दूसरों के बच्चों को कैसे डिसिप्लिन सिखायें?

जब आपका बच्चा खेल के मैदान में, पार्टी के समय और सबके साथ समय व्यतीत करते हुए, दूसरे बच्चों के साथ होता है, तो अक्सर ये चुनौती आ खड़ी होती है! अगर अपने बच्चों के साथ कोई दूसरा बच्चा गलत भाषा का इस्तेमाल करे, धक्कम-धुक्का या मारपीट करे तो आप क्या करें जिससे आप अपने बच्चे को ऐसे बुरे अनुभव से दूर रख सके और उन्हें ग़लत बातें सीखने से बचा पाएँ।

1. किसी को बुली करने से या बेवजह धौंस दिखाने से रोकें :

मान लें आपका 3 साल का बच्चा क्रेओन से खेल रहा है और एक 4 साल का बच्चा उससे क्रेओन मांगता है , आपका बच्चा शेयर नहीं करना चाहता। पर बड़ा बच्चा जबरदस्ती छीन लेता है। ऐसे में बच्चे को आराम से समझाय ताकि वह इस स्तिथि में अपने ऊपर ज़ोर दिखाने वाले बच्चे से भी, बिना डरे या लड़े, आराम से दूरी बनाए या उससे आराम से बात कर, आपस में चीज़ें शेयर करे|

किस बात का ध्यान रखें : आप बिना चिल्लाए, अपना धीरज बनायें और दोनों बच्चों को डाँटने के बजाए, प्यार से बात को संभालें| क्योंकि दूसरे बच्चे को डाँटने पर आप उसके माता-पिता को नाराज़ कर सकते हैं|

इस मुश्क़िल का हल : आप दोनों को बतायें कि खेलते समय आपस में चीजें शेयर करना चाहिये और छीनना नहीं बल्कि मांग कर लेना चाहिए। खुद भी बच्चे के हाथ से कुछ न छीने और अच्छा व्यवहार करने को बोलें।

2. खेल में साथी का बुरा बरताव :

साथ -साथ खेलते समय, दूसरा बच्चा अगर आपके बच्चे से उसके सारे खिलौने छीन ले या आपके बच्चे को बोलने का, या शेयर करने का भी कोई मौका न दे।

किस बात का ध्यान रखें : आपका मन करता है ऐसे बच्चे को वापस भेजो या उसकी माँ से शिकायत करो। लेकिन जल्द-बाज़ी ना करें|

इस मुश्क़िल का हल : आप खेलने के नियम को दोनों बच्चों के सामने दोहराएँ, जैसे, इस घर में खेलते समय सबका टर्न आयेगा, सब लोग खेल की हर क्रिया में बराबर भाग लेंगे और बाद में मिल कर सफाई करेंगे। अच्छे बरताव पर चोकलेट आदि जैसी, बच्चों की मनपसंद ट्रीट्स दें। दूसरे माँ-बाप की सहमति से पहले ही तय कर लें की डिसिप्लिन बनाये रखने के लिए क्या करना है।

3. आक्रमाक तेवर होने पर :

आपके बच्चे को दांत काँटने के निशान हों या किसी बच्चे ने मारा हो।

किस बात का ध्यान रखें : उसके माँ बाप से तुरंत शिकायत करने पहुँच जाना और दूसरे बच्चे की बात बिना सुने-समझे, उसी का दोष निकालना ग़लत है|

इस मुश्क़िल का हल : छोटे बच्चों में हाथ उठाने या दांत कांटने की आदत मानो जैसे खुद-बा-खुद ही होती है| ग्रुप में अच्छा बरताव सीखाने पर ही आता है। आप टीचर को बतायें कि वो खेलते समय ध्यान रखे। और ऐसा दुबारा होने पर उसके माँ-बाप से बात करें।

4. बुरी भाषा का इस्तेमाल :

आपके 10 साल के भतीजे ने आपके 4 साल के बच्चे को गाली देना सिखा दिया।

किस बात का ध्यान रखें : अपने भतीजे से डांट-डपट और उसको ऊँची आवाज़ में भला-बुरा खुद ही सुना देना कि आपके बच्चे को उसने कोई बुरी बात सिखा दी, ये भी सही नहीं|

इस मुश्क़िल का हल : अपने भतीजे या किसी को भी (जो ऐसा कर रहा है) समझायें कि वो किसी भी बच्चे को गलत भाषा न सिखाये। अपने बच्चे को अलग से बतायें क्यों गाली/ अभद्र भाषा का इस्तेमाल हम नहीं कर सकते हैं।

हमेशा इन बातों का ध्यान रखें :

1. अपनी बिना सोचे-समझे, गुस्से में व्यक्त भावना, हाथ उठाने की इच्छा और ऊँची आवाज़ पर काबू रखें। कभी चिल्लायें नहीं और पिटाई न करें।
2. बच्चों के मिल कर खेलने से पहले ही, दूसरे माता-पिता के साथ तय कर लें कि डिसिप्लिन (अनुशासन) के लिए क्या करना है और क्या नहीं।
3. बच्चों को भी रूल्स की जानकारी पहले से ही दें।
4. छोटी-छोटी बातों को तूल न दें।
5. कभी भी किसी बच्चे को शर्मिंदा न करें।
6. बच्चे की प्रशंसा अवश्य करें। इससे बच्चे ज़िम्मेदारी का भी अनुभव करतें हैं। बल्कि कोशिश करें कि हर बच्चे को अलग-अलग कामों के लिए तारीफ करें, ताकि उनमें और भी अच्छा करने की भावना जागे।

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