बच्चों के स्कूल ट्रिप जाने पर करें स्पेशल सेफ्टी

 

बच्चों को स्कूल ट्रिप पर जाने के लिए पेरेंट्स आसानी से अनुमति दे देते हैं। लेकिन क्या बच्चों को स्कूल ट्रिप पर जाने पर बच्चे कितना सुरक्षित है?इसका जबाब अगर टीचर से मांगा जाये तो आराम से मिल जाता है हर माता -पिता को। लेकिन अब सवाल ये उठता है कभी -कभी ऐसा होता है कुछ स्कूल के बच्चे ट्रिप पर जाते हैं तो खो जाते हैं।भले ही वो कितनी सुरक्षा के साथ बच्चों को ट्रिप पर ले जाते हैं ,यदि ऐसी कोई घटना किसी बच्चे के साथ घटती है तो इसके लिए कहीं न कहीं पेरेंट्स भी जिम्मेदार होते हैं क्योंकि अगर टीचर एक स्कूल के कुछ क्लास के बच्चों यानि करीबन 500 या इससे ज़्यादा बच्चों को अलग -अलग स्कूल बसों से ट्रिप पर जाते हैं। अमूमन टीचर्स की संख्या 20 या 25 ही होगी ऐसे में टीचर कितने बच्चों को देख -भाल कर सकता है। लेकिन अगर स्कूल ट्रिप के साथ पेरेंट्स शेयरिंग ट्रिप का आईडिया अपनाया जाये तो बच्चों को स्पेशल सुरक्षा दिया जा सकता है। क्योंकि हर बच्चे अपने माता -पिता के साथ रहेंगे या पेरेंट्स बच्चों को अपनी नजर में रखते हुए टीचर्स या अन्य दोस्तों के साथ बच्चों को ट्रिप का आनंद भी लेने देंगे और ख़ुशी -ख़ुशी घर वापस आ जायेंगे।

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