इन 4 तरीकों से करें नवजात शिशु के नाखूनों की देखभाल

नवजात में नाखूनों की देखभाल | Nawjat men nakhoono ki dekhbhal

शिशु के जन्म के साथ ही उनके देखभाल की जिम्मेदारी बढ़ जाती है, खासकर उनके साफ-सफाई की। क्योंकि, नवजात में सबसे अधिक इंफेक्शन का खतरा रहता है, इतना ही नहीं वह बीमारी की चपेट में सबसे अधिक आते हैं। इसलिए, शिशु के पूरे शरीर के साथ-साथ उसके नाखूनों की देखभाल करने की जरूरत होती है।

आमतौर पर बच्चे अपने बढ़े हुए नाखूनों से खुद को ही ज्यादा नुकसान पहुँचाते हैं, खासकर मुँह में ऊँगली लेना या फिर खुद को नाखून से चोटिल करना। ऐसे में, शिशु के नाखूनों की विशेष रूप से देखभाल करने की जरूरत होती है, निचे कुछ बातें बताई जा रही हैं, जिसको ध्यान में रखा जाना चाहिए, जो निम्न हैं-

संक्रमण का खतरा

नवजात शिशु में बड़े हुए नाखून उनके लिए संक्रमण पैदा कर सकता है, क्योंकि अधिकतर बच्चे अपने उँगलियों को मुंह में लेते हैं। जिससे कि उनके नाखून की गंदगी उनके पेट में चली जाती है, जिससे कि शिशु में इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। ऐसा इसलिए भी होता है, क्‍योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत कमजोर होती है। इसलिए बच्‍चों को बीमारियों से बचाने के लिए उनके नाखूनों को निश्चित समय पर काटते रहें।

हफ्ते में एक बार जरूर काटें नाखून

अपने नवजात शिशु को हफ्ते में एक बार नाखून जरूर काटें, क्योंकि इनके नाखून बहुत जल्दी बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, नवजात के लिए ऐसे नेलकटर्स का इस्तेमाल करें जो कि सिर्फ बच्चों के लिए बनाये गये हों।

सोने के दौरान नाखून काटें

शिशु के नाखून काटते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि जब वो सो रहा हो, तब ही उसके नाखून काटें। क्योंकि जब बच्चे जगे होते हैं तब वह बहुत ज्यादा हिल-डुल करते हैं जिससे कि काटने में परेशानी होती है। साथ ही, उनके हाँथ कटने का भी खतरा रहता है।

हांथों की देखभाल

अपने शिशु के नाखूनों को काटने के साथ-साथ उनके हांथों का भी विशेष रूप से ध्यान रखें। इसके लिए आप सेनिटाइज़र का प्रयोग कर सकती हैं, ताकि शिशु के हाँथ हमेशा साफ रहें।

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