बच्चों के साथ जाये लखनऊ  के हिस्टोरिकल प्लेसेस पर 

 

आज के समय में हमारे बच्चों को ऐतिहासिक इमारतों और सांस्कृतिक विरासत एवं उनके महत्व के जानकारी कम मिल पा रही या यूं कहें कि उनको इस सभी के बारे में पता ही न हो।  ऐसे में हम पेरेंट्स की ये जिम्मेदारी होती है, कि बच्चे के साथ हिस्टोरिकल प्लेस विजिट का प्लान करें। ताकि बच्चे को भी अच्छी जानकारी मिल सके। पेरेंट्स बच्चों को बाहर घूमने के लिए ऐसे ऐतिहासिक जगहों पर जाये। ताकि बच्चों को प्राचीन के बातें एवं ज्ञान मिल सके। अगर बचपन से बच्चों को ऐतिहासिक इमारतों का ज्ञान जाये तो उनके बढ़ते उम्र में उनको ज़्यादा दिक्कत नहीं होगी कि उनके पढ़ाई के कोर्स में जो है वो उनको बचपन से ही याद है आइये यहाँ हम जानते हैं कुछ ऐसे ऐतिहासिक स्थल जहाँ बच्चे के साथ जा सके –

लखनऊ दर्शन :- पेरेंट्स बच्चों के साथ आराम से लखनऊ का यानि नबाबों के शहर का भ्रमण कर सकते हैं। इसके लिए आप यूपी टोरिश्म के जरिये अपना पसंदीदा पैक ले सकते हैं। लखनऊ दर्शन में पूरे लखनऊ का नज़ारा आपको देखने मिलेगा साथ ही आपके बच्चे को अच्छी ज्ञानवर्धक बातें भी सीखने को मिलेंगी। जिसमें आपको बड़ा इमामबाड़ा,छोटा इमामबाड़ा ,भूलभुलैया ,रेजीडेन्सी ,पिक्चर गैलरी ,घंटा घर ,कैसर बाग़ ,आदि ऐसे ऐतिहासिक स्थान की आनंद ले सकते हैं। आपको अपने बच्चे की साथ गाइड भी करके  इन सभी जगहों पर घूम सकते है साथ ही बच्चों को यहाँ की खूबियों का ज्ञान हो सकेगा।

lkoभूलभुलैया :- पेरेंट्स बच्चों को इस ऐतिहासिक स्थल पर जरूर लें जाएं। जिनसे उनको आज के और पुराने समय के रहन -सहन एवं इमारतों के बने हुए ईट और पत्थर के प्रयोग के बारे में जान सकेंगे। जैसा की हम जानते हैं भूलभुलैया ईमारत सीमेंट के मसालों से नही बना हुआ हैं। जो कि अनाज़ के दानों के पिसे हुए मसालों से बना हुआ।

बावली कुंआ :- लखनऊ का क्या राज है इसकी गहराई एवं महत्व के बारे में आप अपने बच्चे बता सकेंगे।

रूमी दरवाज़ा :-  रूम गेट Nawab Asaf-ud-daula.  नबाब आसफ़ -उद दौला जी ने बनवाया था सन 1784 में जो लखनऊ का में एंट्री गेट हैं। इसकी ऊंचाई एवं सुंदरता को देख कर ही अनुभव किया जा सकता हैं।

 

 

घंटा घर :-  लखनऊ घंटा घर भारत का सबसे ऊँचा घंटाघर है। जिसे 1880 में बनवाया गया था। इसे ब्रिटिश वास्तुकला के सबसे बेहतरीन lko2नमूनों में बनाया गया हैं। इसकी ऊंचाई 221 फ़ीट ऊँचे इस घंटाघर का निर्माण नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने  बनवाया था।

 

कुकरैल फारेस्ट :- यह पिकनिक स्थल के लिए सबसे अच्छा हैं। जहाँ पर बच्चों को यहाँ घड़ियाल एवं कछुअा का अच्छा नज़ारा देखने एवं सीखने को मिलता हैं।

बनारसी बाग़ चिड़िया घर :-  वैसे तो हम सभी जू या चिड़िया घर के नाम से इसे जानते हैं। लेकिन हमारे लिए एवं बच्चों के जानकारी के लिए पूरा नाम पता होना  अतिअवशक हैं। इस चिड़ियाघर में हमे अलग -अलग तरह के वन्य जीव देखने को मिलते हैं। जिनसे हमें इनके रहने खाने -पीने एवं उठने -बैठने आदि की जानकारी मिलती हैं।

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