एक उड़ान ने बदल दिया सब कुछ

चिनमयी रविंद्रा की कहानी अपने आप में अनोखी है। जब उन्होंने दूसरे बच्चे को जन्म दिया साथ जन्म दिया अपने नए स्टार्टअप को भी। नवजात बच्चे और स्टार्टअप को एकसाथ संभालना किसी चुनौती से कम नहीं था। आज के दौर घर आॅफिस और बच्चा सब संभालना औरतों को बखूबी आता है। इसपर कई सारे डिबेट भी होते हैं। कुछ औरतें ऐसी भी हैं कि माॅमप्रेनरर्स शुरू करती हैं। अपना खुद का बिजनेस शुरू करके।

कुछ ऐसा ही चिनमयी ने भी शुरू किया। उन्होंने महसूस किया कि बेबी बेयरिंग आसानी से नहीं उपलब्ध है।  अपने पति रविंद्र के साथ मिलकर उन्होंने इसकी शुरूआत की, और खुद ही बेबी स्लिंग को बनाया और बेचना शुरू किया।

सोल स्लिंग को शुरू करना तो आसान रहा मगर खुद को जमाए रखना। किसी चैलेंज से कम नहीं था। उसी के साथ एक बच्चे को किसी स्कूलिंग और घर को भी संभालना था। दूसरे बच्चे के साथ नया बिजनेस था। धीरे-धीरे घर से काम शुरू किया और लगातार दोनों को मैनेज करती रही।

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मेरा बिजनेस से कोई नाता नहीं था इसके बारे में कुछ नहीं पता था। फिर पैशीनेट थी इसके लिए, कहती हैं कि मुझे यकिन था कि मेरा प्रोडक्ट हर कोई पसंद करेगा। जैसे मैं करती हूं। उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सोल पहले भारतीय कंपनी है जिसने इंटरनेशनल क्वालिटी और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखकर स्लिंग और रैप को लांच किया। दो साल में ही ये भारत की सबसे बडी बेबी बेयरिंग ब्रांड हो गया। अभी भारत के अलावा कई देशों में इसके रीटेलर हो चुके हैं। चिनमयी का मानना है कि अपना इंटरप्राइसेस को फैमली फ्रेंडली को बनाने का मकसद है। दूसरी मां को भी मौका देना चाहती हैं। इसके अलावा अभी जो इसका हिस्सा हैं वो या तो सिंगल मदर हैं या फिर मदर हैं।

कहती हैं कि मुझे मेरी पति से बहुत मदद मिली रविंद्र ने अपने डिजाइनिंग करियर से ब्रेक लेकर मुझे मदद किया।

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बच्चे के साथ मुझे नहीं लगता मैं 9 से 5 जाॅब कर सकती हूं। पहले तो आठ महीनें सब अकेले मैनेंज करना संभव था मगर उसके बाद मुश्किल हुआ। पति की मदद से हम दोनों ने इसको बढ़ाया । नए आॅर्डर और नए तरह के कस्टमाइजेशन के साथ ही बहुत कुछ बदला। घर के पास ही आॅफिस भी है इसलिए कोई एक  बच्चों के साथ रहता है।

 

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