भूलने की बीमारी को इन 4 एक्सरसाइज से करें कम

Published On  September 27, 2016 By
"भूलने की बीमारी को एक्सरसाइज के जरिए करें कम | Bhoolne ki bimari ko exercise ke jariye karen kam "

समय के साथ जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारा दिमाग भी बदलता रहता है। खासकर 20 वर्ष की उम्र की शुरुआत में दिमाग के सेल्स कम होने लगते हैं और हमारा शरीर भी हमारी दिमागी ज़रूरत से कम कैमिकल्स बनाने लगता है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे हमारी याद्दाश्त पर इस बदलाव का असर होने लगता है।

 

हालाँकि, याद्दाश्त के कमज़ोर होने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं जैसे डीप्रेशन, बीमारियां, डिमेंशिया, एलज़ाइमर डीज़ीज़, ड्रग्स इस्तेमाल करने के साइड एफेक्ट, स्ट्रोक, सर में चोट लगना या शराब पीना। लेकिन, अपनी आदतों में सुधार करके इस समस्या से बचा जा सकता है।

 

ऐसे में, आप इन एक्सरसाइज के जरिए इस भूलने की बीमारी को दूर कर सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

 

एरोबिक व्यायाम

4280-Aerobic-Exercises-–-What-Are-These-And-How-Are-They-Helpful

एरोबिक व्यायाम करने से मेमोरी लॉस और सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारियों के शिकार लोगों की याददाश्त में सुधार होती है। 12 से 13 हफ्तों तक एरोबिक व्यायाम करने से लोगों के याददाश्त में काफी हद तक सुधार देखी गयी है। साथ ही आप एक समय में अधिक चीजों को भी याद कर पाते हैं। हालाँकि, इस शोध से यह भी पता चला है कि जिन मरीजों ने ज्यादा से ज्यादा एरोबिक व्यायाम किए हैं, उनके याददाश्त पर बहुत अच्छा प्रभाव देखने को मिला है।

 

मॉर्निंग वाक

morning-walk

सुबह-सुबह मॉर्निंग वाक पर जाने से दिमाग की कोशिकाओं में फ्रेश एयर का प्रवाह होता है जो मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे कि वह मस्तिष्क को तनाव मुक्त करता है और याददाश्त की क्षमता को बढ़ाता है।

 

मेमोरी पवार एक्सरसाइज

17598968_303

दिमाग को चुस्त-दुरुस्त रखने का सबसे आसान उपाय है दिमागी कसरत, जो आपके दिमाग को तेज ही नहीं बल्कि सोचने की क्षमता को भी बढ़ाता है। ऐसे में, कई तरह के दिमागी खेल जैसे कि पजल, सुडोकू, क्रॉस वर्ड आदि के माध्यम से यह एक्सरसाइज की जा सकती है। यह खेल मेमोरी पवार को बढ़ाते हैं, जिससे कि जगह, नाम आदि आसानी से याद रखे जा सकते हैं।

 

शारीरिक व्यायाम

640x392_80963_169424

शारीरिक व्यायाम न केवल दिमाग को तेज़ और उसे विकसित करता है, बल्कि जो व्यक्ति इसे रेगुलर करेगा वह भूलने जैसी समस्या से भी छुटकारा पा सकता है।

एक शोध में यह बात सामने आयी है कि, यदि बीमारी की शुरुआत में ही यह एक्सरसाइज किया जाए तो यह दीर्घकालिक रूप से याददाश्त खोने जैसे दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। साथ ही मरीज जल्दी स्वस्थ भी होते हैं।

 

इसके अलावा, भूलने की बीमारी का सबसे बड़ा कारण तनाव है, हाल ही में हुए एक नये शोध में यह बात सामने आयी है कि महिलाओं में तनाव के चलते भूलने की बीमारी होने का खतरा सबसे अधिक होता है। इतना ही नहीं, ज्यादा तनाव लेने से व्यक्ति की मस्तिष्क क्षमता कमजोर होने लगती है जिससे मरीज की सोचने की, याद रखने की खासकर शॉर्ट टर्म मेमोरी और सामान्य व्यवहार की क्षमता प्रभावित होती है।

 

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।