बच्चे को मीठा खिलाने से बढ़ सकती हैं यह 6 मुश्किलें

Published On  July 14, 2016 By

हर पेरेंट्स को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि अपने बच्चे को वैसे आहार दें, जिसमें पोषण और विटामिन के गुण मौजूद हों। क्योंकि बच्चे के हेल्दी डाइट पर ही उसका विकास निर्भर करता है। लेकिन, एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि बच्चे के आहार में मीठे फ़ूड को शामिल न करें, खासकर शुरुआत के कुछ दिनों तक। क्योंकि, यदि बच्‍चे को बचपन से ही अधिक मात्रा में शक्‍कर खिलाई गई तो, उसे बचपन का मोटापा और भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी अन्य चीज़ों का सामना करना पड़ सकता है।

हालाँकि, ऐसे फल जिनमें प्राकृतिक रूप से मिठास होती है, वो आप बच्‍चे को खिला सकती हैं, क्योंकि यह बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन, वैसे आहार को देने से बचे जिसमें शक़्कर डालकर बनाया गया हो, क्योंकि इस तरह के फ़ूड बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिसमें निमन्लिखित शामिल हैं-

 

  • दांतों में सड़न- बच्चे के स्वास्थ्य के लिए ज्यादा मीठा अच्छा नहीं होता, क्योंकि इसका सीधा संबंध दांत से होता है। मीठे खाद्य और पेय पदार्थ शिशु के उभरते दांतों के लिए हानिकारक हैं। क्योंकि, बच्चे को अधिक मात्रा में मीठा खिलाने से उसके दांत शुरु से ही सड़ने लगते हैं। ऐसे में कोशिश करें कि उसे कम उम्र से शक़्कर न खिलाएं।
  • इम्‍यूनिटी सिस्टम का कमजोर होना- बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़े की तुलना में कमजोर होता है। ऐसे में सफेद शक्‍कर का ज्‍यादा सेवन करने से बच्‍चे की इम्‍यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है, जिससे कि बच्‍चों में संक्रमण और अन्‍य बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

 

  • पेट संक्रमण- अक्सर मीठे की जगह पर शहद की दिया जाता है, लेकिन एक साल से कम के शिशु के लिए ये भी हानिकारक है।  शहद में एक विशेष प्रकार का जीवाणु हो सकता है, जो एक गंभीर, मगर दुर्लभ प्रकार का पेट संक्रमण या भोजन विषाक्तता पैदा कर सकता है। इसे बॉटुलिज्म कहा जाता है।
  • हार्ट की समस्या- स्‍टडी में साफ बताया गया है कि जो माता-पिता बच्‍चों को शुरुआत से ही मीठा खिलाने की आदत डालते हैं, उन बच्‍चों को आगे चल कर हार्ट की बीमारी का रिस्‍क रहता है। ऐसे में कोशिश करें कि बच्चे को शक़्कर अधिक न दें।
  • शरीर के लिए नुकसानदायक- डिब्‍बाबंद खाना ना खरीदें क्‍योंकि उसमें सबसे ज्‍यादा चीनी होती है। चीनी मिला जूस या अन्‍य पेय पदार्थ, बिस्किट, कुकीज, जैम, जैली, टॉफी, सॉस, सीरप या सॉफ्ट ड्रिंक ना पिलाएं। क्योंकि, इस तरह के फ़ूड बच्‍चों के शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।  
  • बिमारियों का खतरा- शायद आपको पता होगा कि सफेद शक्‍कर कुछ और नहीं बल्‍कि रिफाइंड शुगर होती है, जिसमें घातक कैमिकल मिले होते हैं, जो बच्‍चों के लिये नुकसानदायक माना जाता है। क्योंकि, सफेद शक्‍कर का ज्‍यादा सेवन करने से बच्‍चे की इम्‍यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है, जिससे बच्‍चों को संक्रमण और अन्‍य बीमारियां घेरने लगती हैं।

इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि रात में सोते हुए अपने शिशु को कोई भी मीठा तरल पदार्थ न दें। साथ ही, दूध पिलाने के बाद बच्चें का मुँह अच्छे तरीके से साफ़ कर दें।

 

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