बच्चों में डालें ये 17 संस्कार

पेरेंट्स बच्चों को शिष्टाचार की बातों को सिखाएं। जिससे बच्चे बड़ों से बात करने में रेस्पेक्ट दें सकें और संस्कार को सीखेगें ।यहाँ बच्चों को कुछ ऐसे मैनर्स की बातें एक -एक करके बताई गयी हैं जिन्हें अभिभावक बच्चे को आसानी से सीखा सकते हैं –

  1. प्लीज :-जब कुछ पूंछ रहे हों हों तो प्लीज शब्द का प्रयोग करके कोई भी बात पूंछे।
  2. थैंक यू :- बच्चे जब कोई आपसे या कोई जब उन्हें कुछ दें तो थैंक यू जरूर बोलें।
  3. बड़े के बीच में न बोलें :- जब दो बड़े लोग आपसे में बात- चीत कर रहे हों तो बच्चे बीच में इंटरप्ट न करें अपनी कोई भी बात कहने के लिए।क्योंकि जब पेरेंट्स की बात ख़त्म हो जाएगी तो वो आपसे खुद ही बात करके आपकी बात पूंछेंगे।
  4. एक्सक्यू मी :- बच्चे जब लोगों का ध्यान  तरह करना हों या लोग उनकी बातों को सुनें उसके लिए एक्सक्यूमी वर्ड का प्रयोग करें और विनम्र तरीके से बोलें। जिससे लोग बच्चे की बात को सुन सकें।
  5. अनुमति लेना :- बच्चे जब कोई काम खेल ,खुद या बाहर जाना हो तो  सबसे पहले  अपने बड़ों से परमिशन ले कर बाहर जाये। यह बच्चे आदत बच्चे को बचपन में ही पेरेंट्स को डाल देनी  चाहिए।
  6. न पसंद का होना :-  बच्चे क्या नहीं पसंद करते हैं लोग इसमें दिलचस्पी नहीं रखते हैं। यह बातें आप तक ही सीमित हैं ,बच्चे के दोस्त और बाहर के लोगों के लिए इसका कोई फर्क नहीं पड़ता हैं ऐसी आदतों के बारे में पेरेंट्स बच्चों को सीख दें।
  7. जब कोई आपका हाल -चाल पूंछे :- बच्चे का जब कोई उनसे उनके बारे में पूंछे कैसे हो ,तो वो उनसे पूंछे की वो कैसे हैं। इससे बच्चे के लोगों से कैसे बात करें और कैसे सवाल का उत्तर दें आसानी होगा।
  8. दोस्त के पेरेंट्स को थैंक यू बोलें :-  जब आपका बच्चा अपने दोस्त के घर कुछ वक़्त बिता कर घर वापस आ रहा /रही हो ,तो दोस्त  पेरेंट्स को थैंक यू जरूर बोलें। ऐसी आदत बच्चों में अवश्य होनी चाहिए।
  9. डोर नॉक(Knock) करना :- किसी के रूम में जाने के पहले डोर को खटखटाएं अगर कोई अंदर से रेस्पॉन्स करें तभी रूम के अंदर जाए.
  10. कॉल करना :- बच्चे जब किसी को फोन करें तो सबसे पहले फ़ोन रिसीव करने वाले को अपने बारे में बताएं। उसके बाद में जिससे बात करनी हैं उसके लिए विनम्र होकर बात कराने के लिए कहें।
  11. सराहना करना :- जब आप किसी का पत्र या लेटर रिसीव करें तो थैंक यू बोले और लेटर को सुरक्षित स्थान पर रख दें। पेरेंट्स ऐसे काम के लिए बच्चे को अवशय तारीफ करें।
  12. अभद्र भाषा न बोलें :- बच्चे सामने कभी अभद्र भाषा का प्रयोग न करें। आगे चल कर वो भी ऐसा बोल सकते हैं। और साथ ही बच्चों को ऐसी बातों को सीखने से दूर रखें उन्हें अच्छी और संस्कार की बातों के बारे में बताये।
  13. किसी का मज़ाक न बनायें :- बच्चे अपने से कमजोर बच्चे को चुँगली और मज़ाक न करें। ऐसी आदतें बच्चे में होनी चाहिए कि वे अपने से कमजोर बच्चे को प्यार से मदद करे और हंसी -ख़ुशी उसके साथ खेले -कूदे।
  14. टकराना :- बच्चे रास्ता चलते वक़्त अगर गलती से किसी से टकरा जाये तो फ़ौरन excuseme बोलें या मांफ(sorry) करना बोले ।
  15. छींक आने पर :- बच्चे को जब छींक या खासी आये तो मुंह को रुमाल से ढक कर छींके या हाथ लगा sneeze करें। एवं पब्लिक प्लेस पर नाक में ऊँगली न करे।
  16. खाने के बाद मुंह को साफ करना :- बच्चे को कहने बाद नैपकिन का प्रयोग करने का मैनर्स होना चाहिए। जिससे वह अपने माउथ को क्लीन रख सकेंगे ।
  17. टेबल मैनर्स का होना :- बड़े जब आपको खाना सर्व करें। तभी खाएं आप खुद ही जल्द बाज़ी में खाना न परोसने लगे। साथ ही बड़ों के टेबल मैनर्स को देख कर फॉलो करें।

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