फॉल्स प्रेगनेंसी और इससे होने वाली परेशानियां

फॉल्स प्रेगनेंसी क्या है ? | False pregnancy kya hai?

फॉल्स प्रेगनेंसी जिसे मिथ्या गर्भावस्था के नाम से भी जानते हैं, क्योंकि इसमें महिलाओं को प्रेग्नेंट होने का आभास तो होता है लेकिन वह सच में गर्भवती नहीं होती हैं। मेडिकल भाषा में इसे स्यूडोसियोसिस भी कहते हैं, जहाँ महिलाओं को गर्भावस्था के भ्रम से गुजरना पड़ता है। हालांकि, बहुत दुर्लभ मामलों में इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है।

आमतौर पर, फॉल्स प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं में बहुत सारे लक्षण एक आम गर्भावस्था की तरह होता है, जैसे कि चक्कर आना, मतली या वजन का बढ़ना आदि। इस तरह के लक्षण को देख कर महिलाएं खुद को गर्भवती समझ बैठती हैं। जो कि एक माँ के लिए बहुत दुखद है। ऐसे में, वह महिलाएं जो इसके भ्रम से बचना चाहती हैं, वह निचे दिए गए लक्षणों को ध्यान में रख सकती हैं, जो निम्न हैं-

  • पीरियड्स का रुक जाना

  • पेट का फूलना

  • स्तनों में भारीपन

  • निपल्स के रंग में परिवर्तन

  • मतली और उल्टी की समस्या

  • वजन का तेज़ी बढ़ना

हालाँकि, कुछ मामलों में इसके कारणों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसके होने की मुख्य वजह क्या है, जिनमें निम्न शामिल हैं-

  • गर्भधारण की तीव्र इक्षा

  • सेक्स करने की इच्छा।

  • मेनोपॉज़ की स्थिति

  • बार-बार गर्भपात का होना

देखा जाए तो डॉक्टर भी अभी तक इसके कारण का पूरे तरीके से पता नहीं लगा पाएं हैं। लेकिन, डॉक्टर की ओर से इस पर रीसर्च अभी जारी है, ताकि इसके असली वजह तक पहुंचा जा सके।

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