बच्चों में इन 5 कारणों से जरूरी है विटामिन डी

विटामिन डी न केवल हमलोगों के लिए जरूरी होता है, बल्कि बच्चों में भी इसकी आवश्यकता सामान रूप से होती है। क्योंकि, बच्चों के मजबूत हड्डियों के लिए विटामिन डी का होना बहूत जरूरी होता है। अक्‍सर लोग, बच्‍चों के विकास में विटामिन डी महत्ता को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विटामिन डी की कमी बच्चे के लिए जानलेवा हो सकती है।

 

हालांकि, कुछ ऐसे कारण हैं, जिसके चलते बच्चों में विटामिन डी का होना जरूरी होता है, जो निम्न हैं-

 

  • रिकेट्स से बचाव- रिकेट्स बच्‍चों में होने वाला हड्डियों का एक विकार होता है। इसमें हड्डियां बहुत कमजोर और नाजुक हो जाती हैं। जिससे कि बच्चों में विकृति और फैक्‍चर का खतरा बढ़ जाता है। हालाँकि, इस बीमारी की मुख्‍य वजह विटामिन डी की कमी होती है। ऐसे में बच्चों के शरीर में विटामिन डी का होना बेहद जरूरी होता है।

 

  • दांत और हड्डियों के लिए जरूरी- बच्चों के मजबूत दांत और हड्डियों के लिए रक्त में कैल्शियम और पौटेशियम की जरूरत होती है। क्योंकि, बच्चों का विकास बहुत तेज़ी से होता है। ऐसे में उसकी हड्डियों, रीढ़ की हड्डी और शारीरिक तंत्रों के निर्माण के लिए विटामिन डी का होना बहुत जरूरी होता है।

 

  • उल्‍टी और डायरिया से बचाव- बच्चों के आहार में पर्याप्‍त मात्रा में विटामिन डी नहीं लेने के कारण रिकेट्स का खतरा बढ़ता है, जिससे कि बच्चों में उल्‍टी और डायरिया जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है। इसके अलावा, विटामिन डी की कमी के कारण किडनी और लिवर की समस्‍यायें भी उत्पन्न हो सकती हैं।

 

  • एनीमिया से बचाव- बच्चे के शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण एनीमिया का खतरा उत्पन्न हो सकता है। क्योंकि, एक अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है कि बच्‍चों में लंबे समय तक विटामिन डी की कमी होने से एनीमिया रोग पैदा हो सकता है। इसके अलावा, जिन बच्‍चों को एनीमिया होता है उनके रक्‍त में विटामिन डी की मात्रा में कमी पाई जाती है। ऐसे में बच्चों के शरीर में विटामिन डी का होना बेहद जरूरी होता है।

 

  • मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी- कई बार बच्चे को रेंगने या बैठने में परेशानी होती है, ऐसा विटामिन डी की वजह से मांसपेशियों में कमजोरी हो सकता है। ऐसे में अपने बच्चे को स्वस्थ्य रखने के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी होता है।

 

हालाँकि, अगर बच्चे को विटामिन डी की सही मात्रा ना दी जाए तो उनके शारीरिक विकास में कई बाधाएं आ सकती हैं। ऐसे में इसे दूर करने के लिए आप नवजात के आहार में कम मात्रा में डेयरी उत्‍पाद और अंडा का पीला हिस्‍सा दें, जिसमें पर्याप्‍त मात्रा में विटामिन डी होता है।

 

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