेट में जौ या धान डालकर इसके ऊपर रखें।

– अब एक सूखे नारियल के ऊपर लाल कपड़े लपेंटे और उसे इसके ऊपर रखें। साथ ही कलश के निचे दिए जलाएं, ध्यान रहे दिए के निचे थोड़े से रंगे हुए पीले चावल जरूर डाल दें। आप दिए के अलावा, अगरबत्ती भी जलाएं।  

– कलश के मुंह के ऊपर यानि कि गर्दन पर लाल धागे (मौली) लपेटें।

– अब आप नौ दिन तक उस कलश को माँ के मूर्ति के सामने रहने दें।

– अब वहां गंगाजल छिड़कें।

– अब आप एक अखंड दीप जलाएं जो पूरे नौ दिन तक और रात जलने चाहिए।

– माँ के सामने मिठाई, फल, और घर का बना नवरात्र का व्यंजन बनाएं।

– इसके अलावा, माँ के सामने देवी स्तुति और दुर्गा कवच पढ़े।

– बाद में पान के पत्ते पर कपूर डालकर माँ दुर्गा की आरती करें।

– बाद में माँ के सामने से चढ़ा हुआ भोग यानि कि प्रसाद घर के लोगों के साथ-साथ आस-पास के लोगों को दें।

नवरात्रि पूजा के दौरान याद रखने योग्य बातें-

यदि आप घर में नवरात्रि की पूजा करती हैं तब इन बातों का जरूर ध्यान रखें, जो निम्न हैं-

– कलश को नौ दिन के पहले भूलकर भी न छूएं।

– उचित मंत्रों, स्लोकों और जप के साथ पूजा-अर्चना करें। 

– माँ की मूर्ति के ऊपर चढ़ाए गए फूलों और माला को रोजाना बदलें।

– नवरात्रि के प्रत्येक दिन के दौरान एक ही समय में पूजा की जाती है।

– कलश और जौ के बर्तन को माँ के प्रतिमा के पास रखा जाना चाहिए।

– पूरे नौ दिन तक उस जौ के ऊपर पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए।

नवरात्रि पूजा के लिए एक पंडित की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

इस पूजा में पंडित की जरूरत इसलिए पड़ती है क्योंकि वह नवरात्रि की पूजा विधि पूर्वक करवाते हैं। खासकर जिस बात की जानकारी हमलोगों को नहीं होती है वह उसे करवाते हैं। एक पंडित की मदद से आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि पूजा की विधि का सही तरीके से पालन किया जा रहा है। यदि आपको पूजा करने के लिए एक पंडित या पुजारी की जरूरत है तो हमारे साथ संपर्क करें। इसके लिए आप enquiry@adishakti.co, या +91 9538602626 पर हमें कॉल कर सकते हैं।

आपको नवरात्रि की मंगल शुभकामनाएं

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