क्रिसमस और बच्चों की दुनिया

  क्रिसमस में बच्चों और बड़ों दोनों को ही बड़ा उत्साह होता है। ऐसा नही है कि ये सिर्फ क्रिश्चयन समुदाय का त्यौहार हो। अब ये त्यौहार हर वर्ग और समुदाय का है। बच्चों के स्कूल और बड़ों के आॅफिस हर जगह इसको अलग-अलग तरीके से सेलीब्रेट किया जाता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि संता क्या वाकई में आता है और तोहफे देकर जाता है। बच्चों को संता की दुनिया में रहना अच्छा लगता है। बच्चों की इस झूठ पर विश्वास करने देना चाहिए या उनको इस भ्रम से बाहर लाना जरूरी है। यहां हमने जानने की कोशिश की है कि बच्चों को कहां तक इसपर विश्वास करने देना चाहिए।पैरेंटस को बच्चों को संता के बारे में बताना चाहिए?संता अगर परिवार का कल्चर और टेªडीशन है तो बच्चों को इसके बारे में जानना जरूरी है। इससे उनको अपने संस्कार और रिवाज के बारे में जानकारी रहेगी।Untitled design (46)  Image Source  बच्चों से कैसे संता के बारे में बात करनी चाहिए?अगर पैरेंटस को लगता है कि वो बच्चे को इस बारे में इंकरेज करें। तो उनको अपनी संस्कृति और सभ्यता से जोड़कर रखें तो संता क्लोज के बारे में जरूर बात करें। उनको ये बात बताएं कि वाकई में संता क्या करते हैं। उनकी क्या खासियत है इससे जु़ड़ी पुरानी कहानियां भी बताएं।पैरेंटस को झूठ बोलने के पछतावा होना?सोचें तो पता चलेगा कि आप कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं। बच्चों को पता ही नहीं होता कि सच क्या है और फैंटसी क्या है। ऐसे बच्चों के लिए संता भी एक तरह की फन स्टोरी ही है। संता असल दुनिया से एकदम अलग होता है तो बच्चे के लिए वो जादू की तरह होता है।संता के बारे में जब बच्चा सवाल करे?जब बच्चा सच्चाई और फैंटसी के बारे में सवाल करे तो उसे समझाना जरूरी होता है। बच्चा जब ये पूछे कि  संता को हकीकत है या कहानी, ऐसे में उनके पहले खुद समझने दें। बच्चा अगर थोड़ा समझदार हो गया है तो उसे बताएं संता वाकई एक कहानी है। फिर भी हम लोगों हर साल इस कहानी में जीना या यकीन करना अच्छा लगता है।  Featured Image source 
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