बच्चों में शुरू से तेज़ दिमाग के लिए इन 5 आईडिया को जरूर फॉलो करें पेरेंट्स

हर पेरेंट्स यह चाहते हैं कि उनके बच्चे का दिमाग शुरू से ही तेज़ हो, और वह हर कदम पर आगे हों। हालाँकि, देखा जाए तो कुछ बच्चे शुरू से ही शार्प माइंड के होते हैं, जबकि कुछ बच्चों पर थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है। खासकर उन बच्चों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है जो थोड़े सुस्त होते हैं और जिनका पढ़ाई में मन नहीं लगता है। ऐसे में, पेरेंट्स को सबसे जरूरी जो चीज़ें हैं उस पर नज़र रखनी चाहिए और वह है बच्चे की हॉबी। क्योंकि, यही एक रास्ता है जिसके जरिए आप अपने बच्चे के दिमाग को तेज़ कर सकती हैं। इसलिए, निचे कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं जिसके जरिए आपको काफी फायदा मिलेगा, जिनमें निम्न शामिल है-

अपने बच्चे को प्रोत्साहित करें

जो सबसे जरूरी बातें हैं वह है अपने बच्चे को प्रोत्साहित करें, और इसकी शुरुआत आप

फिटनेस और खेल से संबंधित एक्टिविटी के साथ कर सकते हैं। क्योंकि, इस उम्र में बच्चों को खेलना बहुत पसंद होता है। इतना ही नहीं, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे कि उनमें टीमवर्क और नेतृत्व जैसे कौशल को सीखने में मदद मिलती है।

उन्हें बचपन से ही नई-नई भाषाएँ सिखाएं

बच्चे को होशियार बनाने के लिए आपको उन्हें नई भाषा सिखाना होगा। हालाँकि, एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि बच्चों को 8 से 10 साल की उम्र से नई भाषा सीखा कर आप उसे स्मार्ट और तेज़ बना सकते हैं। इतना ही नहीं जो बच्चे एक से अधिक भाषा को सीख सकते हैं वो बिना किसी दवाब के आगे बढ़ते चले जाते हैं और बहुत सारी जानकारी को प्राप्त करना चाहते हैं।  

उन्हें एजुकेटिव गेम खेलने दें

बच्चों के दिमागी विकास और उन्हें बुद्धिमान बनाने के लिए जरूरी है कि आप उन्हें ऐसे गेम खलने के लिए दें जिससे कि उनके दिमाग का एक्सरसाइज हो। इसके लिए आप उन्हें पज़ल्स, क्रॉसवर्ड और वर्ड गेम दे सकते हैं। इसके बाद जब वो थोड़े बड़े और समझदार हों तब आप उन्हें सुडोकु सॉल्व करने या फिर चेस खेलने के लिए दें। ऐसे गेम खेलने से बच्चे को किसी भी चुनौती का सामना करने में मदद मिलती है।

मैथ्स का भी ज्ञान जरूरी

अपने बच्चे के दिमाग को शार्प करने के लिए आप उन्हें बचपन से ही मैथ्स यानि कि गणित पढ़ाएं। क्योंकि, इससे दिमाग को तेज़ करने में मदद मिलेगी।

बुक पढ़ने के लिए दें

बच्चों के दिमागी विकास के लिए किताबों का भी सहारा लिया जा सकता है। क्योंकि, ज्यादातर बच्चों को किताबें पढ़ने का शौक होता है। यह हर उम्र के बच्चों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इससे उनका वोकैबुलरी मजबूत होता है।

म्यूजिक का ज्ञान

जरूरी नहीं कि आपको गाना सुनना पसंद हो लेकिन, हो सकता है कि यह आपके बच्चे को बहुत पसंद आए। इससे उनका आक्यू लेवल स्ट्रांग होगा।

इसके अलावा, आप बच्चों के दिमागी विकास के लिए  पौष्टिक आहार की बहुत जरूरत होती है। बच्चों के खाने में हरी सब्जियां, फल, दूध, मेवे, अंडे आदि जैसे खाद्य पदार्थ दें। इसके अलावा, बच्चों को जंक फूड का सेवन कम से कम कम करने दें। इतना ही नहीं, हर रोज सुबह बच्चों को भीगे हुए बादाम की दो तीन गरियां खिलाएं, इससे दिमाग के साथ-साथ याद्दाशत में वृद्धि होगी।

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं

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