इन 6 तरीकों से करें अपने शिशु में घमौरियों का इलाज

गर्मी का मौसम आते ही एक-एक कर के समस्याएं सामने आने लगती हैं। जिससे कि नवजात शिशु भी अछूता नहीं रहते हैं। खासकर गर्मी के दिनों में जो सबसे आम समस्या है वह है घमौरियों की। यह समस्या न केवल बड़े बच्चों में होती है बल्कि नवजात में भी यह समस्या देखी जाती है।

हालाँकि, यह समस्या गर्म और नम मौसम के कारण उत्पन्न होती है, जिसके कारण कंधों, जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों में लाल दाने निकल आते हैं। जिससे कि शरीर में काफी जलन और खुजली होती है।

गर्मी में घमौरियों की समस्या क्यों उत्पन्न होती है ?

यह बिल्कुल सच है कि इस मौसम में सबसे अधिक संक्रमण होने का खतरा रहता है। इन दिनों न केवल घमौरी की समस्या होती है बल्कि, इन दिनों में मुंहासे, सनबर्न, टैनिंग, चेहरे का झुलसना, पिगमेंटेशन आदि की समस्या इसी मौसम में सबसे अधिक होती है। ऐसे में जरा सी लापरवाही त्वचा के लिए घातक हो सकती है। इसलिए आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि आपको इन दिनों घमौरियों की समस्या होती है, जो निम्न हैं-

  • त्वचा पर पसीना जमा रहना

  • पॉलीस्टर और नायलॉन के कपड़े पहनना

  • कसे हुए टाइट कपड़े पहनना

  • शरीर में पानी की कमी

  • तेज गर्मी में घर से खाली पेट बिना पानी के निकलना

  • धुप से आकर सीधे AC कूलर में बैठना

  • तले-भूने आहार का सेवन  

ऐसे में इस समस्या से राहत पाने के लिए आप कुछ घरेलू तरीके हैं जिसका प्रयोग आप कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

दही का लेप  

आप अपने शिशु को नहाने से पहले पूरे शरीर में दही लगा कर 5 मिनट तक रहने दें। इससे उसे काफी ठंडक पहुंचेगी साथ ही घमौरियों की समस्या से भी राहत मिलेगी।

मुल्तानी मिट्टी और गुलाबजल

मुल्तानी मिट्टी और गुलाबजल का लेप भी घमौरियों से निजात दिलाने में मदद करता है। इसके लिए आप मुल्तानी मिट्टी में गुलाबजल डालकर इसका लेप तैयार कर लें और इसे शिशु के बॉडी पर लगा दें। 5 से 7 मिनट बाद बच्चे को नहला दें, इससे बच्चे के शरीर की गर्मी बाहर निकल आएगी और जलन भी कम होगा।  

बच्चे की सफाई पर ध्यान दें

गर्मी के मौसम में बच्चे की साफ-सफाई पर भी ध्यान दें। क्योंकि, छोटे बच्चे बहुत जल्दी इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए, गर्मी के मौसम में उन्हें समय से नहाएं और उन्हें साफ-सुथरा रखने कोशिश करें। इससे घमौरी होने की समस्या से राहत मिलेगी।  

बेसन और दूध

अपने नवजात को बेसन और दूध लगाकर नहलाएं,  शरीर की बहुत ही अच्छे तरीके से सफाई होती है।  

टैल्कम पाउडर

टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल घमौरियों से बचने के लिए भी किया जाता है। इसे लेकर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। कुछ डॉक्टरों का मानना है कि टैल्कम पाउडर घमौरियों से बचाने और इसके उपचार में सहायक है, वहीं कुछ अन्य का मानना है कि टैल्कम पाउडर त्वचा के रोम छिद्रों को अवरुद्ध करके इसे और गंभीर बना सकता है।

देखें कि पाउडर का शिशु पर क्या असर होता है और यदि उसे चकत्ते होने लगें, तो पाउडर का इस्तेमाल बंद कर दें और शिशु के डॉक्टर से मिलें।

चंदन पाउडर

चंदन पाउडर अपने ठंडे गुणों के लिए जाना जाता है, इसमें आप गुलाबजल मिला कर उसके बॉडी पर लेप की तरह लगा दें उसके कुछ देर बाद नहला दें। इससे घमारियों की समस्या से काफी आराम मिलता है।

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेलaapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

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