गर्मी में शिशु के शरीर पर हुए रैशेस से निपटने के 5 आसान तरीके

गर्मी में अपने शिशु के शरीर पर न होने दें लाल दाने | Garmi men apne shsihu ke sharir par na hone den lal dane

इन दिनों गर्मी का तापमान अपने चरम सीमा पर है, और ऐसे में अगर सबसे ज्यादा किसी ओर ध्यान देने की जरूरत है तो वह छोटे बच्चों के ऊपर। क्योंकि, इन दिनों उन्हें इस गर्मी से बचा कर रखना होगा, नहीं तो शिशु में अनेक तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। जिसमें शरीर में लाल दाने और चकत्ते शामिल हैं।

गर्मी में क्यों होते हैं लाल रैशेस ?

आमतौर पर, स्किन रैशेस की शिकायत गर्मी के महीनों में अधिक देखने को मिलती है। ऐसा इसलिए क्योंकि, इन दिनों तेज धूप और अत्यधिक पसीना आने के कारण शरीर के जिस हिस्सों में अधिक पसीना होता है वहां- वहां स्किन रैशेस की समस्या देखने को मिल सकती है। यानि कि शिशु के शरीर में भी लाल चकत्ते का एक कारण यह भी हो सकता है।

शिशु में लाल रैशेस होने के लक्षण क्या हैं ?

जब शिशु में लाल रैशेस की समस्या होती है तब उसकी त्वचा लाल और सूजनयुक्त हों जाती है और चकत्ते के रूप में त्वचा उभरी हुई दिखाई देने लगती है। इसके कारण शिशु को बहुत असहज महसूस होती है जिस कारण वह रोने भी लगते हैं।

इससे बचने के क्या उपाय हैं ?

हालाँकि, थोड़ी सी सावधानी बरत कर आप अपने शिशु को इस समस्या से दूर रख सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

रोजाना नहलाएं

गर्मी के मौसम में अपने शिशु की साफ-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान रखें, क्योंकि शरीर पर लाल रैशेस की समस्या सिर्फ गंदगी और पसीने के कारण होती है। इसलिए कोशिश करें कि शिशु को रोजाना नहलाएं और साफ रखें। क्योंकि, इन दिनों जितना आप उसे साफ रखेंगी उतना ही वह इन्फेक्शन से दूर रहेगा।

ढ़ीले-ढाले सूती के कपड़े पहनाएं

इन दिनों अपने शिशु शिशु को ठंडक देने वाले सूती के ढ़ीले-ढाले कपड़े पहनाएं। क्योंकि, इससे शिशु काफी आराम महसूस करेंगे और साथ ही इन कपड़ों में पसीने सोखने की क्षमता होती है। इसके अलावा, सिंथेटिक कपड़े का इस्तेमाल न करें, क्योंकि वे गर्माहट को अंदर ही रोकते हैं और बच्चे के लिए बहुत तकलीफदेह हो सकते हैं। इनके कारण घमौरियां और रैशेस भी हो सकती हैं। साथ ही धूप में बाहर निकलते समय शिशु के लिए लंबी बाजू के हल्के कपड़े चुनें।

सुगंधित साबुन और पाउडर के इस्तेमाल से बचें

कुछ माँ को ऐसा लगता है कि  बाजार में मिलने वाले सुगंधित साबुन और पाउडर के इस्तेमाल से बच्चे को फ्रेश रखा जा सकता है। लेकिन, यह बिल्कुल गलत है, क्योंकि यह  केमिकल युक्त होते हैं जो, शिशु की कोमल त्वचा में और अधिक जलन पैदा कर सकता है।

इतना ही नहीं कुछ लोग बच्चे को नहाने के ठीक बाद ढेर सारा टैल्कॅम पाउडर लगाती हैं, क्योंकि उनका यह मानना है कि इससे बच्चा ठंडा बना रहेगा। लेकिन, ऐसा नहीं है क्योंकि गीली त्वचा पर पाउडर जम कर एक परत बना देता है, जो जलन एवं तकलीफ पैदा कर सकता है। इसलिए इसका ज्यादा प्रयोग करने से बचें।

शिशु को हाइड्रेटेड रखें

गर्मी में न केवल बड़े लोगों को हाइड्रेटेड रहने की जरूरत है बल्कि छोटे बच्चे को भी खास जरूरत है। क्योंकि, इन दिनों शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए आपअपने शिशु को समय-समय पर पानी देती रहें। ध्यान रहे शिशु छह महीने का हो गया हो तभी उसे पानी दें। क्योंकि, अगर आपके शिशु की उम्र छह महीने से कम है और आप उसे केवल स्तनपान करवा रही हैं, तो उसे अतिरिक्त पानी देने की जरूरत नहीं है, गर्मी के मौसम में भी नहीं। वे शिशु, जो अपनी इच्छानुसार स्तनपान करते रहते हैं, उन्हें निर्जलीकरण का खतरा नहीं होता।

शिशु के बेड का भी ध्यान रखें

गर्मी के मौसम में शिशु के सोने का खास ख्याल रखें, खासकर उसके बेड का। क्योंकि, इन दिनों यदि आप अपने शिशु को ज्यादा गद्देदार रुई या फोम वाला गद्दा देंगे तो उससे अधिक गर्मी लग सकती है। इसलिए, इन दिनों गद्दियों को हटा दें, क्योंकि यह बहुत गर्म हो सकती हैं। आप चाहें तो इसके जगह पर एक सूती के चादर को भी बिछा सकती हैं।  

रैशेस होने पर घरेलू नुस्ख़े

यदि आपके शिशु को गर्मी के कारण रैशेस की समस्या उत्पन्न हो गई है, तब आप निम्न घरेलू नुस्खे अपना सकती हैं, जैसे-

नारियल तेल

यदि शिशु के शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दे रही हो तब उसके शरीर पर नारियल तेल लगाने से तुरंत आराम मिलता है, और जलन और खुजली में भी आराम मिलता है।

मुल्तानी मिट्टी और गुलाबजल

मुल्तानी मिट्टी और गुलाबजल का लेप बनाकर लगाने से भी खुजली और जलन की समस्या से राहत मिलती है। इसके लिए आप शिशु के शरीर पर मुल्तानी मिट्टी और गुलाबजल का लेप बनाकर 10 मिनट तक लगा कर छोड़ दें और बाद में इसे धो दें।

दही और शहद  

शिशु में रैशेस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप अपने शिशु के शरीर में दही और शहद का लेप बना कर लगा दें, और तुरंत नहला दें। इससे उसके पूरे शरीर को ठंडक मिलेगी।

इसके अलावा, इन दिनों अपने बच्चे को मच्छरों से बचा कर रखें। क्योंकि, गर्मियों का मतलब मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों को फैलाने वाले मच्छरों का होना भी है। अपने बच्चे के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

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