इन 4 तरीकों से करें सिजेरियन डिलिवरी के बाद संक्रमण से बचाव

महिलाओं को न केवल गर्भावस्था के दौरान खुद को इंफेक्शन से बचा कर रखना होता है, बल्कि सिजेरियन डिलिवरी के बाद भी संक्रमण से बचा जाना चाहिए। क्योंकि, इस दौरान महिलाओं में संक्रमण होने का ख़तरा बहुत ज्यादा रहता है, और इसीलिए इस प्रकार की डिलिवरी के समय और इसके बाद, संक्रमण से बचाव के लिए बहुत सी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। खासतौर से इस समय सबसे ज्यादा इंफेक्शन टाकें वाली जगहों पर होने का रहता है। इस जगह पर होने वाले संक्रमण इस तरह से हो सकते हैं

  • बहुत अधिक दर्द होना

  • चीरे वाली जगह का लाल होना

  • उससे पस या मवाद निकलना  

ऐसे में निचे कुछ सावधानियों के बारे में बात की जा रही है जिसको ध्यान में रख कर आप इन खतरों से बच सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

चीरे वाली जगह का ध्यान रखें

सिजेरियन डिलिवरी के बाद सबसे जरूरी यह है कि आप घाव पर बारीकी से नजर रखें। साथ ही, उसे रोजाना डॉक्टर के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए साफ करें। साफ करते वक़्त इस बात का ध्यान रखें कि उस जगह को पानी से गीला न छोड़ें उसे अच्छे से सूखा लें।

तेज़ न चलें

चलते समय धीरे-धीरे चलें और सीधे खड़े रहें। साथ ही, झुकने के दौरान पेट को हाथ का सहारा दें। इसके अलावा, खांसने या छींकने के समय पेट पर तकिया या हाथ लगाकर रखें और थोड़ा सा अंदर की ओर दबाये रखें, ताकि घाव के ऊपर ज्यादा जोर न पड़े।

फाइबर युक्त आहार

सिजेरियन डिलिवरी के बाद अपने आहार में फाइबर को जरूर शामिल करें, क्योंकि इस दौरान आपको कब्ज से बच कर रहना होगा। इसके लिए आप पाने आहार में, साबुत अनाज, गाजर, चुकुन्दर, हरी सब्जियां आदि को जरूर शामिल करें। साथ ही ढेर सारे तरल पदर्थों का सेवन करें। ताकि आपको कब्ज की समस्या उत्पन्न न हो।

अधिक भार उठाने से बचें

सीजेरियन प्रसव के बाद महिला उन काम को भूल कर भी न करें जिससे पेट पर जोर पडे, अन्‍यथा टांकों के फूलने या सूजने का डर रहता है। कई बार टांके टूट भी जाते हैं जिससे कि आपकी तकलीफें बढ़ सकती हैं।

हालाँकि, इन सब के बावजूद यदि किसी महिला में चीरे वाले जगह का लाल होना, स्त्राव निकलना, दर्द बढ़ना या फिर टांकों का अलग होना ये सभी संक्रमण की निशानियां हैं। ऐसे में, इस तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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