असल में क्या है नॉर्मल डिलीवरी

माँ बनना हर महिला के लिए बेहद ख़ुशी की  बात होती है। बच्चे के जन्म को लेकर परिवार के सभी सदस्यों को बेसब्री से इंतज़ार होता है। अब यहाँ हम बाते करते हैं कि महिला का प्रसव सामान्य तरीके से कैसे हो ?इसके लिए महिला को व्यायाम के लिए समय निकालना होगा और साथ ही घर में हल्के काम करने चाहिए जिससे महिला का नॉर्मल डिलीवरी हो सके। नॉर्मल डिलीवरी बहुत सही होता है। सामान्य प्रसव प्रक्रिया शुरू होते ही महिला को बहुत  असहनीय दर्द होता है। महिला को ऐसा कुछ महससू होता है जब उसको पहली बार माहवारी का दर्द हुआ होता है ऐसा अहसास होता। यहाँ सामान्य प्रसव को कैसे कम दर्द वाला बनाया जा सकता है उसके बारे में नीचे बता रहें हैं जिसकी मदद से डिलीवरी सेहतमंद तरीके से हो सके और जच्चा -बच्चा दोनों सलामत रह सके  –

 

महिला को किन की जरूरत होती है :

बच्चे का जन्म नार्मल हो यह महिला को पहले से प्लान कर लेना चाहिए।नॉर्मल डिलीवरी के खाने एवं पीने के लिए अनुमति होती है जब महिला को लेबर पेन होता है। वहीँ जब महिला को ऑपरेशन करके डिलीवरी कराई जाती है तो सब कुछ मना कर दिया जाता है जैसे खाना -पीना आदि। महिला को ये ध्यान देना चाहिए कि लेबर पेन के वक़्त किस रूम में ले रहें डॉक्टर टीम इसका ख्याल होना चाहिए कि ऑपरेशन रूम में या नॉर्मल रूम में ले रहें हैं। महिला को नॉर्मल डिलीवरी के बाद बच्चे का गर्भनाल काटने के बाद बच्चे को माँ के सीने से लगा कर हीट देने के लिए दे दिया जाता है। इसके बाद बच्चे को सारे और काम किया जाना शुरू कर दिया जाता है जैसे बच्चे को क्या -क्या देना चाहिए फीडिंग से लेकर सुलाने तक सभी चीजों का विशेष ध्यान रखना होता है।

 

  • नॉर्मल डिलीवरी के लिए महिला को किसी साफ जगह पर लिटा दें और नीचे के तरफ पुश करने को कहें।

  • नॉर्मल डिलीवरी के लिए महिला को समय -समय पर कुछ खाने -पीने को दिया जाता है। जिससे नॉर्मल डिलीवरी हो सके।

  • नॉर्मल डिलीवरी के समय महिला को रीढ़ की हड्डियों में बेहद दर्द शुरू होता है इसके लिए महिला को चलने के लिए कहा जाता है।

  • नार्मल डिलीवेरी के वक़्त महिला को हल्का गर्म चीजें खाने को  जाता है

  • नॉर्मल डिलीवरी के लिए महिला को नीचे के तरफ पुश करके साँस लेना चाहिए जिससे बच्चा आसानी से नीचे आ जाये।

  • नॉर्मल डिलीवरी के वक़्त महिला को वेजाइनल डिस्चार्ज होने लगता है।

  • नॉर्मल डिलीवरी के वक़्त माहवारी के दर्द जैसा अनुभव होता है।

  • नॉर्मल डिलीवरी के समय पेट में ऐठन महसूस करना।

  • कमर के नीचे दबाव से महसूस करना

  • महिला को कुछ समय पहले सिंथेटिक ऑक्सीटोसिन ड्रिप कुछ घंटे पहले दिया  जा सकता है जो कि सामान्य प्रसव के लिए कोई नुकसान देह नहीं होता है।

  • महिला को एनीमिया दे देना चाहिए जिससे  महिला को नॉर्मल डिलीवरी होने में बल दिया जा सके।

  • महिला को रीढ़ की हड्डी में एनेस्थेटिक या एपीडयूरल कमर में देने से यदि कोई तीव्र गति से मोमेंट होता है और नीचे पुश करने के लिए कहें इसी अवस्था में नॉर्मल डिलीवरी होती है।

  • नॉर्मल डिलीवरी के वक़्त योनि और anus के बीच के परत खुल जाती है जिससे बच्चा आसानी से बाहर आने लगता है ऐसी अवस्था को नॉर्मल डिलीवरी कहते हैं।

  • नॉर्मल डिलीवरी में महिला को स्टूल हो जाना सामान्य माना जाता है।

  • नॉर्मल डिलीवरी के बाद बच्चे को uv लाइट के नीचे क्लीन करके के माँ के पास तुरंत लिटा देना चाहिए सीने से चिपका कर।

Like this article?

Share on facebook
Share on Facebook
Share on twitter
Share on Twitter
Share on linkedin
Share on Linkdin
Share on pinterest
Share on Pinterest

Leave a comment