गर्मी के दिनों में बच्चों में दस्त रोकने के 5 आसान उपाय

गर्मी में इन बातों का रखें ख्याल नहीं लगेगी बच्चों में दस्त | Garmi men in baton ka rakhen khyal nahi lagegi bachhon men dast

गर्मी में न केवल बड़े लोगों को खुद पर ध्यान देने की जरूरत है बल्कि, बच्चों के ऊपर भी विशेष तौर से ध्यान देने की आवश्यकता है। क्योंकि, इन दिनों बच्चों में जो सबसे आम समस्या है वह है दस्त की। अगर सही समय पर इसका उपचार न किया जाए तब यह बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि, इस दौरान शरीर में पानी की बहुत कमी हो जाती है, जिससे कि कमजोरी होना आम बात है।

दस्त के क्या कारण हो सकते हैं ?

गर्मी के दिनों में दस्त लगने का सबसे आम कारण है गलत खान-पान जिसके चलते यह समस्या उत्पन्न होती है। क्योंकि, देखा जाए तो इन दिनों आपका डाइजेशन थोड़ा स्लो हो जाता है, जिससे कि पचने में समस्या उत्पन्न होने लगती है। इसके अलावा भी कई ऐसे कारण हैं जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न होती है, जो निम्न हैं-

  • बच्चों को जरूरत से ज्यादा खिला देना

  • तली-भुनी चीज़ों का सेवन

  • विषाक्त भोजन

  • कच्चे आहार खासकर नॉनवेज का सेवन

  • एंटिबायटिक्स के कारण

  • एलर्जी आदि के कारण भी इस तरह की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

कैसे पहचाने कि बच्चे को दस्त हो रहा है ?

निम्न तरीकों से आप अपने बच्चों में दस्त के लक्षण को देख सकते हैं, जो निम्न हैं-

  • एक बार से अधिक मल त्याग करना

  • बच्चे का मल पानी की तरह पतला हो

  • उसका मल बदबूदार है और उसमें खून या श्लेम के धब्बे हों

  • जब बच्चे में उल्टी की समस्या उत्पन्न हो रही हो आदि इसके लक्षण में शामिल हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ?

  • अगर पतली पॉटी के साथ बच्‍चे को हल्‍का बुखार हो रहा हो, और बच्‍चा एक साल से छोटा है, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  • दस्‍त के साथ बहुत अधिक उल्‍टी हो रहा हो तब ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह पेट में संक्रमण का एक कारण हो सकता है।

  • मल में खून आना भी एक गंभीर समस्‍या हो सकती है, इसलिए डॉक्टर से तुरंत संपर्क किया जाना चाहिए।

  • बहुत अधिक प्‍यास लगना, जीभ सूख जाना, आंखे धंसना और बच्‍चे का लगातार रोना डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकते हैं।

हालाँकि, आप चाहें तो कुछ घरेलू उपचार भी कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

दही

दही आसानी से पचने वाला खाद्य पदार्थ होता है, और साथ ही इससे पेट को ठंडक भी मिलती है। इसके अलावा, दही में 'लाइव-क्लटर्स' नामक बैक्टीरिया होता है, जो  लैक्टिक एसिड को उत्पन्न करता है, जिससे कि दस्त से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। साथ ही यह आँतों को सुरक्षा प्रदान करता है।

केला

केले में भी पेक्टिन होता है जो आँतों में मौजूद अधिक द्रव पदार्थ को सोखता है। इसके अलावा, केलों में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो इलेक्ट्रोलाइट्स को घटाने में मदद करता है। इसलिए बच्चों में दस्त के दौरान उन्हें केला जरूर दें।

मूंग दाल की खिचड़ी

खिचड़ी आसानी से डाइजेस्ट होने वाला पदार्थ है, जिसे आप पाने बच्चे को दस्त के दौरान दे सकती हैं। लेकिन, ध्यान रहे कि यह बिल्कुल सादी और अच्छे से पका होना चाहिए ताकि पेट को आराम मिल सके।

नमक चीनी का घोल

यह दस्त के दौरान किसी रामबाण से कम नहीं है क्योंकि, यह शरीर में एनर्जी लाने का काम करता है। इसके लिए आप, एक गिलास पानी में थोड़ी चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर बच्‍चे को पिलाएं। यह शरीर में पानी की कमी को नहीं होने देता है।

पानी देती रहें

बच्चे में दस्त के दौरान शरीर में पानी की कमी होने लगती है, इससे डीहाइड्रेशन की समस्या उत्पन्न होने लगती है। ऐसे में बच्चे को समय-समय पर पानी देते रहना चाहिए। इसके अलावा, इलैक्ट्रोलाइट घोल के घूंट भी पिलाए जा सकते हैं। नारियल पानी, इलैक्ट्रोलाइट्स का एक अच्छा स्त्रोत है।

इसके अलावा, इससे बचने के लिए आप साफ-सफाई का उचित ध्यान रखें ताकि संक्रमण का खतरा न हो।

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