बच्चे को कब्ज से कैसे बचायें

 कब्ज इन दिनों बच्चों में साधारण सा हो गया है ,हमारे पेरेंट्स बच्चों को कभी कष्ट में नहीं देखना चाहते है। लेकिन उनके लाख कोशिशो के बाद उनके बच्चे को कब्ज जैसी बीमारी हो जाती है। इसके लिए आपको ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है। आप इसको अपने बच्चे से दूर कर सकते हैं ,इसके लिए आपको कुछ साधारण से प्रिकॉशन्स को लेना होगा जो उनको कब्ज से बाहर निकालने में आपकी मदद करेगा। जैसा की आप सब पहले से वाक़िब होंगे की कब्ज फाइबर  और न्यूट्रिशन के  कमी के कारण होता है ,कुछ बच्चों को कब्ज आनुवंशिक होता है। यहाँ हम आपको कुछ खास और अहम प्रभावी टिप्स बता रहे हैं ,जो आपके बच्चे को कब्ज से निजात दिलाने में आपकी मदद करेगा- बच्चे पर नजर रखें -आप अपने बच्चे के बर्ताव पर नजर रखें और उसको दवा भी देती रहें। आपके बच्चे को इस समय मूंगफली या सॉफ्ट जैसा  मल का  हर रोज या हर दूसरे दिन होना जरुरी  है। इस दौरान अगर आपके बच्चे के मल में क्लॉगिंग ,मल से खून आना या पेट में दर्द है ,तो उसको डॉक्टर को तुरन्त दिखाएँ। cover

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बच्चों के लिए स्विच फार्मूला अपनाये -कब्ज आमतौर पर स्तनपान वाले शिशुओं की समस्या नहीं है ,लेकिन उनके लिए  लिए स्विच फार्मूला लागू होता है।  आप इसमें बाल रोग विशेषज्ञ से बात करके उनके बोतल की छँटाई कर सकती हैं ,उसके जगह नाशपाती का जूस शामिल कर सकती हैं।   खाने में फाइबर दें- बच्चों को फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ दें ,यह कब्ज रोकने में मदद करता है। शोध के अनुसार पता चला है की अधिकांश बच्चे खाने में पर्याप्त फाइबर नहीं लेते हैं। दिलचस्प बात यह है की फाइबर खाद्य पदार्थों में आमिर है ,आप फाइबर के रूप में ड्राई फ्रूट्स ,जूस ,राजमा आदि खाने में शामिल कर सकते हैं।childrensource पानी पीने को देंआप अपने बच्चे को पानी खूब पिलायें  फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आमिर हैं ,तो उनको पचाने के लिए पानी बहुत ही जरुरी है। न्यूयॉर्क में शोध के अनुसार पता चला है की खाने के बाद कम से कम 1 या 2 कप पानी पीना जरुरी है।    दूध पिलायें -अगर आपका बच्चा एक साल से ज्यादा  है तो आप इससे उनका पेट साफ़ रहेगा उसको कब्ज के दौरान दूध पिलाने में कटौती कर दें। क्योंकि बच्चे ज्यादा  दूध पीते हैं उनको भूख कम लगता है ,और वो फाइबर का सेवन नहीं करते।3568964_widesourceडाइट में जूस दें -आप अपने बच्चे  डाइट में जूस को बढ़ा  दे ,हालांकि सभी फलों की तुलना में जूस में जयदा फाइबर होता है  .आप अपने बच्चे को नाशपाती का जूस दिन में दे सकती हैं।   फिजिकल एक्टिविटी करवायें - आप अपने बच्चे को कुछ शारीरिक गतिविधियों में व्यस्त रखें। अगर उनको गेम नहीं पसंद है ,तो डांस करने को बोले इससे उनके पेट में मल की  वृद्धि में मदद मिलता है।   डिटॉक्स का सेवन करवायें -आप अपने बच्चे को महीने में एक बार अरंडी का तेल पिला दें, यह उनका पेट साफ़ करने में आपकी मदद करता है। इसका इस्तेमाल आप बहुत ही सूझबूझ साथ करें।
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