गर्भावस्था के दौरान इन 5 विटामिन का सेवन ज्यादा न करें, नहीं तो हो सकता है खतरनाक !

न केवल गर्भावस्था के दौरान बल्कि आम दिनों में किसी भी चीज़ का जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। फिर चाहे वो विटामिन्स ही क्यों न हों। क्योंकि, गर्भावस्था के दौरान अधिक विटामिन्स का सेवन गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर, कई बार महिलायें विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट लेना शुरू कर देती हैं। लेकिन यही सप्लीमेंट कभी-कभी उनके लिए खतरनाक भी साबित हो जाते हैं। इसलिए इन सप्‍लीमेंट्स को लेने से पहले डॉक्‍टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

हालाँकि, डॉक्टर भी इस दौरान गर्भवती महिला को अपने आहार में प्रोटीन, विटामिन, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्‍वों का समुचित मात्रा में सेवन करने की सलाह देते हैं। ऐसे में, निचे कुछ विटामिन्स के बारे में बात की जा रही है जिसका सेवन अधिक नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें निम्न शामिल हैं-

फोलिक एसिड

अक्सर आपने सुना होगा कि गर्भवस्था के दौरान डॉक्टर सबसे पहले फोलिक एसिड के सेवन पर जोर देते हैं। लेकिन, कई बार जाने-अनजाने महिलाएं इसका जरूरत से ज्यादा सेवन कर लेती हैं जिससे कि कई तरह की परेशानी देखने को मिलती है। इसके अधिक सेवन से ज्यादातर पेट की समस्या, दस्त, नींद की समस्या, गुस्सा आने के साथ मतली की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इतना ही नहीं, एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो गर्भवती महिलाएं इसका अधिक सेवन करती हैं उनमें हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है।

आयरन

गर्भवस्था के दौरान आयरन की आवश्यकता हीमोग्लोबिन बनाने के लिए होती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तथा ऊतकों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। लेकिन, इस दौरान इसका सेवन भी अधिक मात्रा में न करें। साथ ही, कैल्शियम की अत्याधिक मात्रा भी आयरन के समाहन में बाधा डालती है। इसलिए आयरन सप्लीमेंट के साथ या भोजन के साथ कैल्शियम सप्लीमेंट नहीं लिया जाना चाहिए। जैसे कि भोजन के साथ या इसके बाद दूध नहीं पीना चाहिए।

विटामिन ए

गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में विटामिन ए का सेवन नहीं किया जाना चाहिए  क्योंकि, यह लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं कई बार यह गर्भपात की समस्या को भी उत्पन्न करता है। साथ ही कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

विटामिन सी

वैसे तो विटामिन सी गर्भवती महिला और उसके शिशु के लिए जरूरी है लेकिन अधिक मात्रा में इसका डाइट में शामिल करने से यह विटामिन हमारे शरीर में ऑक्सालेट में बदलकर यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है। अगर इसकी मात्रा बढ़ जाए तो इसको शरीर से बाहर निकाल पाना मुश्किल हो जाता है।

विटामिन बी12

विटामिन बी12 की अत्यधिक मात्रा भी फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है। इससे खुजली, दिल संबंदी बीमारी और चक्कर आने की समस्या रह सकती है। इस विटामिन की अधिक मात्रा लेने से ल्यूकेमिया होने का खतरा भी बन सकता है।

 

 

इन सब के अलावा, गर्भवस्था के दौरान ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन भी अधिक मात्रा में न करें क्योंकि, इसके अधिक सेवन से बच्चे के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सामान्य विकास के साथ हस्तक्षेप कर सकता है।

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