बच्चों में इंजेक्शन के दर्द से छुटकारा पाने के 6 बेहतरीन उपाय

यह बिल्कुल सच है कि जब आप शिशु को टीके लगवाते हैं तब उन्हें एक से दो दिन के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन, एक पेरेंट्स होने के नाते आपको हर टीके शिशु में सही समय पर लगवाने चाहिए। क्योंकि यह शिशु के हेल्थ के लिए काफी अच्छा होता है, इतने ही नहीं बड़े होने के बाद यह बच्चे को जानलेवा बिमारियों से भी बचाने का काम करती है।

शिशु को शुरूआती तौर पर कौन-कौन से टीके लगाए जाने चाहिए ?

आमतौर पर, शिशु में जो टीके सबसे पहले लगाए जाते हैं वह है, डिप्टथीरिया, टिटनस, पर्टुसिस (काली खांसी) (DTaP), एच.आई.बी. पोलियो, और हेपेटाइटिस बी जैसे टीके लगाए जाते हैं। ऐसे में, इन टीकों के दौरान शिशु को कफ तकलीफ होती है, लेकिन कुछ तरीकें हैं जिसके जरिए आप शिशु में इसके दर्द को कम कर सकती हैं।

शिशु में इंजेक्शन के दर्द से छुटकारा पाने के क्या उपाय हैं ?

शिशु में आप निम्न तरीके से शुई लगने के बाद दर्द को कम कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

बर्फ की मसाज

शिशु में टीके लगने के बाद उस जगह पर न केवल दर्द होता है बल्कि सूजन और लालिमा जैसी समस्या भी आ जाती है। शुई का इफ़ेक्ट इतना होता है कि बच्चे को बुखार तक आ जाती है। ऐसे में, इसके दर्द से निपटने के लिए आप टीके वाली जगह पर बर्फ की मसाज दें, इससे शिशु को काफी आराम मिलेगा। ध्यान रहे आप डायरेक्ट बर्फ का इस्तेमाल न करें बल्कि किसी सूती के कपड़े में बर्फ को डाल कर इसकी सेंक दें। आप खुद देखेंगी कि आपका बच्चा बहुत आराम महसूस करता है। हालाँकि, आप बर्फ की सेंक दिन भर में तीन से चार बार दे सकती हैं।

स्तनपान कराएं

टीके लगने के बाद होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराएं। आप अपने शिशु को स्तनपान करवाते ही टीके लगवाएं इससे उसे काफी आराम मिलेगा। क्योंकि, शायद आपको पता हो कि स्तनपान दर्द से राहत देने का एक प्रभावशाली तरीका है।

शिशु को हाँथ-पैर पटकने दें

कुछ माँ को लगता है कि टीके लगने के बाद शिशु को चुपचाप आराम से रहना चाहिए, बल्कि ऐसा नहीं है। क्योंकि, इस समय शिशु जितना अपना हाँथ-पैर यानि कि बॉडी का मूवमेंट करेगा उतना ही जल्दी इस समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा, यदि आपका बच्चा चलता है तो आप उसे सुई लगने के बाद चलने के लिए फ़ोर्स न करें क्योंकि इससे उसका दर्द बढ़ सकता है। क्योंकि, ज्यादातर वैक्सीनेशन जांघ के ऊपरी हिस्से में लगते हैं जिससे कि शिशु को अधिक दर्द होता है।

शिशु का ध्यान दूसरी ओर लगाएं

इस समय शिशु रोने के अलावा कुछ नहीं करते हैं, और ऐसे में वह माँ का दूध भी नहीं पीते हैं। इसलिए, कोशिश करें कि आप शिशु का ध्यान दूसरी ओर भटकाएं। आप उन्हें बाहर घुमाएं, उनकी पीठ सहलाएं आदि जैसी चीज़ें करें जिससे कि उन्हें आराम मिल सके।

पैरासिटामोल की खुराक दें

टीके लगने के बाद शिशु में बुखार का आना आम बात है ऐसे में इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए आप उन्हें पैरासिटामोल सिरप की एक खुराक दे सकती हैं। यह दर्द को कम करने के साथ-साथ बुखार से भी राहत देने का काम करता है। हालाँकि, यह दवा आप डॉक्टर की परामर्श से दें।

इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखें कि टिके लगने के बाद शिशु को बुखार आया है या नहीं क्योंकि, इन टीकों के बाद बुखार आना अच्छा होता है। अगर, बुखार नहीं आया है तब आप अपने डॉक्टर से बात करें कि यह दवा उसके लिए प्रभावी है या नहीं।  

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Feature Image Source: acrappymom.com

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